Biz Updates: नगालैंड में 106 करोड़ की संपत्ति जब्त, कोलकाता में 24 करोड़ की संपत्ति जब्त करने का कोर्ट का आदेश
Business News and Updates: नगालैंड स्थित प्रवर्तन निदेशालय की दीमापुर उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने भारत और दुबई में चल और अचल संपत्तियों के रूप में अपराध की आय (पीओसी) जब्त की है, जिसका मूल्य 106.20 करोड़ रुपये (लगभग) है, जो विभिन्न व्यक्तियों और फर्जी संस्थाओं से संबंधित हैं। आगे पढ़ें अन्य अपडेट्स।
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नगालैंड स्थित प्रवर्तन निदेशालय की दीमापुर उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने भारत और दुबई में चल और अचल संपत्तियों के रूप में अपराध की आय (पीओसी) जब्त की है, जिसका मूल्य 106.20 करोड़ रुपये (लगभग) है, जो विभिन्न व्यक्तियों और फर्जी संस्थाओं से संबंधित हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने बताया कि इनमें चीन से जुड़ी फर्जी संस्थाएं भी शामिल हैं, जो “एचपीजेड टोकन” एप और ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी वेबसाइटों के जरिए अपने निवेश को दोगुना करने के बहाने निवेशकों से सैकड़ों करोड़ रुपये की ठगी करने में शामिल पाई गईं।
कोलकाता की एक विशेष अदालत ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (FEOA), 2018 के तहत पुष्पेश कुमार बैद और अन्य की 24 करोड़ रुपये की विभिन्न चल और अचल संपत्तियों को जब्त करने का आदेश दिया है। इससे पहले, 3 जनवरी, 2024 को अदालत ने बैद को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया था। ईडी ने बताया कि एजेंसी ने बैंक धोखाधड़ी मामले में बैद और अन्य के खिलाफ सीबीआई, कोलकाता की ओर से दायर आठ एफआईआर और चार्जशीट के आधार पर जांच शुरू की।
दूसरी ओर, कोलकाता की एक विशेष अदालत ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (FEOA), 2018 के तहत पुष्पेश कुमार बैद और अन्य की 24 करोड़ रुपये की विभिन्न चल और अचल संपत्तियों को जब्त करने का आदेश दिया है। इससे पहले, 3 जनवरी, 2024 को अदालत ने बैद को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया था। ईडी के अनुसार एजेंसी ने बैंक धोखाधड़ी मामले के संबंध में बैद और अन्य के खिलाफ सीबीआई, कोलकाता द्वारा दायर आठ एफआईआर और चार्जशीट के आधार पर जांच शुरू की।
2019 से 'पेंशन अदालतों' में लगभग 70% मामले सुलझाए गए: सरकार
केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को राज्यसभा में बताया कि 2019 से अब तक आयोजित पेंशन अदालतों में 8,300 से अधिक मामलों का निपटारा किया गया। 2019 से अब तक पेंशन अदालतों में कुल 12,049 मामले सुनवाई के लिए रखे गए। एक लिखित उत्तर में मंत्री ने बताया कि कुल मामलों में से 8,373 (69.49 प्रतिशत) का समाधान कर दिया गया है।
उन्होंने कहा, "पेंशन अदालत, केन्द्र सरकार के पेंशनभोगियों की लम्बे समय से लंबित शिकायतों का समय पर और प्रभावी निवारण करके पेंशनभोगियों के कल्याण में सुधार लाने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधार है।" सिंह ने कहा कि पेंशन अदालत के कारण पेंशनभोगियों की शिकायतों की संख्या में काफी कमी आई है।
उन्होंने कहा कि 2019 से अब तक आठ पेंशन अदालतें आयोजित की जा चुकी हैं। मंत्री की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, 2024 में आयोजित दो पेंशन अदालतों में 403 मामले उठाए गए, जिनमें से 330 का समाधान किया गया। इसमें कहा गया है कि 2023 और 2022 में क्रमशः कुल 603 (440 का समाधान किया गया) और 1,732 (1,113 का समाधान किया गया) मामले उठाए गए।
वर्ष 2021 में कुल 3,692 मामलों में से 2,598 (70.36 प्रतिशत) का समाधान किया गया। आंकड़ों के अनुसार, 2020 और 2019 में क्रमशः 342 (319 का समाधान किया गया) और 5,277 (3,573 का समाधान किया गया) पेंशन संबंधी मामले उठाए गए।