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दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम देश के नोट में क्यों छपी है गणपति की तस्वीर? जानिए रहस्य
Sat, 22 Aug 2020 10:01 AM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Sat, 22 Aug 2020 10:01 AM IST
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इंडोनेशिया की करेंसी
- फोटो : अमर उजाला
देशभर में सादगी के साथ गणेश चतुर्थी यानि की भगवान गणेश का जन्मोत्सव मनाने की तैयारी की गई है। आज सूर्यास्त के साथ ही श्रद्धालुओं द्वारा भगवान शिव की मूर्ति स्थापना की जाएगी। 22 अगस्त को गणेश चतुर्थी पर गणेश प्रतिमा स्थापित कर उत्सव 10 दिनों तक चलेगा।
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चाहे बात महाराष्ट्र की करें या फिर दिल्ली की, हर कोई गणेश चतुर्थी के पहले दिन काफी खुश दिखाई दे रहा है। सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि कई देशों में गणेश जी की पूजा की जाती है। ऐसे में आज हम आपको एक ऐसी बात बताने जा रहे हैं, जो कुछ ही लोगों को पता है। दुनिया में मुस्लिम आबादी वाला एक ऐसा देश है जहां गणेश जी की तस्वीर नोट पर छपी है। आइए जानते हैं इसके बारे में।
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सबसे बड़े मुस्लिम देश के नोट में छपी है तस्वीर
इंडोनेशिया की करेंसी को रूपियाह कहा जाता है। यहां के 20 हजार के नोट पर भगवान गणेश की तस्वीर है। दरअसल भगवान गणेश को इस मुस्लिम देश में शिक्षा, कला और विज्ञान का देवता माना गया है। खास बात ये है कि इंडोनेशिया में करीब 87.5 फीसदी आबादी इस्लाम धर्म को मानती है और सिर्फ तीन फीसदी हिन्दू आबादी है।
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नोट पर गणपति की तस्वीर की खासियत
इंडोनेशिया के इस 20 हजार की नोट पर सामने वाले हिस्से में भगवान गणेश की तस्वीर है, जबकि पीछे वाले हिस्से में क्लासरूम की फोटो छपी है। जिसमें छात्र और शिक्षक की तस्वीरें हैं।
नोट पर भगवान गणेश की तस्वीर छापने का कारण
दरअसल कुछ साल पहले इंडोनेशिया की अर्थव्यवस्था बुरी तरह से पटरी पर से उतर गई थी। इसके बाद वहां पर 20 हजार का एक नया नोट जारी किया गया था जिस पर भगवान गणेश की तस्वीर को छापा गया था। इसको छापने के पीछे आर्थिक चिंतको का मानना था कि इससे अर्थव्यवस्था फिर से मजबूत हो जाएगी और बाद में ऐसी ही कुछ देखने को मिला था।