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विदेशी पर्यटकों की सुविधा के लिए जल्द शुरू होगा बहुभाषी एप, समझ सकेंगे स्थानीय भाषा
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Updated Tue, 18 Sep 2018 10:47 AM IST
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ताजमहल में विदेशी टूरिस्ट
- फोटो : अमर उजाला
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पर्यटन के जरिये रोजगार के अवसर सृजित करने वाले विदेशी पर्यटकों को भारत की स्थानीय भाषा समझने में दिक्कत नहीं हो, इसके लिए भारत सरकार एक ऐसा एप विकसित कर रही है, जिससे विदेशी भाषा बोलने वाले पर्यटक भी यहां की स्थानीय भाषा समझ सकेंगे।
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इस पर विदेश मंत्रालय सहित कई मंत्रालय काम कर रहे हैं। रेल एवं कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को यहां इंडिया टूरिज्म मार्ट (आईटीएम) की शुरुआत करते हुए यह जानकारी दी।
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उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस परियोजना में विशेष रूप से रुचि लेते हुए इस तरह का एक एप बनाने का सुझाव दिया था, जिस पर विदेश मंत्रालय ने काम शुरू दिया है। इसमें पर्यटन मंत्रालय और गृह मंत्रालय भी सहयोग कर रहे हैं।
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उनका कहना है कि ज्यादा राशि खर्च करने वाले विदेशी पर्यटकों की मांग भी कुछ अलग होती है। वे न सिर्फ दिल्ली, मुंबई या मशहूर पर्यटन स्थल घूमने जाते हैं, बल्कि दूर-दराज के पर्यटन स्थल घूमने में भी रुचि लेते हैं। कई बार देखा जाता है कि दूर-दराज के इलाकों में विदेशी भाषा बोलने वाले पर्यटकों की बात कोई नहीं समझ पाता, जिससे उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यह एप उनके लिए सहायक हो सकता है।
एप में शामिल हो सकेंगे 100 वाक्य
गोयल ने बताया कि इस एप में करीब 100 ऐसे वाक्यों को शामिल किया जा सकता है, जिसमें दैनिक बोलचाल की बातें या आपात सेवा की बातें शामिल की जा सकती हैं। कोई पर्यटक चाहे तो एप में अपनी भाषा में जानकारी पूछे, तो उसे यहां की स्थानीय भाषा के बारे में जानकारी मिल जाएगी। इससे आपात स्थिति में फंसे पर्यटकों को सहायता मिल सकती है। यदि किसी पर्यटक राजस्थान के दूर-दराज के इलाके में घूम रहा है और अचानक उसे लगता है कि उसे स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता है, तो वह इस एप के जरिये आसानी से अपनी बात स्थानीय लोगों को बता सकता है।