फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Indian manufacturers see softer increases in new business, output in August: PMI

August PMI: विनिर्माण क्षेत्र में नए कारोबार और उत्पादन में मामूली वृद्धि, पीएमआई के आंकड़े जारी

Mon, 02 Sep 2024 12:21 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Mon, 02 Sep 2024 12:21 PM IST
सार

August PMI: मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) अगस्त में 57.5 पर रहा। यह आंकड़ा जुलाई के 58.1 की रीडिंग से कम है, लेकिन यह दीर्घकालिक औसत 54.0 के ऊपर रहा, जो परिचालन स्थितियों में पर्याप्त सुधार के संकेत देते हैं।

विज्ञापन
Indian manufacturers see softer increases in new business, output in August: PMI
भारतीय अर्थव्यवस्था। - फोटो : amarujala

विस्तार

भारत के विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि अगस्त में धीमी रही क्योंकि उत्पादन और बिक्री जनवरी के बाद से सबसे कम दर से बढ़ी। इस बीच प्रतिस्पर्धी दबाव और मुद्रास्फीति की चिंताओं ने कारोबारी विश्वास को बाधित किया। सोमवार को एक मासिक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई। 

विज्ञापन


मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) अगस्त में 57.5 पर रहा। यह आंकड़ा जुलाई के 58.1 की रीडिंग से कम है, लेकिन यह दीर्घकालिक औसत 54.0 के ऊपर रहा, जो परिचालन स्थितियों में पर्याप्त सुधार के संकेत देते हैं। 
विज्ञापन


पीएमआई की भाषा में, 50 से ऊपर का प्रिंट विस्तार को दर्शाता है, जबकि 50 से नीचे का स्कोर संकुचन को दर्शाता है। एचएसबीसी के मुख्य भारतीय अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा, "अगस्त में भारतीय विनिर्माण क्षेत्र का विस्तार जारी रहा, हालांकि विस्तार की गति थोड़ी धीमी रही। नए ऑर्डर और आउटपुट ने भी हेडलाइन ट्रेंड को प्रतिबिंबित किया, कुछ पैनलिस्टों ने सुस्ती के कारण के रूप में भयंकर प्रतिस्पर्धा का हवाला दिया।"
विज्ञापन
विज्ञापन


सर्वेक्षण के अनुसार, वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही में नए व्यवसाय में तेजी से वृद्धि हुई, लेकिन विस्तार की गति सात महीने के निचले स्तर पर आ गई। इसी तरह, नए निर्यात ऑर्डर 2024 कैलेंडर वर्ष की शुरुआत के बाद से सबसे कम गति से बढ़े।

भंडारी के अनुसार कीमतों के मोर्चे पर, अगस्त के दौरान लागत दबाव में कमी से माल उत्पादकों को लाभ हुआ। भंडारी ने कहा, "सकारात्मक बात यह है कि इनपुट लागत में वृद्धि में तेज़ी से कमी आई। निर्माताओं ने सुरक्षा स्टॉक बनाने के लिए अपने कच्चे माल की खरीद गतिविधि में वृद्धि की। इनपुट लागत के अनुरूप, आउटपुट मूल्य मुद्रास्फीति की गति में भी कमी आई, लेकिन यह कमी बहुत कम हद तक थी, जिससे निर्माताओं के लिए मार्जिन में वृद्धि हुई।"

सर्वेक्षण में आगे कहा गया कि दूसरी वित्तीय तिमाही के मध्य में रोजगार सृजन में कमी आई क्योंकि कुछ फर्मों ने कर्मचारियों की संख्या में कटौती की। फिर भी, ऐतिहासिक डेटा के संदर्भ में रोजगार वृद्धि की समग्र दर ठोस रही। सर्वेक्षण के अनुसार, कारोबारी विश्वास में कमी आई है और पैनलिस्ट अप्रैल 2023 के बाद से अपने सबसे कम आशावादी स्तर पर हैं।

भंडारी ने कहा, "आगामी वर्ष के लिए कारोबारी परिदृश्य अगस्त में थोड़ा नरम हुआ, जो प्रतिस्पर्धी दबावों और मुद्रास्फीति संबंधी चिंताओं से प्रेरित है।" इस बीच, शुक्रवार को सरकारी आंकड़ों से पता चला कि भारत की आर्थिक वृद्धि अप्रैल-जून 2024-25 में 15 महीने के निचले स्तर 6.7 प्रतिशत पर आ गई, जिसका मुख्य कारण कृषि और सेवा क्षेत्रों का खराब प्रदर्शन है। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 2023-24 की जून तिमाही में 8.2 प्रतिशत बढ़ा।


एचएसबीसी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई को एसएंडपी ग्लोबल की ओर से लगभग 400 निर्माताओं के पैनल में क्रय प्रबंधकों को भेजे गए प्रश्नावली के जवाबों से संकलित किया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed