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आयकर: नकदी लेनदेन पर देना पड़ सकता है इतना जुर्माना, वर्ष 2025-26 के लिए 31 जुलाई है ITR भरने की आखिरी तारीख
Mon, 13 Jan 2025 04:17 AM IST
शुभम कुमार
कालीचरण
कालीचरण
Published by: शुभम कुमार
Updated Mon, 13 Jan 2025 04:17 AM IST
सार
आयकर कानून में कई ऐसी धाराएं हैं, जिनका मकसद कालेधन पर नकेल कसना है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन नियमों के उल्लंघन पर नकदी लेनदेन के मूल्य का 100 फीसदी तक जुर्माना लग सकता है। ऐसे में अगर आप भी आकलन वर्ष 2025-26 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करते हैं, तो जुर्माने से बचने के लिए ऐसे नकदी लेनदेन से दूर रहें।
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आयकर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बैंक व म्यूचुअल फंड सहित लोकप्रिय निवेश प्लेटफॉर्म के बाद आयकर विभाग भी नकदी लेनदेन को हतोत्साहित करने की पूरी तैयारी में है। इसके लिए आयकर विभाग ने हाल ही में एक ब्रोशर जारी किया है, जिसमें जुर्माने से बचने के लिए 'नकद लेनदेन को ना कहने' का सुझाव दिया गया है।
आयकर कानून में कई ऐसी धाराएं हैं, जिनका मकसद कालेधन पर नकेल कसना है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन नियमों के उल्लंघन पर नकदी लेनदेन के मूल्य का 100 फीसदी तक जुर्माना लग सकता है। ऐसे में अगर आप भी आकलन वर्ष 2025-26 के लिए आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करते हैं, तो जुर्माने से बचने के लिए ऐसे नकदी लेनदेन से दूर रहें। आकलन वर्ष 2025-26 के लिए रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई, 2025 है।
दो लाख रुपये से अधिक नकद प्राप्त करना
कोई भी व्यक्ति एक दिन में दो लाख रुपये से अधिक नकदी स्वीकार नहीं कर सकता। अन्यथा आयकर कानून की धारा-269एसटी के तहत प्राप्त राशि के बराबर जुर्माना लग सकता है। ध्यान रखने वाली बात है कि इस प्रावधान के तहत दो लाख रुपये से अधिक भुगतान करने वाले व्यक्ति पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।
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क्या है 269एसटी
इस कानून के तहत किसी भी व्यक्ति को एक दिन में किसी व्यक्ति से दो लाख रुपये या उससे अधिक की राशि नकद में प्राप्त करने पर प्रतिबंध है। चाहे वह एकल लेनदेन के लिए हो या किसी एक घटना या अवसर से जुड़े एक से अधिक लेनदेन के लिए हो।
कर्ज, जमा व एडवांस
आयकर कानून की धारा-269एसएस के तहत कर्ज, जमा, एडवांस (अग्रिम) या स्पेशिफाइड राशि के लिए 20,000 रुपये से अधिक का नकद लेनदेन प्रतिबंधित है। ऐसा करने पर नकद लेनदेन के बराबर जुर्माना लगाया जा सकता है।
जमा और कर्ज का पुनर्भुगतान
आयकर कानून की धारा-269टी के तहत 20,000 रुपये से अधिक के जमा और कर्ज के पुनर्भुगतान की अनुमति नहीं है।
व्यावसायिक खर्च: आयकर कानून की धारा-40ए(3) के तहत व्यावसायिक खर्च के लिए 10,000 रुपये से अधिक के नकद भुगतान पर रोक है। ट्रांसपोर्टरों के लिए यह सीमा 35,000 रुपये है।
दान: आयकर कानून की धारा-80जी के तहत 2,000 रुपये से अधिक के दान पर छूट का दावा नहीं किया जा सकता है।
नुकसान से बचने के लिए नकद में लेनदेन से बचें करदाता
आयकर कानून में कई ऐसे प्रावधान किए गए हैं, जो नकदी लेनदेन को हतोत्साहित करते हैं। ऐसे में नकदी में ऐसे लेनदेन के दौरान करदाताओं को सतर्क रहना चाहिए। नियमों के उल्लंघन पर भारी-भरकम जुर्माना भरना पड़ सकता है। आमलोगों को इस बारे में जागरूक करने की आयकर विभाग की हालिया पहल नकदी रहित अर्थव्यवस्था में बदलाव के महत्व को रेखांकित करती है। -जनार्दन केशरी, सीए
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आयकर कानून में कई ऐसी धाराएं हैं, जिनका मकसद कालेधन पर नकेल कसना है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन नियमों के उल्लंघन पर नकदी लेनदेन के मूल्य का 100 फीसदी तक जुर्माना लग सकता है। ऐसे में अगर आप भी आकलन वर्ष 2025-26 के लिए आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करते हैं, तो जुर्माने से बचने के लिए ऐसे नकदी लेनदेन से दूर रहें। आकलन वर्ष 2025-26 के लिए रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई, 2025 है।
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दो लाख रुपये से अधिक नकद प्राप्त करना
कोई भी व्यक्ति एक दिन में दो लाख रुपये से अधिक नकदी स्वीकार नहीं कर सकता। अन्यथा आयकर कानून की धारा-269एसटी के तहत प्राप्त राशि के बराबर जुर्माना लग सकता है। ध्यान रखने वाली बात है कि इस प्रावधान के तहत दो लाख रुपये से अधिक भुगतान करने वाले व्यक्ति पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।
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क्या है 269एसटी
इस कानून के तहत किसी भी व्यक्ति को एक दिन में किसी व्यक्ति से दो लाख रुपये या उससे अधिक की राशि नकद में प्राप्त करने पर प्रतिबंध है। चाहे वह एकल लेनदेन के लिए हो या किसी एक घटना या अवसर से जुड़े एक से अधिक लेनदेन के लिए हो।
कर्ज, जमा व एडवांस
आयकर कानून की धारा-269एसएस के तहत कर्ज, जमा, एडवांस (अग्रिम) या स्पेशिफाइड राशि के लिए 20,000 रुपये से अधिक का नकद लेनदेन प्रतिबंधित है। ऐसा करने पर नकद लेनदेन के बराबर जुर्माना लगाया जा सकता है।
जमा और कर्ज का पुनर्भुगतान
आयकर कानून की धारा-269टी के तहत 20,000 रुपये से अधिक के जमा और कर्ज के पुनर्भुगतान की अनुमति नहीं है।
व्यावसायिक खर्च: आयकर कानून की धारा-40ए(3) के तहत व्यावसायिक खर्च के लिए 10,000 रुपये से अधिक के नकद भुगतान पर रोक है। ट्रांसपोर्टरों के लिए यह सीमा 35,000 रुपये है।
दान: आयकर कानून की धारा-80जी के तहत 2,000 रुपये से अधिक के दान पर छूट का दावा नहीं किया जा सकता है।
नुकसान से बचने के लिए नकद में लेनदेन से बचें करदाता
आयकर कानून में कई ऐसे प्रावधान किए गए हैं, जो नकदी लेनदेन को हतोत्साहित करते हैं। ऐसे में नकदी में ऐसे लेनदेन के दौरान करदाताओं को सतर्क रहना चाहिए। नियमों के उल्लंघन पर भारी-भरकम जुर्माना भरना पड़ सकता है। आमलोगों को इस बारे में जागरूक करने की आयकर विभाग की हालिया पहल नकदी रहित अर्थव्यवस्था में बदलाव के महत्व को रेखांकित करती है। -जनार्दन केशरी, सीए