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Cryptocurrency: क्या है क्रिप्टोकरंसी का गणित, पिछले बजट के बाद क्या-क्या बदला, कैसा रहेगा क्रिप्टो का भविष्य?

Wed, 01 Feb 2023 03:51 PM IST
हिमांशु मिश्रा स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Wed, 01 Feb 2023 03:51 PM IST
सार

इस साल के बजट में भी क्रिप्टोकरंसी को लेकर बड़े एलान होने की संभावना थी। हर किसी की नजर क्रिप्टो पर होने वाले सरकार के एलान पर टिकी थी। हालांकि, केंद्रीय वित्त मंत्री के भाषण में इसका जिक्र तक नहीं हुआ। 

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mathematics of cryptocurrency, what changed after the last budget, how will be the future of crypto?
बजट 2023 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 2023-24 का बजट पेश कर दिया है। इस बजट पर 140 करोड़ की आबादी वाले भारत के साथ-साथ दुनिया के कई बड़े मुल्कों की नजर थी। भारत अब दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। यही कारण है कि यहां की नीतियों का असर दुनिया के अन्य देशों पर भी पड़ता है। 
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पूरी दुनिया में डिजिटल करेंसी और क्रिप्टो करंसी का चलन बढ़ा है। पिछले साल बजट के दौरान भारत सरकार ने भी क्रिप्टोकरंसी पर टैक्स लगाने का एलान किया था। मतलब सरकार ने एक तरह से क्रिप्टोकरंसी के भारत में बढ़ते चलन को स्वीकार कर लिया था। 
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इस साल के बजट में भी क्रिप्टोकरंसी को लेकर बड़े एलान होने की संभावना थी, हालांकि, वित्त मंत्री के भाषण में इसका जिक्र तक नहीं हुआ। 

पिछले बजट में क्रिप्टो को लेकर क्या-क्या एलान हुए थे?
2022 में बजट के दौरान सरकार ने क्रिप्टोकरंसी से होने वाले मुनाफे पर 30 फीसदी का टैक्स लगाया था। मतलब बिटकॉइन या फिर किसी और क्रिप्टोकरंसी से अगर किसी को एक लाख का मुनाफा होता है तो उसे 30 हजार रुपये टैक्स के तौर पर चुकाने पड़ते हैं। इतना ही नहीं, क्रिप्टोकरंसी पर एक फीसदी टीडीएस भी लगा दिया गया था। 

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान निर्मला सीतारमण ने साफ किया था कि उन्होंने क्रिप्टोकरंसी पर एक फीसदी का टीडीएस इसलिए लगाया है ताकि क्रिप्टो की दुनिया में हो रहे ट्रांजेक्शन पर नजर रखी जा सके। दरअसल, अभी क्रिप्टोकरंसी के रेगुलेशन की कोई व्यवस्था नहीं बन सकी है, ऐसे में टीडीएस का इस्तेमाल किया जा रहा है।

टीडीएस से ऐसे क्रिप्टो की हो रही निगरानी
टीडीएस यानी टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स। इसके जरिए सरकार क्रिप्टो के लेनदेन पर नजर रख रही है। मसलन अगर आपने क्रिप्टो बेचकर एक लाख रुपये का मुनाफा कमाया है तो उसके आपके बैंक खाते में आते ही उसमें से एक फीसदी टीडीएस के तौर पर काट लिए जाते हैं। इसके बाद आपको अपने मुनाफे पर 30 फीसदी का टैक्स भी चुकाना पड़ता है। लेकिन एक फीसदी टीडीएस के चलते सरकार को पता चल जाता है कि आपने क्रिप्टो में कितना लेनदेन किया है और आप पर कितनी टैक्स देनदारी बनती है? 
 
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सरकार ने अभी क्रिप्टो को करंसी नहीं माना है
पिछले साल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ कहा था कि क्रिप्टो कोई करंसी नहीं है। उन्होंने कहा था कि किसी भी करंसी को तभी करंसी माना जाता है, जब वह केंद्रीय बैंक की तरफ से जारी की जाए। इसके अलावा बाकी सब करंसी नहीं हैं, जिसमें क्रिप्टो भी आती है। क्रिप्टोकरंसी को केंद्रीय बैंक नहीं जारी करता, बल्कि इसे इंडिविजुअल्स बनाते हैं। उन्होंने कहा था कि क्रिप्टो के रेगुलेशन की व्यवस्था भी होगी, लेकिन रेगुलेशन आने तक क्रिप्टो से मुनाफा कमाने वालों पर टैक्स लगाने के लिए इंतजार नहीं किया जा सकता है।

और फिर बढ़ गया क्रिप्टो का कारोबार
नैस्डैक और Ycharts के आंकड़ों के अनुसार साल 2022 में क्रिप्टो का कारोबार 338 प्रतिशत बढ़ गया। भारत सरकार ने साल 2022 में क्रिप्टो पर टीडीएस से 60.46 करोड़ रुपये की कमाई की। संसद में एक सवाल के जवाब में केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने ये जानकारी दी। आने वाले समय में क्रिप्टो कारोबार और अधिक बढ़ने की उम्मीद है। 

इस साल बजट में क्या हो सकता है? 
आर्थिक मामलों के जानकार प्रो. प्रह्लाद कहते हैं कि इस साल क्रिप्टो को विनियमित किया जा सकता है। इसके लिए रूल्स एंड रेगुलेशन जारी किए जा सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो क्रिप्टो के कारोबार में जबरदस्त इजाफा देखने को मिल सकता है। प्रो. प्रह्लाद के अनुसार, रेगुलेशन आने के बाद क्रिप्टो पर टीडीएस या तो कम हो सकता है या फिर खत्म किया जा सकता है। टैक्स में कटौती की भी काफी उम्मीद है लोगों को। 

कॉइनएक्स के संस्थापक पुनीत अग्रवाल के अनुसार अगर 2023 के बजट में क्रिप्टो निवेशकों के लिए एक बेहतर और अधिक अनुकूलित कर व्यवस्था की घोषणा की जा सकती है। अग्रवाल के अनुसार भारत ने पिछले एक साल में कई बार क्रिप्टो से संबंधित एक नियामकीय ढांचे की बात कही है। भारत की अध्यक्षता में आयोजित जी 20 शिखर सम्मेलन में भी विशेष रूप से निगमित और गैर निगमित बाजारों पर चर्चा होनी है। हालांकि कॉइनएक्स के संस्थापक मानते हैं कि ना केवल नियामकीय ढांचे क्रिप्टो निवेशकों के लिए एक आसान टैक्स ढांचे की भी बाजार अपेक्षा रखता है।

अगर बजट के दौरान सरकार की ओर से ऐसी कोई घोषणा की जाती है तो इससे क्रिप्टो बाजार में नए निवेशक आकर्षित होंगे। इसके अलावे इस बार के बजट में सरकार क्रिप्टो के लेनेदेन पर लगने वाले टीडीएस में कमी की भी उम्मीद कर रही है।

जेबपे के सीईओ राहुल पगीदिपति के अनुसार वर्ष 2022 Web3 और क्रिप्टोकरेंसी बाजार के लिए अहम साल रहा। नया और गैरआजमाया हुआ बाजार होने के बावजूद बीते साल भारत में क्रिप्टो बाजार में तेज वृद्धि दिखी। क्रिप्टो में निवेश करने वालों की संख्या लगातार बढ़ी है। FICCI की एक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2032 तक Web 3.0 और ब्लॉकचेन भारत की जीडीपी में 1.1 ट्रिलियन डॉलर की राशि जोड़ सकता है। 
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