फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Kotak Institutional Equities reports insiders and owners sold shares worth 95000 crore in a month

Report: कंपनियों के अंदर के लोग-मालिकों ने बाजार में तेजी का फायदा उठाया, एक माह में बेचे 95000 करोड़ के शेयर

Sat, 05 Jul 2025 06:19 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Sat, 05 Jul 2025 06:19 AM IST
सार

रिपोर्ट के अनुसार, विशाल मेगा मार्ट के मालिक समायत सर्विसेज ने 10,220 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। बजाज फिनसर्व में 3,504 करोड़ रुपये और 2,002 करोड़ रुपये के शेयर बेचे गए। सिर्फ कंपनियों के मालिक ही नहीं, बल्कि बड़े निवेशक भी शेयर बेच रहे हैं।

विज्ञापन
Kotak Institutional Equities reports insiders and owners sold shares worth 95000 crore in a month
भारतीय शेयर बाजार (फाइल) - फोटो : PTI

विस्तार

शेयर बाजार की हालिया तेजी का कंपनियों के अंदर के लोग और मालिकों ने जबरदस्त फायदा उठाया है। पिछले एक महीने में इनसाइडर्स और मालिकों ने 95,000 करोड़ रुपये के अपने शेयर बेच दिए हैं।  

विज्ञापन


कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट के अनुसार, मई और जून में भारतीय बाजार में यह बिकवाली कई बड़ी कंपनियों में देखी गई है। इनमें भारती एयरटेल, बजाज फिनसर्व, हिंदुस्तान जिंक, एशियन पेंट्स और इंडिगो जैसे शेयर शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, विशाल मेगा मार्ट के मालिक समायत सर्विसेज ने 10,220 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। बजाज फिनसर्व में 3,504 करोड़ रुपये और 2,002 करोड़ रुपये के शेयर बेचे गए।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Tracxn Report: भारतीय फिनटेक कंपनियों ने छह महीने में जुटाए $88.9 करोड़, दुनिया में भारत तीसरे स्थान पर
विज्ञापन
विज्ञापन


बड़े निवेशक भी बेच रहे शेयर
सिर्फ कंपनियों के मालिक ही नहीं, बल्कि बड़े निवेशक भी शेयर बेच रहे हैं। बीएटी ने आईटीसी में 1.5 अरब डॉलर की हिस्सेदारी बेच दी। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने एशियन पेंट्स में अपनी 1.1 अरब डॉलर की हिस्सेदारी बेच दी। विश्लेषकों का कहना है कि यह एक बड़ा बदलाव है। इसका असर यह हुआ कि बीएसई-200 इंडेक्स में प्राइवेट प्रमोटर होल्डिंग मार्च 2021 में 43% थी, जो मार्च 2025 तिमाही में घटकर 37 प्रतिशत हो गई है। इसका मतलब है कि कंपनियों के मालिक धीरे-धीरे अपनी हिस्सेदारी कम कर रहे हैं। दूसरी ओर, घरेलू निवेशकों ने खूब खरीदारी की है। म्यूचुअल फंड, बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों और खुदरा निवेशकों की संयुक्त हिस्सेदारी चार प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 25.2% हो गई है, जो पहले 20.9% थी।  

ये भी पढ़ें: Report: सब्जी-दालों की कीमतें बढ़ने के बावजूद 2.6 फीसदी रहेगी खुदरा महंगाई, लगातार 5वें माह RBI के दायरे में

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक भी कर रहे बिकवाली
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक यानी एफपीआई भी बिकवाली कर रहे हैं। उनकी हिस्सेदारी भी 24.4 प्रतिशत से घटकर 20.2 प्रतिशत हो गई है। विश्लेषकों का कहना है कि प्रमोटरों द्वारा अपनी हिस्सेदारी कम करना एक स्पष्ट संकेत है कि वे अपने शेयरों को उचित मूल्यांकन से अधिक पर कारोबार करते हुए मान रहे हैं। हालांकि इसे निवेश मूल्यांकन में एक अतिरिक्त इनपुट के रूप में देखने की जरूरत है।  

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed