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Moody's: भारत की राजकोषीय स्थिति में मजबूती बरकरार, मूडीज ने कहा- राजस्व में और उछाल की उम्मीद
Tue, 22 Nov 2022 06:17 PM IST
विवेक दास
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विवेक दास
Updated Tue, 22 Nov 2022 06:17 PM IST
सार
Moody's: मूडीज ने इस महीने की शुरूआत में 2022 के लिये भारत की आर्थिक वृद्धि के अनुमान को 7.7 प्रतिशत से घटाकर 7.0 प्रतिशत कर दिया। साथ ही 2023 में इसके घटकर 4.8 तथा 2024 में बढ़कर करीब 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है।
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मूडीज रेटिंग
विस्तार
साख तय करने वाली और शोध कंपनी मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस ने मंगलवार को कहा कि भारत के लिये राजकोष के स्तर पर धीरे-धीरे मजबूती का रुख बरकरार है और आने वाले समय में राजस्व के साथ कर्ज के स्थिर होने के मामले में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
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मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष क्रिश्चियन डी गुजमैन ने कहा कि भारत की ‘बीएए3’ साख अपेक्षाकृत उच्च आर्थिक वृद्धि और उभरते बाजारों में अत्यधिक कर्ज की स्थिति को संतुलित करती है। भारतीय कंपनियों के कर्ज में कमी की स्थिति देश की मजबूत वित्तीय प्रणाली की ओर इशारा करती है।
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उन्होंने मूडीज के ‘ऑनलाइन’ आयोजित कार्यक्रम ‘सॉवरेन डीप डाइव’ में कहा, ‘‘हमारा अनुमान है कि भारत अगले साल जी-20 में तीव्र आर्थिक वृद्धि हासिल करने वाला देश होगा। हालांकि उच्च महंगाई दर देश की वृद्धि दर के रास्ते में रोड़ा है, क्योंकि मुद्रास्फीति से परिवार और कंपनियों की क्रय शक्ति कम होगी।"
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मूडीज ने इस महीने की शुरूआत में 2022 के लिये भारत की आर्थिक वृद्धि के अनुमान को 7.7 प्रतिशत से घटाकर 7.0 प्रतिशत कर दिया। साथ ही 2023 में इसके घटकर 4.8 तथा 2024 में बढ़कर करीब 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2021 में 8.5 प्रतिशत रही थी।
रेटिंग एजेंसी ने जी-20 अर्थव्यवस्थाओं की वृद्धि दर 2023 में घटकर 1.3 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। यह पूर्व में जताये गये 2.1 प्रतिशत के अनुमान से काफी कम है।
गुजमैन ने कहा कि राजकोषीय स्थिति में आगे और सुधार तथा उम्मीद के विपरीत राजकोषीय मजबूती से कर्ज में उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे भारत के लिये रेटिंग के मामले में स्थिति सकारात्मक होगी।
उल्लेखनीय है कि मूडीज ने पिछले साल अक्टूबर में भारत के साख परिदृश्य को ‘नकारात्मक’ से ‘स्थिर’ श्रेणी में रखते था। उसने भारत की बीएए3 साख को भी बरकरार रखा था। यह निम्न निवेश स्तर की रेटिंग है और खराब दर्जे से सिर्फ एक पायदान ऊपर है।
गुजमैन ने कहा, ‘‘...राजस्व के स्तर पर प्रदर्शन अपेक्षाकृत मजबूत है। हमारा मानना है कि राजकोषीय मजबूती की स्थिति बनी रहेगी। साथ ही कर्ज के मामले में भी स्थिति स्थिर होगी और इसमें फिर से उछाल की आशंका नहीं है।’’
मूडीज का कहना है कि देश का कर्ज-जीडीपी अनुपात 2022 के अंत में 84 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले अधिक है।