अब मोबाइल ऑपरेटर बदलना हुआ आसान, खर्च करने होंगे केवल इतने रुपये
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अब मोबाइल नंबर को एक ऑपरेटर से दूसरे ऑपरेटर में बदलने के लिए लोगों को कम समय और पैसा खर्च करना पड़ेगा। दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने नंबर को पोर्ट कराने के लिए लगने वाले दिनों को 15 दिन से घटाकर दो व चार दिन कर दिया है।
इसके साथ ही पोर्टिंग शुल्क भी घटकर 19 रुपये से केवल चार रुपये लगेंगे। ट्राई के मुताबिक पोर्टिंग शुल्क बहुत ज्यादा थी और उस अनुपात में ट्रांजेक्शन काफी कम। ट्राई ने इस विषय पर आम लोगों और स्टेकहोल्डर से जवाब मांगे थे।
2009 में फिक्स किया था ये चार्ज
ट्राई ने नवंबर 2009 में 19 रुपये पोर्टिंग चार्ज फिक्स किया था जब सरकार ने मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) शुरू की थी। तब एमएमनपी केवल सर्किल में लागू थी। जुलाई 2015 में केंद्र सरकार ने इसको बढ़ाकर के पूरे देश में लागू कर दिया गया था। इसके बाद एमएनपी कराने वाले कस्टमर की संख्या में उछाल देखने को मिला था। ट्राई ने इस शुल्क को 19 रूपये से घटाकर चार रुपये करने का प्रस्ताव दिया था।
इतनी हो गई संख्या
2010-11 में जहां 64 लाख लोगों ने एमएनपी सेवा का इस्तेमाल किया था, वहीं 2014-15 में यह बढ़कर 3.68 करोड़ हो गए। साल 2016-17 में यह आंकड़ा 6.36 करोड़ हो गया।
इन राज्यों में नहीं मिलेगी सुविधा
हालांकि नंबर को 15 दिन में पोर्ट कराने की सुविधा जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर राज्यों में लागू रहेगी। अब एक ही सर्किल में दो दिन में और अन्य सर्किल में मोबाइल नंबर चार दिन में पोर्ट हो जाएगा।
इस तरह से करा सकते हैं नंबर को पोर्ट
अगर कोई ग्राहक अपने पुराने नंबर को नए ऑपरेटर में पोर्ट कराना चाहता है तो फिर उसको मोबाइल के मैसेज बॉक्स में जाकर के PORT
इसके बाद आपका मोबाइल नंबर नए ऑपरेटर पर चालू हो जाएगा। देश में जो प्रमुख मोबाइल ऑपरेटर कंपनियां हैं उनमें बीएसएनएल, वोडाफोन-आइडिया, रिलायंस जियो, भारती एयरटेल प्रमुख हैं।