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Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Ministry of Fisheries, Animal Husbandry and Dairying said May import dairy products only if situation warrants

Dairy Products: जरूरत पड़ने पर ही डेयरी उत्पादों का कर सकते हैं आयात, सरकार ने बढ़ती मांग के बीच दी मंजूरी

Fri, 07 Apr 2023 12:29 PM IST
देव कश्यप एएनआई, नई दिल्ली।
एएनआई, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Fri, 07 Apr 2023 12:29 PM IST
सार

सरकार ने माना कि डेयरी क्षेत्र में कोविड-19 महामारी के बाद मुख्य रूप से बढ़ी हुई मांग के कारण पौष्टिक, सुरक्षित और स्वच्छ दूध और दुग्ध उत्पादों की मांग और आपूर्ति के बीच अंतर देखा गया है।

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Ministry of Fisheries, Animal Husbandry and Dairying said May import dairy products only if situation warrants
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : ANI

विस्तार

गर्मी की मांगों को पूरा करने के लिए डेयरी सहकारी समितियों की मदद करने के लिए भारत फैट और पाउडर जैसे डेयरी उत्पादों का जरूरत पड़ने पर आयात कर सकता है। मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की ओर से गुरुवार शाम जारी एक विज्ञप्ति में यह बात कही गई है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि आयात की जरूरत होने पर सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इसे केवल अपनी एजेंसी राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के माध्यम से भेजा जाए और उचित मूल्यांकन के बाद जरूरतमंदों को बाजार मूल्य पर स्टॉक दिया जाएगा।

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हालांकि, सरकार ने माना कि डेयरी क्षेत्र में कोविड-19 महामारी के बाद मुख्य रूप से बढ़ी हुई मांग के कारण पौष्टिक, सुरक्षित और स्वच्छ दूध और दुग्ध उत्पादों की मांग और आपूर्ति के बीच अंतर देखा गया है।
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यह मामला सांसद शरद पवार द्वारा पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला को लिखे गए एक पत्र के बाद आया है। शरद पवार ने पत्र में संभावित आयात पर एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला दिया है, जिसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार का कोई भी फैसला पूरी तरह से अस्वीकार्य होगा क्योंकि इन उत्पादों के आयात से घरेलू दुग्ध उत्पादकों की आय पर सीधा असर पड़ेगा।
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पवार ने एक ट्वीट में मंत्री के साथ अपने पत्र और उनके द्वारा संदर्भित समाचार लेख को संलग्न करते हुए कहा कि डेयरी किसान हाल ही में अभूतपूर्व कोविड-19 संकट से बाहर आए हैं और इस तरह के निर्णय से डेयरी क्षेत्र के पुनरुद्धार की प्रक्रिया गंभीर रूप से बाधित होगी। कृपया मेरी चिंता पर ध्यान दिया जाए। मुझे खुशी होगी अगर इस मामले पर गौर किया जाएगा और मंत्रालय दुग्ध उत्पादों के आयात के लिए कोई भी निर्णय लेने से खुद को रोके।

मंत्रालय की विज्ञप्ति में कहा गया है कि बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए और इस तथ्य पर विचार करते हुए कि आगामी गर्मी के मौसम में दूध की आपूर्ति कम हो सकती है। मिल्क फैट और मिल्क पाउडर के आयात के लिए कई डेयरी सहकारी समितियों ने मांग की थी। उनकी मांगों को देखते हुए भारत सरकार के साथ एनडीडीबी मांग और आपूर्ति की स्थिति की निगरानी कर रहा है। चूंकि आयात की प्रक्रिया में समय लगता है, इसलिए किसी भी आकस्मिकता की स्थिति में स्थिति को समय पर प्रबंधित करने के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं की जा रही हैं।


सरकार के अनुसार प्रारंभिक तैयारी, यह सुनिश्चित करेगी कि बाजार में स्थिति खराब न हो और भारत के डेयरी किसान के हितों की रक्षा की जाए, जो सरकार द्वारा लिए गए किसी भी निर्णय के लिए सर्वोपरि और केंद्रीय है।

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