{"_id":"67cef68ae895f2b89e0c6b7c","slug":"nagpur-asia-s-largest-food-processing-unit-starts-operations-in-nagpur-established-for-orange-processing-2025-03-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Patanjali: पतंजलि ने नागपुर में शुरू की संतरे की आधुनिक प्रसंस्करण इकाई, विदर्भ के किसानों को मिलेगी मदद","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
Patanjali: पतंजलि ने नागपुर में शुरू की संतरे की आधुनिक प्रसंस्करण इकाई, विदर्भ के किसानों को मिलेगी मदद
Mon, 10 Mar 2025 08:02 PM IST
मार्केटिंग डेस्क
Media Solutions Initiative
Media Solutions Initiative
Published by: मार्केटिंग डेस्क
Updated Mon, 10 Mar 2025 08:02 PM IST
सार
Patanjali: पतंजलि ने नागपुर के मिहान में संतरा प्रोसेसिंग के लिए एशिया के सबसे बड़े प्लांट की स्थापना की। ‘पतंजलि मेगा फूड एंड हर्बल पार्क’ का उद्घाटन सड़क परिवहन, राजमार्ग व जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने किया। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
विज्ञापन
उद्घाटन के दौरान मौजूद लोग।
- फोटो : amarujala.com
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पतंजलि ने नागपुर के मिहान में संतरा प्रोसेसिंग के लिए देश के सबसे बड़े प्लांट की स्थापना की। ‘पतंजलि मेगा फूड एंड हर्बल पार्क’ का उद्घाटन सड़क परिवहन, राजमार्ग व जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने किया। इस दौरान पतंजलि समूह की ओर से बाबा रामदेव और अचार्य बालकृष्ण भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
संतरा उत्पादन करने वाले किसानों के लिए वरदान साबित होगी इकाई: फडणवीस
उद्घाटन के दौरान महाराष्ट्र के सीएम देवेन्द्र फडणवीस ने हिन्दवी साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज को नमन करते हुए कहा कि हमारे इंफ्रास्ट्रक्चर मैन नितिन गडकरी, स्वामी रामदेव व आचार्य बालकृष्ण ने प्रदेश में पतंजलि के सेवा विस्तार का जो सपना देखा था वह अब भव्य रूप से साकार हो रहा है। सीएम ने कहा कि यह फूड पार्क संतरों का केंद्र बनेगा। उनकी सोर्सिंग और ग्रेडिंग भी यहीं की जाएगी। यही स्थिति कोल्ड स्टोर्स में किसानों को संतरा रखने के लिए जगह दी जाएगी। जब तक किसान चाहें संतरा कोल्ड स्टोर में रख सकते हैं और जब चाहे बेच सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह केन्द्र संतरा उत्पादन करने वाले किसानों के लिए वरदान साबित होगा। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि पतंजलि के इस अभियान में महाराष्ट्र सरकार हर संभव सहायता करेगी।
विज्ञापन
फूड पार्क स्थापित होने से किसानों में आशा कि किरण जगी: नितिन गडकरी
कार्यक्रम के दौरान नितिन गडकरी ने कहा, "मैं स्वामी रामदेव व आचार्य बालकृष्ण को धन्यवाद दूंगा कि नागपुर के मिहान में उन्होंने फलों का प्रसंस्करण करने वाले उद्योग की शुरूआत की। स्वामी रामदेव जी ने जो इनिशियेटिव लिया है, वह हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पतंजलि फूड एण्ड हर्बल पार्क, मिहान में बेहतर तकनीक लाकर स्वामी जी ने किसानों को राहत व युवाओं को रोजगार देने का सराहनीय कार्य किया है। गडकरी ने कहा कि विदर्भ में 10 हजार से ज्यादा किसानों ने आत्महत्या की है। उसका मूल कारण यहां किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य नहीं मिल पाना है। आज यहां फूड पार्क स्थापित होने से किसानों में आशा कि किरण जगी है। मुझे विश्वास है कि सरकार के प्रयासों और पतंजलि के संकल्प से विदर्भ के किसान को अब आत्महत्या के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा।"
विज्ञापन
बाबा रामदेव बोले- यह एशिया का सबसे बड़ा संतरा प्रोसेसिंग प्लांट
संतरा प्रोसेसिंग इकाई के मौके पर स्वामी रामदेव ने कहा कि नागपुर देश का एक आदर्श महानगर ही नहीं धार्मिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, औद्योगिक, सुरक्षा, समृद्धि की जगह है। उन्होंने कहा, "पतंजलि ने नागपुर में एशिया का सबसे बड़ा संतरा प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किया है। जहां लगभग 1000 करोड़ का निवेश किया जा चुका है तथा अभी 500 करोड़ और निवेश की योजना है। इस प्लांट में देश-विदेश से उच्च तकनीक युक्त मशीनें लगाई गई हैं।"
किसानों की गरीबी व कष्ट को दूर करने के लिए स्थापित हुआ प्लांट: आचार्य बालकृष्ण
कार्यक्रम में आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि नागपुर का यह संतरा प्रोसेस युनिट दृढ़ संकल्प के साथ अभाव, गरीबी व कष्ट को दूर करने के लिए स्थापित किया गया है। हमें विश्वास है कि जल्द ही यहां का स्वरूप बदल जाएगा। संतरा प्रोसेसिंग यूनिट के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान स्थानीय विधायक आशीष देशमुख, आशीष जसवाल, चंद्रशेखर बावनकुले, भाजपा के राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री शिव प्रकाश, पतंजलि फूड्स लि. के एमडी रामभरत, एनपी सिंह, प्रो. साध्वी देवप्रिया, बहन अंशुल, बहन पारूल, स्वामी परमार्थ देव के साथ विभिन्न क्षेत्रों के किसान मौजूद रहे।