IRCTC के इन नियमों के बारे में नहीं जानते होंगे आप, होगा फायदा
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फेस्टिव सीजन में ट्रेन का टिकट बुक कराने में सबसे ज्यादा मारामारी रहती है। इस वक्त कंफर्म टिकट मिलेगा या फिर नहीं इसके बारे में सबसे ज्यादा लोगों को चिंता रहती है। हालांकि लाखों की संख्या में लोग वेटिंग टिकट पर भी यात्रा कर लेते हैं, क्योंकि घर सबको जाना होता है।
आज हम आपको रेलवे और आईआरसीटीसी के रिजर्वेशन और रद्दीकरण कराने पर ऐसी जानकारी देने जा रहे हैं, जिनसे आप सफर के दौरान काफी लाभ ले सकते हैं। हालांकि यह नियम काफी पुराने हैं लेकिन इनके बारे में बहुत ही कम लोगों को पता है।
वेटिंग टिकट वाले भी कर सकते हैं सफर
रेलवे का एक नियम है कि ऑनलाइन टिकट बुक कराने वाले वो सभी यात्री यात्रा करने के हकदार नहीं हैं, जिनका टिकट चार्ट बनने के बाद भी कंफर्म या फिर आरएसी नहीं हुआ है। लेकिन एक नियम और भी है, जिससे ऑनलाइन बुक कराए गए वेटिंग टिकट पर यात्रा कर सकते हैं।
उदाहरण के लिए अगर आपने 6 लोगों का वेटिंग में टिकट एक ही पीएनआर पर बुक कराया है और इसमें से केवल दो लोगों का टिकट ही कंफर्म हुआ है। जबकि बाकी के चार लोगों का टिकट वेटिंग में रह गया।
अब यह चार लोग क्या करेंगे? यह चार लोग भी आपके साथ यात्रा कर सकते हैं और इसके लिए किसी तरह का कोई अतिरिक्त चार्ज रेलवे की तरफ से नहीं वसूला जाएगा। सीट की उपलब्धता पर टीटीई आपको कम से कम आरएसी पर सीट उपलब्ध करा देगा।
अपनी टिकट पर किसी और को भेजना
रेलवे के काउंटर या फिर आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर बुक किए गए टिकट पर आप किसी अन्य को नहीं भेज सकते हैं। ऐसा आम लोगों की धारणा है। लेकिन यह धारणा पूरी तरह से गलत है। रेलवे के नियम है कि खून का रिश्ता होने वाला व्यक्ति आपके टिकट पर यात्रा कर सकता है।
इसमें पति, पत्नी और बच्चे शामिल हैं। हालांकि जहां से आपको ट्रेन पकड़नी है वहां के स्टेशन मास्टर को ट्रेन निकलने के 24 घंटे पहले सूचना देनी होती है। इस सूचना के बाद स्टेशन मास्टर आपके टिकट को ट्रांसफर कर देगा। अगर किसी स्टूडेंट के टिकट पर किसी और स्टूडेंट को कोई कॉलेज भेजना चाहता है तो उसे स्टेशन मास्टर को 48 घंटे पहले जानकरी देनी होगी।
नहीं हैं जेब में पैसे तो भी कराएं बुकिंग
आईआरसीटीसी भी अब क्रेडिट की सुविधा यात्रियों को देने लगी है। इस सुविधा के तहत अगर आप तत्काल का टिकट बुक करते हैं तो बाद में भुगतान कर सकते हैं। इसके लिए 14 दिन का वक्त मिलता है। हालांकि इसके लिए 3.50 फीसदी ब्याज और जीएसटी देना होगा। अगर आप 14 दिन के बाद भी पैसा नहीं देते हैं तो फिर 36 फीसदी ब्याज और अकाउंट बंद हो जाएगा।