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Indigo: उड़ान संकट के बाद इंडिगो ‘रीबिल्डिंग मोड’ में, CEO पीटर एल्बर्स किन तीन चीजों को दे रहे प्राथमिकता?

Thu, 18 Dec 2025 03:27 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Thu, 18 Dec 2025 03:27 PM IST
सार

दिसंबर की शुरुआत में बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द होने से यात्रियों को हुई परेशानी के बाद इंडिगो अब परिचालन को मजबूत करने और एयरलाइन के पुनर्निर्माण पर ध्यान दे रही है। CEO पीटर एल्बर्स के मुताबिक कंपनी की प्राथमिकताएं रेजिलिएंस, रूट-कॉज एनालिसिस और रीबिल्डिंग हैं।

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IndiGo in 'rebuilding mode' after flight crisis; what three things is CEO Pieter Elbers prioritising
इंडिगो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पीटर एल्बर्स - फोटो : PTI

विस्तार

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो में इस महीने की शुरुआत में बड़े पैमाने पर उड़ान रद्द होने से यात्रियों को हुई भारी परेशानी के बाद कंपनी अब पुनर्निर्माण और स्थिरता पर फोकस कर रही है। इंडिगो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पीटर एल्बर्स ने गुरुवार को कर्मचारियों को भेजे एक वीडियो संदेश में कहा कि एयरलाइन की मौजूदा प्राथमिकताएं रेजिलिएंस (लचीलापन), रूट-कॉज एनालिसिस और रीबिल्डिंग हैं। 

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एयरलाइन का ध्यान इन तीन चीजों पर है

एल्बर्स ने कहा कि 9 दिसंबर को परिचालन स्थिर होने की जानकारी साझा की गई थी और इसके बाद गुरुवार तक इंडिगो ने अपना नेटवर्क बहाल करते हुए करीब 2,200 उड़ानों का संचालन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब हमारा ध्यान तीन चीजों पर है रेजिलिएंस, मूल कारणों का विश्लेषण और एयरलाइन का पुनर्निर्माण।

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सीईओ ने बताया कि बोर्ड ने एक बाहरी विमानन विशेषज्ञ को नियुक्त किया है, जो हालिया परिचालन अव्यवस्था के पीछे के कारणों की व्यापक जांच करेगा। उनके मुताबिक, उड़ानें रद्द होने की स्थिति कई कारकों के संयुक्त प्रभाव का नतीजा रही। इस बीच इंडिगो के प्रवक्ता का कहना है कि 9 दिसंबर 2025 से पूरे नेटवर्क में 1,800 से अधिक उड़ानों के साथ परिचालन पूरी तरह से स्थिर होने के बाद, इंडिगो धीरे-धीरे और सावधानीपूर्वक क्षमता बढ़ा रही है और संशोधित कार्यक्रम के अनुसार आज 2,200 से अधिक उड़ानें संचालित करेगी।

इंडिगो के शीर्ष नेतृत्व नेटवर्क की नई रणनीति 

एल्बर्स ने यह भी कहा कि वह और इंडिगो का शीर्ष नेतृत्व नेटवर्क के विभिन्न हिस्सों का दौरा करेगा, ताकि ग्राउंड स्टाफ और अन्य कर्मचारियों से सीधे मुलाकात कर उन चुनौतियों को समझा जा सके, जिनका उन्हें इस संकट के दौरान सामना करना पड़ा। इस दौरान एयरपोर्ट्स पर तैनात कर्मचारियों को यात्रियों के गुस्से और असंतोष का सामना करना पड़ा था।

बता दें कि है कि 1 से 9 दिसंबर के बीच इंडिगो ने हजारों उड़ानें रद्द कीं। इसका मुख्य कारण पायलटों की ड्यूटी और विश्राम अवधि से जुड़े नए डीजीसीए नियमों को लागू करने में योजना की कमी और क्रू शॉर्टेज बताया गया। ये नियम 1 नवंबर से प्रभावी हुए थे।इस मामले में डीजीसीए की एक समिति पहले से जांच कर रही है, जबकि केंद्र सरकार ने भी कार्रवाई करते हुए इंडिगो के शीतकालीन शेड्यूल में 10 प्रतिशत की कटौती कर दी है।

इंडिगो संकट पर सीसीआई की नजर, जांच का फैसला
व्यापार नियामक संस्था भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने हालिया इंडिगो संकट मामले में जांच आगे बढ़ाने का फैसला किया है। सीसीआई ने बताया कि उसे इंडिगो के खिलाफ दायर सूचना पर संज्ञान लिया गया है। प्रारंभिक आकलन के बाद आयोग ने प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 के तहत मामले में आगे कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। इंडिगो की घरेलू बाजार हिस्सेदारी 65 प्रतिशत से अधिक है। 2 दिसंबर से सैकड़ों उड़ानें रद्द होने से हजारों यात्रियों को परेशानी हुई थी। जहां डीजीसीए इस मामले की जांच कर रहा है, वहीं सीसीआई यह भी देखेगा कि कहीं इंडिगो की मजबूत बाजार स्थिति से प्रतिस्पर्धा नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ।

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