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म्यूनिख सम्मेलन: प्रमुख अंतरराष्ट्रीय नेताओं से मिलीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, निवेश व सहयोग पर जोर
Mon, 16 Feb 2026 04:42 AM IST
निर्मल कांत
एजेंसी, म्यूनिख।
एजेंसी, म्यूनिख।
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 16 Feb 2026 04:42 AM IST
सार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जर्मनी के म्यूनिख में यूरोपीय केंद्रीय बैंक की अध्यक्ष क्रिस्टीन लैगार्ड और अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते, वित्तीय सहयोग, निवेश और तकनीकी साझेदारी पर चर्चा की और इसे ऐतिहासिक कदम बताया। पढ़ें रिपोर्ट-
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यूरोपीय केंद्रीय बैंक की अध्यक्ष क्रिस्टीन लैगार्ड के साथ वित्त मंत्री सीतारमण की बैठक
- फोटो : एक्स वित्त मंत्रालय
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विस्तार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जर्मनी के म्यूनिख में कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय नेताओं से मुलाकात की। इनमें यूरोपीय केंद्रीय बैंक की अध्यक्ष क्रिस्टीन लैगार्ड से भेंट कर पिछले माह अंतिम रूप दिए गए भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने समझौते को ऐतिहासिक कदम बताया।
सीतारमण ने कहा, इस समझौते के तहत 2025-26 और 2026-27 के केंद्रीय बजट प्रावधानों के अनुसार यूरोपीय संघ के बैंक भारत में चार वर्षों में 15 शाखाएं खोल सकेंगे। उन्होंने व्यापार को आसान बनाने में यूरोपीय केंद्रीय बैंक की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। वित्त मंत्री ने लिक्विडिटी एंड सस्टेनेबिलिटी फैसिलिटी की प्रमुख वेरा सोंगवे से भी मुलाकात की। बातचीत में बदलते वैश्विक माहौल के बीच उभरती अर्थव्यवस्थाओं की वित्तीय चुनौतियों और पूंजी बाजार की स्थिति पर चर्चा हुई। सीतारमण ने लिकटेंस्टाइन की प्रधानमंत्री ब्रिगिट हास से भी मुलाकात की। इस दौरान भारत में विनिर्माण, पर्यावरण अनुकूल तकनीक, कृषि उपकरण और जलवायु परिवर्तन से जुड़े क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने पर सहमति बनी।
तकनीक में सहयोग बढ़ाने पर जोर
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपनी यात्रा के दौरान प्रमुख अंतरराष्ट्रीय नेताओं से राष्ट्रीय निवेश और अवसंरचना कोष व अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण के माध्यम से निवेश के अवसरों की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने जर्मनी के उप-चांसलर और वित्त मंत्री लार्स क्लिंगबेल से मुलाकात में रक्षा, व्यापार और तकनीक में बढ़ते सहयोग पर चर्चा हुई। सीतारमण ने भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली की सफलता का जिक्र करते हुए अनुभव साझा करने की इच्छा जताई।
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ये भी पढ़ें: टॉप-10 कंपनियों में छह के बाजार पूंजीकरण ₹3 लाख करोड़ तक घटे, TCS और इंफोसिस को सबसे ज्यादा नुकसान
और बेहतर होंगे भारत-जर्मनी के संबंध: म्यूनिख सम्मेलन के दूसरे दिन विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जर्मनी की सीडीयू, सीएसयू संसदीय समूह के नेता जेन्स श्पान से भी भेंट की और भारत-जर्मनी संबंधों को गहरा करने में उनके समर्थन की सराहना की। रोमानिया की विदेश मंत्री ओआना-सिल्विया तोइउ के साथ बैठक में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय सहयोग की संभावनाओं की समीक्षा की।
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सीतारमण ने कहा, इस समझौते के तहत 2025-26 और 2026-27 के केंद्रीय बजट प्रावधानों के अनुसार यूरोपीय संघ के बैंक भारत में चार वर्षों में 15 शाखाएं खोल सकेंगे। उन्होंने व्यापार को आसान बनाने में यूरोपीय केंद्रीय बैंक की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। वित्त मंत्री ने लिक्विडिटी एंड सस्टेनेबिलिटी फैसिलिटी की प्रमुख वेरा सोंगवे से भी मुलाकात की। बातचीत में बदलते वैश्विक माहौल के बीच उभरती अर्थव्यवस्थाओं की वित्तीय चुनौतियों और पूंजी बाजार की स्थिति पर चर्चा हुई। सीतारमण ने लिकटेंस्टाइन की प्रधानमंत्री ब्रिगिट हास से भी मुलाकात की। इस दौरान भारत में विनिर्माण, पर्यावरण अनुकूल तकनीक, कृषि उपकरण और जलवायु परिवर्तन से जुड़े क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने पर सहमति बनी।
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तकनीक में सहयोग बढ़ाने पर जोर
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपनी यात्रा के दौरान प्रमुख अंतरराष्ट्रीय नेताओं से राष्ट्रीय निवेश और अवसंरचना कोष व अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण के माध्यम से निवेश के अवसरों की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने जर्मनी के उप-चांसलर और वित्त मंत्री लार्स क्लिंगबेल से मुलाकात में रक्षा, व्यापार और तकनीक में बढ़ते सहयोग पर चर्चा हुई। सीतारमण ने भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली की सफलता का जिक्र करते हुए अनुभव साझा करने की इच्छा जताई।
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और बेहतर होंगे भारत-जर्मनी के संबंध: म्यूनिख सम्मेलन के दूसरे दिन विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जर्मनी की सीडीयू, सीएसयू संसदीय समूह के नेता जेन्स श्पान से भी भेंट की और भारत-जर्मनी संबंधों को गहरा करने में उनके समर्थन की सराहना की। रोमानिया की विदेश मंत्री ओआना-सिल्विया तोइउ के साथ बैठक में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय सहयोग की संभावनाओं की समीक्षा की।