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AGR: दूरसंचार कंपनियों को राहत दे सकती है केंद्र सरकार, वोडा-आइडिया सहित एयरटेल को भी होगा फायदा

Tue, 24 Aug 2021 02:10 PM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलावाधी Updated Tue, 24 Aug 2021 02:10 PM IST
सार

केंद्र सरकार जल्द ही दूरसंचार कंपनियों को राहत दे सकती है। कंपनियों को एजीआर भुगतान के लिए 20 साल का समय मिल सकता है। 

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Narendra Modi Government May Give Relief Package To Telecom sector regarding Vodafone Idea And Airtel AGR Dues
vodafone idea airtel - फोटो : amar ujala

विस्तार

घाटे और कर्ज से गुजर रही दूरसंचार कंपनी वोडाफोन-आइडिया लिमिटेड (VIL) को सरकार की ओर से जल्द ही राहत मिल सकती है। इसके साथ ही केंद्र सरकार भारती एयरटेल को भी राहत देने की तैयारी कर रही है। दूरसंचार कंपनियों को समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) अगले 20 साल में चुकाने की छूट दी जा सकती है। 

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 इस मामले में केंद्र सरकार जरूरी प्रावधान करने के लिए कानूनी सलाह ले रही है। सरकारी अधिकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार दूरसंचार सेक्टर के लिए एक राहत पैकेज को अंतिम रूप देने में भी जुटी हुई है। कैबिनेट ने एजीआर के बकाए को चुकाने के लिए 20 साल का टाइम फ्रेम बनाने का सुझाव दिया था। उल्लेखनीय है कि शीर्ष न्यायालय ने दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को एजीआर बकाया राशि का भुगतान करने के लिए 10 साल का वक्त दिया है। यह अवधि 31 मार्च 2031 को पूरी हो रही है। 
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वोडाफोन आइडिया और एयरटेल पर इतना बकाया
वोडाफोन आइडिया पर कुल एजीआर बकाया 50,339 करोड़ रुपये है। 10 साल की समयसीमा के आधार पर कंपनी को सालाना 5,034 करोड़ रुपये का भुगतान करना है। वहीं अगर रकम चुकाने के लिए 20 साल का समय मिलता है, तो कंपनी को सालाना 2517 करोड़ रुपये चुकाने होंगे। एयरटेल पर कुल एजीआर बकाया 25976 करोड़ रुपये है। 10 साल की समयसीमा के आधार पर कंपनी को सालाना 2598 करोड़ रुपये का भुगतान करना है। वहीं अगर रकम चुकाने के लिए 20 साल का समय मिलता है, तो कंपनी को सालाना 1299 करोड़ रुपये चुकाने होंगे। 
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रिपोर्ट्स के अनुसार, वोडाफोन आइडिया के एमडी रविंदर टक्कर और अन्य अधिकारियों ने पिछले हफ्ते टेलीकॉम सेक्रेटरी अंशू प्रकाश से मुलाकात भी की है। सरकार टेलीकॉम सेक्टर को राहत पैकेज दे सकती है। मालूम हो कि दूरसंचार विभाग ने वोडाफोन आइडिया से जानकारी मांगी है कि राहत पैकेज मिलने के बाद कंपनी कैसे चलेगी।


निवेश के लिए तरस रही कंपनी
ब्रिटिश फर्म वोडाफोन समूह के सीईओ निक रीड ने 23 जुलाई को ही स्पष्ट कर दिया था कि अब वे भारतीय ज्वाइंट वेंचर (वोडा आइडिया) में एक भी रुपये का निवेश नहीं करेंगे। हाल ही में उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला ने कर्ज के दलदल में फंसी वोडाफोन आइडिया के गैर कार्यकारी निदेशक व गैर कार्यकारी चेयरमैन के पद से इस्तीफा दे दिया। 

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