{"_id":"68694e6ba4d957a15b0c1e86","slug":"market-manipulation-is-not-going-to-be-tolerated-sebi-chairman-tuhin-kanta-pandey-2025-07-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"SEBI: जेन स्ट्रीट ग्रुप पर सेबी का एक्शन, अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे बोले- शेयर बाजार में हेरफेर बर्दाश्त नहीं","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
SEBI: जेन स्ट्रीट ग्रुप पर सेबी का एक्शन, अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे बोले- शेयर बाजार में हेरफेर बर्दाश्त नहीं
Sat, 05 Jul 2025 09:40 PM IST
पवन पांडेय
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: पवन पांडेय
Updated Sat, 05 Jul 2025 09:40 PM IST
सार
सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडे के अनुसार, भारतीय शेयर बाजार में पारदर्शिता और निष्पक्षता को बनाए रखना बोर्ड की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और कंपनियों को भी चेतावनी दी गई है कि वे नियमों का पालन पूरी ईमानदारी से करें, अन्यथा कार्रवाई तय है।
विज्ञापन
तुहिन कांत पांडे, सेबी चेयरमैन
- फोटो : ANI
विस्तार
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने साफ शब्दों में कहा है कि शेयर बाजार में किसी भी तरह की हेरफेर को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह बयान उन्होंने न्यूयॉर्क स्थित हेज फंड जेन स्ट्रीट ग्रुप पर अंतरिम कार्रवाई के एक दिन बाद दिया। सेबी ने इस अमेरिकी निवेश समूह को शेयर बाजार में गड़बड़ी फैलाने और डेरिवेटिव सेगमेंट में गलत मुनाफा कमाने के आरोप में 4,843 करोड़ रुपये लौटाने का आदेश दिया है। यह सेबी की तरफ से अब तक का सबसे बड़ा जुर्माना माना जा रहा है।
यह भी पढ़ें - Report: आय समानता मामले में भारत का नया कीर्तिमान; अत्यधिक गरीबी भी घटी, 17.1 करोड़ भारतीय इससे बाहर निकले
'बाजार की निगरानी अब और सख्त की गई'
सेबी प्रमुख ने बताया कि बाजार की निगरानी अब और सख्त कर दी गई है, न सिर्फ सेबी की ओर से बल्कि स्टॉक एक्सचेंज स्तर पर भी। जब उनसे पूछा गया कि क्या अन्य विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) में भी इसी तरह के पैटर्न देखे गए हैं, तो उन्होंने दो टूक जवाब दिया, 'हम इतना ही कह सकते हैं कि बाजार में हेरफेर को बिल्कुल भी सहन नहीं किया जाएगा।' सेबी के शुक्रवार के आदेश में जेन स्ट्रीट ग्रुप की चार कंपनियां - जेएसआई इन्वेस्टमेंट्स, जेएसआई2 इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड, जेन स्ट्रीट सिंगापुर पीटीई लिमिटेड और जेन स्ट्रीट एशिया ट्रेडिंग को आगे की जांच पूरी होने तक बाजार में ट्रेडिंग से रोक दिया गया है।
विज्ञापन
चार्टर्ड अकाउंटेंट्स से की अहम अपील
मुंबई में बॉम्बे चार्टर्ड अकाउंटेंट्स सोसाइटी (बीसीएएस) की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में सेबी चेयरमैन ने चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (सीए) को भी अहम संदेश दिया। उन्होंने कहा, आपसी लेन-देन, हितों के टकराव और कंपनी से जुड़ी जरूरी जानकारियों को समय पर सार्वजनिक करना, ये सभी चीजें अब समझौतों के दायरे में नहीं हैं। ये आपकी मुख्य जिम्मेदारियां हैं।' उन्होंने सीए समुदाय से कहा कि कॉर्पोरेट गवर्नेंस को सिर्फ एक चेकलिस्ट तक सीमित न करें, बल्कि इसे ईमानदारी से लागू करें।
यह भी पढ़ें - UPI: छोटे कारोबारियों के बीच यूपीआई बना लेन-देन का सबसे पसंदीदा तरीका, डिजिटल तकनीक से बढ़ रहा कारोबार
अनुपालन का बोझ कम करने की बात
सेबी प्रमुख ने इस बात को भी स्वीकार किया कि अत्यधिक अनुपालन और जानकारी की मांग कंपनियों पर अनावश्यक बोझ डाल सकती है। उन्होंने कहा, 'हम यह भी चाहते हैं कि जहां संभव हो, कम जानकारी और कम अनुपालन के साथ बेहतर नतीजे मिले। इसके लिए सभी सुझावों का स्वागत है।'
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - Report: आय समानता मामले में भारत का नया कीर्तिमान; अत्यधिक गरीबी भी घटी, 17.1 करोड़ भारतीय इससे बाहर निकले
विज्ञापन
'बाजार की निगरानी अब और सख्त की गई'
सेबी प्रमुख ने बताया कि बाजार की निगरानी अब और सख्त कर दी गई है, न सिर्फ सेबी की ओर से बल्कि स्टॉक एक्सचेंज स्तर पर भी। जब उनसे पूछा गया कि क्या अन्य विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) में भी इसी तरह के पैटर्न देखे गए हैं, तो उन्होंने दो टूक जवाब दिया, 'हम इतना ही कह सकते हैं कि बाजार में हेरफेर को बिल्कुल भी सहन नहीं किया जाएगा।' सेबी के शुक्रवार के आदेश में जेन स्ट्रीट ग्रुप की चार कंपनियां - जेएसआई इन्वेस्टमेंट्स, जेएसआई2 इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड, जेन स्ट्रीट सिंगापुर पीटीई लिमिटेड और जेन स्ट्रीट एशिया ट्रेडिंग को आगे की जांच पूरी होने तक बाजार में ट्रेडिंग से रोक दिया गया है।
विज्ञापन
चार्टर्ड अकाउंटेंट्स से की अहम अपील
मुंबई में बॉम्बे चार्टर्ड अकाउंटेंट्स सोसाइटी (बीसीएएस) की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में सेबी चेयरमैन ने चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (सीए) को भी अहम संदेश दिया। उन्होंने कहा, आपसी लेन-देन, हितों के टकराव और कंपनी से जुड़ी जरूरी जानकारियों को समय पर सार्वजनिक करना, ये सभी चीजें अब समझौतों के दायरे में नहीं हैं। ये आपकी मुख्य जिम्मेदारियां हैं।' उन्होंने सीए समुदाय से कहा कि कॉर्पोरेट गवर्नेंस को सिर्फ एक चेकलिस्ट तक सीमित न करें, बल्कि इसे ईमानदारी से लागू करें।
यह भी पढ़ें - UPI: छोटे कारोबारियों के बीच यूपीआई बना लेन-देन का सबसे पसंदीदा तरीका, डिजिटल तकनीक से बढ़ रहा कारोबार
अनुपालन का बोझ कम करने की बात
सेबी प्रमुख ने इस बात को भी स्वीकार किया कि अत्यधिक अनुपालन और जानकारी की मांग कंपनियों पर अनावश्यक बोझ डाल सकती है। उन्होंने कहा, 'हम यह भी चाहते हैं कि जहां संभव हो, कम जानकारी और कम अनुपालन के साथ बेहतर नतीजे मिले। इसके लिए सभी सुझावों का स्वागत है।'