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Jharkhand: वित्तमंत्री उरांव ने 1.28 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया, कहा- हर वर्ग की आकांक्षाओं को करेगा पूरा

Tue, 27 Feb 2024 01:51 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: काव्या मिश्रा Updated Tue, 27 Feb 2024 01:51 PM IST
सार

वित्त मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने सदन में रखी गई रिपोर्ट के हवाले से दावा किया कि राज्य का वित्तीय प्रबंधन लगातार बेहतर हुआ है। राजस्व वसूली और खर्च दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई है और इसके आंकड़े इस वर्ष पेश किए जाने वाले बजट में दिखेंगे।
 

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J''khand GDP projected to grow 7.7 pc in FY''25: Economic survey
झारखंड विधानसभा - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

झारखंड सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 1.28 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। अगले वित्त वर्ष के लिए बजटीय अनुमान पिछले वार्षिक वित्तीय विवरण से 10 प्रतिशत से अधिक है।
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झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) की अगुवाई वाली गठबंधन सरकार ने 2023-24 के लिए 1.16 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। वहीं बजट पेश करने से पूर्व झारखंड विधान सभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री चंपई सोरेन को बजट की प्रति भेंट की। वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने सदन में कहा, 'मैं वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 1,28,900 करोड़ रुपये का बजट सदन के पटल पर रखता हूं।'
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हाल ही में गठित चंपई सोरेन सरकार का यह पहला बजट है। उरांव ने कहा, 'बजट गरीबों, किसानों, आदिवासियों और महिलाओं सहित समाज के हर वर्ग की आकांक्षाओं को पूरा करेगा और राज्य के समग्र विकास को गति देगा।'
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24-25 में 7.7 फीसदी विकास दर का अनुमान
इससे पहले झारखंड सरकार ने सोमवार को विधानसभा में वर्ष 2024-25 की आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश की। इसके मुताबिक चालू वित्तीय वर्ष में राज्य की आर्थिक विकास दर 7.1 फीसदी रही है। अगले वित्तीय वर्ष 2024-25 में 7.7 प्रतिशत की औसत वार्षिक दर से वृद्धि का अनुमान लगाया गया है।

वित्त मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने सदन में रखी गई रिपोर्ट के हवाले से दावा किया कि राज्य का वित्तीय प्रबंधन लगातार बेहतर हुआ है। राजस्व वसूली और खर्च दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई है और इसके आंकड़े इस वर्ष पेश किए जाने वाले बजट में दिखेंगे।

झारखंड की विकास दर देश की विकास दर से अधिक
रिपोर्ट के मुताबिक, झारखंड की विकास दर देश की विकास दर से अधिक रही है। पिछले तीन वर्षों यानी 2020-21 और 2022-23 के बीच राज्य की जीएसडीपी 8.8 प्रतिशत औसत वार्षिक दर से बढ़ी है। हालांकि, विकास दर में वृद्धि के इस आंकड़े के बावजूद झारखंड में प्रति व्यक्ति आय के मामले में कोई उल्लेखनीय सुधार दर्ज नहीं हुआ है। साल 2000-01 में प्रति व्यक्ति आय के मामले में देश भर के 28 राज्यों की सूची में झारखंड 26वें स्थान पर था। सिर्फ बिहार और उत्तर प्रदेश ही इससे नीचे थे। वर्ष 2021-22 में भी यह 25वें स्थान पर था। केवल बिहार, उत्तर प्रदेश और मणिपुर ही इस मामले में झारखंड से पीछे थे।

आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक झारखंड की मुद्रास्फीति दर राष्ट्रीय दर से कम रही है। झारखंड में मुद्रास्फीति की औसत दर वर्ष 2022-23 में 6.1 फीसदी थी। आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में 2023-24 में अक्तूबर 2023 तक यानी सात महीनों की मुद्रास्फीति दर का जिक्र किया गया है। इसके मुताबिक जुलाई और अगस्त 2023 को छोड़कर बाकी पांच महीनों में मुद्रास्फीति दर 6 फीसदी से कम रही है।

राज्य का बजट आकार 12.1 फीसदी की औसत वार्षिक दर से बढ़ा
रिपोर्ट में बताया गया है कि राज्य का बजट आकार साल 2011-12 से 2022-23 की अवधि के दौरान 12.1 फीसदी की औसत वार्षिक दर से बढ़ा है। 2023-24 में यह लगभग 1 लाख 16 हजार 418 करोड़ रुपये रहा है। झारखंड को टैक्स से होने वाली कमाई के बारे में रिपोर्ट में बताया गया है कि राज्य में टैक्स कलेक्शन वर्ष 2016-17 से 2022-23 के बीच 11.1 फीसदी की औसत वार्षिक दर से बढ़ा है। जबकि, इसी अवधि के बीच राज्य के गैर कर राजस्व में 8.4 फीसदी की औसत वार्षिक दर से वृद्धि दर्ज की गई है।

पिछले तीन वर्षों में राज्य की कुल देनदारी एक लाख करोड़ से अधिक हो गई है। कुल देनदारी का अधिकांश राज्य के सार्वजनिक ऋण का है और बाकी का हिस्सा सार्वजनिक खातों का है।


महिलाओं की साक्षरता दर तीन प्रतिशत की औसत वार्षिक दर से बढ़ी
वित्त मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार कर्ज का भुगतान समय से पहले कर रही है। इससे राज्य के लोगों पर ब्याज के रूप में भुगतान की जाने वाली राशि का बोझ कम हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया है कि शिक्षा के स्तर में सुधार दर्ज किया गया है। साल 2017-18 में राज्य की लगभग 72 प्रतिशत आबादी साक्षर थी, लेकिन 2022-23 में साक्षरता दर 79 प्रतिशत हो गई है। महिलाओं की साक्षरता दर तीन प्रतिशत की औसत वार्षिक दर से बढ़ी है।
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