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इस साल सामान्य रहेगी मानसून की चाल, 1 जून को केरल में दे सकता है दस्तक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 28 Apr 2018 04:14 PM IST
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इस साल दक्षिणी पश्चिमी मानसून केरल में एक जून तक पहुंचेगा। मौसम एजेंसी स्काईमेट वेदर ने अपने मौसम पूर्वानुमान में यह दावा किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक यह मानसून आने का सामान्य समय है। वहीं इसमें पांच दिन पहले या पांच दिन बाद का अंतर संभव है।
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इससे पहले स्काईमेट ने इस साल सामान्य मानसून और 100 फीसदी बारिश की घोषणा की थी। यानी एक जून से 30 सितंबर के बीच मानसून के चार महीने में देश में 887 मिमी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने भी सामान्य मानसून और 97 फीसदी बारिश की घोषणा की थी। स्काईमेट के मुताबिक केरल से चार पांच दिन पहले मानसून अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह पहुंच जाएगा।
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47 साल में सिर्फ तीन बार वक्त पर आया मानसून
सामान्य रूप से केरल में मानसून पहुंचने की तारीख एक जून मानी गई है, लेकिन 1971 से देखें तो, मानसून का देरी या समय से पूर्व आगमन होता रहा है। 47 साल में सिर्फ तीन साल 1980, 2000 और 2013 में मानसून एक जून को आया है। वहीं 2004 में 18 मई को ही मानसून आ गया था। जबकि 1972 में 18 जून को केरल में पहली बारिश हुई। हालांकि मानसून आने के वक्त का ज्यादा या कम बारिश से कोई संबंध नहीं है।
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आंध्र प्रदेश में 13 घंटे में 36749 बार गिरी बिजली
आंध्र प्रदेश के उत्तरी तट पार अमूमन मानसून से पहले बिजली गिरने की घटनाएं होती रहती हैं। पर राज्य आपदा प्रबंधन विभाग का दावा है कि पिछले हफ्ते यहां रिकार्ड संख्या में बिजली गिरी। मंगलवार को 13 घंटे के भीतर 37 हजार बार बिजली गिरी। इसमें नौ लोगों की मौत हो गई।
विशेषज्ञों के मुताबिक 200 किलोमीटर के क्षेत्र में फैले बादल के चलते ज्यादा बिजली गिरी। जबकि बादल औसतन 15-16 किलोमीटर क्षेत्र में सीमित रहता है। ग्लोबल वार्मिंग भी बिजली ज्यादा गिरने का एक कारण है।