Share Market: 'भारतीय बाजार सचिन तेंदुलकर की तरह कर रहा है बल्लेबाजी', बोले एनएसई प्रमुख आशीष कुमार चौहान
एनएसई के सीईओ ने कहा कि भारतीय बाजार तेंदुलकर की तरह बल्लेबाजी कर रहा है, शांत और निरंतर, लेकिन अक्सर छक्कों की कमी के कारण इसे नजरअंदान कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि निफ्टी 50 ने 2025 में अब तक केवल नौ प्रतिशत की बढ़त हासिल की है, जिससे यह दुनिया के सबसे कमजोर प्रमुख बाजारों में से एक बन गया है।
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नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के सीईओ आशीष कुमार चौहान ने सीआआईआई फाइनेंसिग समिट में भारतीय बाजार की तुलना सचिन तेंदुलकर की है। चौहान का मानना है कि भारतीय बाजार तेंदुलकर की तरह बल्लेबाजी कर रहा है, शांत और निरंतर, लेकिन अक्सर छक्कों की कमी के कारण इसे नजरअंदान कर दिया जाता है। हम भले ही 100 शतक लगा लें लेकिन लोगों को आश्चर्य होगा कि हम आखिरी ओवर की गेंद पर छक्के क्यों नहीं मार पा रहे हैं।
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निवेशक द्वितीयक बाजारों में देरी से आ रहे
उन्होंने कहा कि ओएफएस (ओएफएस, जिसमें व्यवसाय संघ को एक्सचेंज प्लेटफॉर्म के माध्यम से शेयर की मात्रा में सूचीबद्ध किया जाता है) करने वाले लोग अभी भी कहीं तो निवेश कर रहे हैं लेकिन वे द्वितीयक बाजार में देरी से आर रहे हैं। द्वितीयक बाजार वह बाजार है जहां निवेशक पहले से जारी की गई प्रतिभूतियों, जैसे शेयर और बॉन्ड, को आपस में खरीदते और बेचते हैं।
निफ्टी दुनिया सबसे कमजोर प्रमुख बाजारों में एक बन गया
उन्होंने कहा कि निफ्टी 50 ने 2025 में अब तक केवल नौ प्रतिशत की बढ़त हासिल की है, जिससे यह दुनिया के सबसे कमजोर प्रमुख बाजारों में से एक बन गया है। जबकि लार्ज कैप शेयरों में तेजी बनी हुई हैं और एनएसई 500 में आधे से अधिक शेयरों में अभी भी अपने 2024 के उच्चत स्तर से 20 प्रतिशत से अधिक नीचे कारोबार कर रहे हैं।
दूसरी अर्थव्यवस्थाओं में पीई का अंतर कई कारणों से होता है अलग
सचिन तेंदुलकर के संदर्भ के अलावा उन्होंने भारतीय शेयर बाजार में उच्च मूल्यांकन से जुड़ी चिंताओं के बारे में भी बात कही, उन्होंने इसका समर्थन करते हुए कहा तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्थाओं में उच्च मूल्यांकन से आय अनुपात अधिक होगा। वहीं विभिन्न अर्थव्यवस्थाओं में पीई का अंतर कई कारणों से अलग-अलग होता है। तेजी से बढ़ती अरअर्थव्यवस्थाओं का पीई अधिक होगा। शेयर बाजार में, पीई (PE) का मतलब मूल्य-से-आय अनुपात है, जो किसी भी कंपनी के शेयर की कीमत की तुलना उसकी प्रति शेयर आय (ईपीएस) से करता है।
बैंकिंग क्षेत्र पर बात करते हुए उन्होंने कहा बैंक निफ्टी ने दूसरी तिमाही में नई ऊंचाई को छु रहा है। हम दुनिया में सबसे अधिक कम ऋणग्रस्त बैंकिंग प्रणालियों में एक है।