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मूडीज का दावा: सेंसेक्स के 82000 के पार जाने की उम्मीद; बाजार में एक साल में मिल सकता है 14 फीसदी का रिटर्न
Sun, 16 Jun 2024 03:25 AM IST
शिव शरण शुक्ला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Sun, 16 Jun 2024 03:25 AM IST
सार
मूडीज की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय शेयर बाजार लगातार नई ऊंचाईयां बना रहा है। अब यह देखना है कि बाजार को भौतिक रूप से ऊपर कैसे ले जाया जा सकता है। नई सरकार में नीतिगत बदलाव होने की संभावना है।
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भारतीय शेयर बाजार (फाइल)
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
रेटिंग एजेंसी मूडीज का दावा है कि भारतीय शेयर बाजार से निवेशकों को एक साल में 14 फीसदी तक का रिटर्न मिल सकता है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स इस दौरान 82,000 के पार जा सकता है। यह भारत का अब तक का सबसे लंबा और मजबूत तेजी वाला बाजार होगा। सेंसेक्स अभी 77,000 के करीब है।
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मूडीज की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय शेयर बाजार लगातार नई ऊंचाईयां बना रहा है। अब यह देखना है कि बाजार को भौतिक रूप से ऊपर कैसे ले जाया जा सकता है। नई सरकार में नीतिगत बदलाव होने की संभावना है। इससे बाजार आश्चर्यचकित कर सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में यह दशक भारत का दशक रहेगा।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के फिर से सत्ता में आने से बाजार को अनुमान है कि नीतिगत फैसले बरकरार रहेंगे। यह फैसले आने वाले पांच वर्षों में विकास और इक्विटी रिटर्न को प्रभावित करेंगे। हमारा मानना है कि सरकार नीति को बनाए रखने के लिए वृहद स्थिरता पर ध्यान केंद्रित करना जारी रख सकती है।
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संरचनात्मक सुधारों की उम्मीद कर सकता है बाजार
रिपोर्ट के अनुसार, सरकार की निरंतरता के साथ, बाजार संरचनात्मक सुधारों की उम्मीद कर सकता है। बढ़ती जीडीपी वृद्धि के साथ मैक्रो स्थिरता को उभरते बाजारों की तुलना में भारत के बेहतर प्रदर्शन को बढ़ाना चाहिए। मूडीज ने इससे पहले 2024-25 के लिए भारत की जीडीपी विकास दर के अनुमान को संशोधित कर 6.8 प्रतिशत कर दिया था।
पांच वर्षों में सकारात्मक बदलाव होगा
पिछले दशक में महत्वपूर्ण फैसलों में नीतिगत सुधार, महंगाई घटाने पर जोर, जीएसटी कानून, दिवालियापन कोड, रेरा और कॉरपोरेट की कम कर दरों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक सुधार और बुनियादी ढांचे शामिल हैं। मोदी 3.0 के सत्ता में आने से अगले पांच वर्षों में सकारात्मक संरचनात्मक बदलाव के रूप में और भी बहुत कुछ हो सकता है।