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भारत में सबसे कठोर था लॉकडाउन, जिसकी वजह से अर्थव्यवस्था पटरी से उतरी
Fri, 25 Sep 2020 08:29 PM IST
Harendra Chaudhary
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Fri, 25 Sep 2020 08:29 PM IST
सार
संसद में लोकसभा सदस्य टीएन प्रथापन ने यह सवाल भी पूछा था कि क्या सरकार को कोविड-19 संकट आने के बाद और इससे पहले आर्थिक संकट पर कुछ राजनीतिज्ञों द्वारा दी गई चेतावनी के बारे में जानकारी है। इस सवाल का जवाब उन्हें नहीं मिल सका है...
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Migrants during Lockdown
- फोटो : अमर उजाला (फाइल)
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विस्तार
देश की अर्थव्यवस्था पर कोविड-19 महामारी का जबरदस्त प्रभाव पड़ा है। भारत सरकार ने कोविड-19 के चलते 25 मार्च को सबसे कठोरतम लॉकडाउन लागू करने का निर्णय लिया था। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की तरफ से परिमित सरकारी प्रतिक्रिया की सख्ती संबंधी सूचकांक यह दर्शाता है कि भारत ने अधिक कठोर लॉकडाउन लागू किया था। इसके प्रभाव से जीडीपी में गिरावट रही है।
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संसद में लोकसभा सदस्य टीएन प्रथापन ने यह सवाल भी पूछा था कि क्या सरकार को कोविड-19 संकट आने के बाद और इससे पहले आर्थिक संकट पर कुछ राजनीतिज्ञों द्वारा दी गई चेतावनी के बारे में जानकारी है। इस सवाल का जवाब उन्हें नहीं मिल सका है।
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संसद सत्र के दौरान लोकसभा सदस्य राहुल रमेश शेवाले ने भी कुछ ऐसा ही सवाल पूछा था। उन्होंने पूछा था कि कोविड-19 का भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ा हैं। दोनों सांसदों के सवालों का उत्तर देते हुए वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने सीधे तौर पर यह नहीं बताया कि कोविड-19 के दौरान और उससे पहले किस राजनीतिज्ञ ने आर्थिक संकट को लेकर कोई चेतावनी दी थी।
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उन्होंने कहा, सरकार के पास भविष्य में अर्थव्यवस्था में परिवर्तन करने की संभावना वाली अर्थव्यवस्था तथा परियोजना में विभिन्न प्रकार के विकासों की निगरानी के लिए एक प्रभावी प्रणाली है। हिस्सेदारों के साथ सक्रिय अनुबंध तथा अर्थव्यवस्था पर सुझाव निगरानी प्रणाली का एक महत्वपूर्ण घटक है। कोविड-19 की शुरुआत से पहले, सरकार जागरूक थी कि अमेरिका-चीन व्यापार संबंधी तनाव के कारण होने वाली वैश्विक मंदी भी भारतीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रही है।
अभी तक अर्थव्यवस्था 2009-14 में 6.4 फीसदी की तुलना में 2014-19 में 7.4 फीसदी की वृद्धि करते हुए 2014 से मजबूत बनी हुई है। सरकार द्वारा 2019 में लागू की गई नीतियों के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था में औद्योगिक उत्पादन की सूची, आठ मुख्य क्षेत्रों की औद्योगिक सूची तथा निर्यात से उच्च दर के पंजीकरण के लिए 2020 के जनवरी और फरवरी में उछाल आया है।
मार्च में कोविड-19 की उच्च मृत्यु दर के साथ-साथ विभिन्न देशों के आर्थिक उतार चढ़ाव को दर्शाने वाले आंकड़े उपलब्ध थे। जीवन बचाने को अधिक महत्व देते हुए भारत सरकार ने 25 मार्च से शुरू होने वाले सबसे कठोरतम लॉकडाउन को लागू करने का निर्णय लिया। इसके परिणामस्वरूप 2020 की अप्रैल जून तिमाही में अर्थव्यवस्था में गिरावट आई।