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मार्केट की कहानी: बाजार से जुड़ी कहानियां कैसे निवेश के रुझान तय करती हैं?
Fri, 12 Sep 2025 02:49 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Fri, 12 Sep 2025 02:49 PM IST
सार
शेयर बाजार केवल कंपनियों की कमाई नहीं, बल्कि आशा, नवाचार और कथाओं का भी मंच है। जब कोई सेक्टर आर्थिक परिदृश्य में नायक बनता है, तो वह तेजी से उभरता है और खुद को जनरेशन चेंजर साबित करता है। हाल ही में रक्षा क्षेत्र और सेमीकंडक्टर कंपनियों ने इसी तरह निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया। लेकिन थीमैटिक निवेश हमेशा स्थायी नहीं होता। आइए इस बारे में विस्तार से जानें
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म्यूचुअल फंड
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
शेयर बाजार एक विशाल रंगमंच की तरह है। यहां कंपनियां केवल कमाई ही नहीं आशा और नवाचार का भी संचार करती हैं। जब कोई सेक्टर आर्थिक परिदृश्य में नायक की भूमिका निभाता है, तो वह तेजी से उभरता है, मुख्य सूचकांकों को पीछे छोड़ते हुए खुद को एक ‘जनरेशन चेंजर’ के रूप में साबित करता है। ऐसे समय में खुदरा निवेशकों की एक बड़ी संख्या भी उस सस्पेंस और उम्मीद के साथ आगे बढ़ती है। यह कहना है आईसीआईसीआई प्रुडेंशियल थिमेटिक एडवांटेज फंड (एफओएफ) के म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर संदीप पांडेय का।
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संदीप ने बताया कि हाल ही में रक्षा क्षेत्र को लेकर जो उत्साह देखने को मिला, वह ध्यान खींचता है। कई स्मॉल कैप कंपनियों के शेयर अचानक ऊंचाइयों तक पहुंच गए। ऐसा मजबूत बैलेंस शीट, सामूहिक विश्वास और मीडिया की ओर से बुनी गई कहानियों के कारण संभव हुआ। इससे पहले सेमीकंडक्टर (Semiconductor) कंपनियों ने भी निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया था।
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लेकिन ध्यान रहे, ये थीमैटिक रुझान हमेशा स्थायी नहीं होते। समय का सही चुनाव निवेश का मूलमंत्र होता है। अगर समय पर सही थीम में निवेश करें, तो लाभ हासिल कर सकते है; लेकिन देर से आने पर वहीं लहर उल्टी दिशा में नुकसान भी पहुंचा सकता है। एक बार जब चमक फीकी पड़ जाती है, तो ऐसे शेयर पूंजी बाजार के किसी कोने में भुला दी जाती है और केवल केवल यादें रह जाती हैं।
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फिर भी, थीमैटिक निवेश को पूरी तरह नकारना बुद्धिमानी नहीं होगी। अगर समझदारी से और गहराई से इसका उपयोग किया जाए, तो यह अल्फा जनरेट करने का एक शक्तिशाली तरीका बन सकता है। इसके लिए केवल अंतर्ज्ञान नहीं चाहिए, बल्कि व्यापक आर्थिक रुझानों को पढ़ने की समझ, वैल्यूएशन का गहरा ज्ञान और भावनाओं से ऊपर उठकर निवेश का अनुशासन चाहिए। थीम यानी एक विचार या ट्रेंड से जुड़े सेक्टर और स्टॉक्स का समूह होता है।
पिछले दशक में बैंक सेक्टर पांच बार, फार्मा सेक्टर तीन बार और ऑटो सेक्टर केवल एक बार रुझानों की अगुवाई कर पाया। अगली बड़ी लहर को पहचानना कोई आसान काम नहीं। यही कारण है कि थीमैटिक म्यूचुअल फंड्स निवेशकों के लिए स्थिरता और सहजता लेकर आते हैं। अनुभवी प्रबंधकों के मार्गदर्शन में ये फंड्स एक दृष्टिकोण अपनाकर व्यापक मैक्रोइकॉनॉमिक ट्रेंड्स को समझते हैं और पोर्टफोलियो को समय-समय पर री-बैलेंस करते हैं। साथ ही, फंड ऑफ फंड संरचना में टैक्स की अतिरिक्त सुविधा भी होती है। जैसे दो वर्षों बाद लांग-टर्म कैपिटल गेन पर सिर्फ 12.5% टैक्स। ऐसे में, ये फंड न केवल एक्सेस प्रदान करते हैं, बल्कि निवेशकों को संतुलित मार्गदर्शन भी देते हैं।
जुलाई 30, 2025 तक इस फंड ने एक साल में 8.23% रिटर्न दिया है। इसके साथ तीन वर्षों में सीएजीआर 20.68% और पांच वर्षों में प्रभावशाली 26.08% का रिटर्न रहा है। शेयर बाजार में जहां हर कोई आंकड़ों को देखता है, वहीं समझदार निवेशक उन कहानियों को पढ़ता है जो भविष्य को आकार देती हैं। सही थीमैटिक फंड में निवेश, एक सुविचारित रणनीति के तहत आप आर्थिक बदलावों का लाभ उठा सकते हैं।