पेटीएम: निदेशकों ने दी 22000 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए सैद्धांतिक मंजूरी
पेटीएम के बोर्ड ने इस साल अक्तूबर-दिसंबर की तिमाही में आईपीओ के जरिए करीब 22,000 करोड़ रुपये जुटाने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दे दी है।
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साल 2020 में आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) बाजार गुलजार रहा। तरलता की बेहतर स्थिति तथा निवेशकों की उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया के चलते कंपनियों ने पिछले साल आईपीओ के जरिए करोड़ों रुपये जुटाए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि 2021 में भी आईपीओ बाजार मजबूत रहने की उम्मीद है। आईपीओ बाजार में हलचल अभी खत्म नहीं हुई है। कंपनियां इस साल भी आईपीओ लाने के लिए कतार में खड़ी हैं। अब डिजिटल भुगतान और वित्तीय सेवा प्रदाता कंपनी पेटीएम के बोर्ड ने इस साल अक्तूबर-दिसंबर की तिमाही में आईपीओ के जरिए करीब 22,000 करोड़ रुपये जुटाने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दे दी है। अगर कंपनी अपनी योजना के अनुरूप लक्ष्य हासिल करने में सफल रहती है तो यह देश में सबसे बड़े आईपीओ में से एक हो सकता है।
मौजूदा निवेशकों को मिलेगा शेयर बेचने का मौका
बाजार के जानकार एक सूत्र ने यह जानकारी दी। कंपनी का लक्ष्य है कि इस आईपीओ में बाजार उसके पूरे उपक्रम का मूल्य दो लाख करोड़ रुपये से ऊपर आंके। पेटीएम के निदेशक मंडल ने अक्तूबर-दिसंबर तिमाही में बड़ा आईपीओ लाने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। कंपनी को इस आईपीओ से करीब 21,000-22,000 करोड़ रुपये की पूंजी जुटने की उम्मीद है। इससे मौजूदा निवेशकों को अपने कुछ शेयर बेचने का भी मौका मिलेगा।
शेयरधारकों में अलीबाबा का ऐंट ग्रुप और सॉफ्टबैंक भी शामिल
शुक्रवार को कंपनी के निदेशक मंडल की बैठक हुई थी। पेटीएम के शेयरधारकों में अलीबाबा का ऐंट ग्रुप (29.71 फीसदी), सॉफ्टबैंक विजन फंड (19.63 फीसदी), सैफ पार्टनर्स (18.56 फीसदी), विजय शेखर शर्मा (14.67 फीसदी) के हिस्सेदार हैं। एजीएच होल्डिंग, टी रोव प्राइस एवं डिस्कवरी कैपिटल और बर्कशायर हाथवे के पास कंपनी में कुल मिला कर 10 फीसदी से कम हिस्सेदारी है।
क्या है आईपीओ?
जब भी कोई कंपनी या सरकार पहली बार आम लोगों के सामने कुछ शेयर बेचने का प्रस्ताव रखती है तो इस प्रक्रिया को प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) कहा जाता है। मतलब एलआईसी के आईपीओ को सरकार आम लोगों के लिए बाजार में रखेगी। इसके बाद लोग एलआईसी में शेयर के जरिए हिस्सेदारी खरीद सकेंगे।
आईपीओ में पैसा लगाकर निवेशक अच्छे पैसे कमा सकते हैं। पिछले साल कंपनियों ने प्राइमरी मार्केट से 31,000 करोड़ रुपये जुटाए। कुल 16 आईपीओ लॉन्च हुए, जिनमें से 15 की लॉन्चिंग दूसरी छमाही में हुई थी। 2019 के पूरे साल में 16 आईपीओ के जरिए 12,362 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। 2018 में 24 कंपनियों ने आईपीओ से 30,959 करोड़ रुपये जुटाए थे। दरअसल, कोरोना वायरस महामारी घरेलू शेयर बाजार उबरने लगे हैं। इसे देखते हुए कंपनियां लगातार आईपीओ लॉन्च कर रही हैं।