जेट एयरवेज के इन पायलटों की मुश्किलें बढ़ीं, बिना नोटिस दिए दे सकते हैं इस्तीफा
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जेट एयरवेज की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले विदेशी पायलटों को जबरन छुट्टी पर भेजने के बाद कंपनी ने अब बोइंग 737 उड़ा रहे पायलटों को भी सितंबर तक छुट्टी पर रहने का आदेश दिया है। इस दौरान इन पायलटों को किसी तरह का वेतन भी नहीं मिलेगा।
कंपनी ने लिखा कर्मचारियों को पत्र
कंपनी ने अपने इन सभी पायलट्स को पत्र लिखकर छुट्टी पर जाने के लिए कहा है। इसके साथ ही कंपनी ने कहा है वो इसकी जानकारी अपने फील्ड ऑफिस में भी दे सकते हैं। फिलहाल बोइंग 737 के क्रू रोस्टर में पांच दिन कार्य और तीन दिन का ऑफ देने की प्रक्रिया 11 अप्रैल से शुरू होकर 26 अप्रैल तक लागू रहेगी।
अभी उड़ रहे हैं केवल 35 विमान
जेट के फिलहाल 35 विमान ही सेवा में हैं। कंपनी को उम्मीद है इस माह के अंत तक 75 विमान उड़ने लगेंगे। विमान नियामक डीजीसीए ने भी जेट एयरवेज का शेड्यूल 25 अप्रैल तक के लिए अनुमोदित कर रखा है।
जेट के पास हैं 1500 पायलट
फिलहाल जेट एयरवेज के पास 1500 पायलट हैं, जिनमें से 1100 नेशनल एविएटर गिल्ड से जुड़े हैं। पिछले कुछ हफ्ते से जेट एयरवेज के कई पायलट गोएयर, इंडिगो, स्पाइसजेट, विस्तारा और विदेशी एयरलाइन से जुड़े चुके हैं।
नहीं देना होगा नोटिस पीरियड
अब कंपनी के पायलट बिना कोई नोटिस दिए इस्तीफा दे सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि पायलटों को सैलरी नहीं मिली है। जेट एयरवेज ने जनवरी, फरवरी और मार्च की सैलरी अपने कर्मचारियों को नहीं दी है।