Forbes: सत्या नडेला नहीं यह शख्स हैं अमेरिका में भारतीय मूल के सबसे अमीर अरबपति, फोर्ब्स की सूची में खुलासा
Forbes Immigrants Billionaires: फोर्ब्स की सूची के अनुसार अमेरिका में 125 अरबपति अप्रवासी 43 देशों से हैं। लेकिन उनमें से लगभग दो-तिहाई भारत, इस्राइल, ताइवान, कनाडा, चीन और पांच अन्य देशों में पैदा हुए थे। भारत से आए नए लोगों में 53 वर्षीय अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई , 57 वर्षीय माइक्रोसॉफ्ट के प्रमुख सत्य नडेला और 57 वर्षीय निकेश अरोड़ा शामिल हैं। आइए इस बारे में और विस्तार से जानें।
विस्तार
भारतीय मूल के दिग्गज अमेरिका को अमीर बना रहे हैं, इसकी अब आधिकारिक पुष्टि हो गई है। फोर्ब्स की 2025 की अमेरिका के सबसे अमीर प्रवासियों की सूची में 12 लोग भारतीय मूल के हैं। भारत अब अरबपति प्रवासियों के प्रमुख जन्मस्थान के रूप में इस्राइल से आगे निकल गया है।
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फोर्ब्स की सूची के अनुसार अमेरिका में 125 अरबपति अप्रवासी 43 देशों से हैं। लेकिन उनमें से लगभग दो-तिहाई भारत, इस्राइल, ताइवान, कनाडा, चीन और पांच अन्य देशों में पैदा हुए थे। भारत से आए नए लोगों में 53 वर्षीय अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई , 57 वर्षीय माइक्रोसॉफ्ट के प्रमुख सत्य नडेला और 57 वर्षीय निकेश अरोड़ा शामिल हैं, वे 2018 से साइबर सुरक्षा कंपनी पालो ऑल्टो नेटवर्क्स चला रहे हैं।
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सूची में जो नाम सबसे अलग है, वह है 65 वर्षीय साइबर सुरक्षा दिग्गज जय चौधरी का, जो 1980 में अपने मूल देश भारत से सिनसिनाटी विश्वविद्यालय में स्नातक स्कूल में दाखिल लेने से जाने से पहले कभी हवाई जहाज में भी नहीं बैठे थे। 17.9 बिलियन डॉलर की कुल संपत्ति के साथ, चौधरी Zscaler के सीईओ हैं। यह एक साइबर सुरक्षा फर्म है जिसकी स्थापना उन्होंने 2008 में की गई थी। यह कंपनी मार्च 2018 में सार्वजनिक हुई। चौधरी और उनका परिवार नैस्डैक पर सूचीबद्ध फर्म के लगभग 40% के मालिक हैं।
अमेरिका में सबसे अमीर भारतीय अप्रवासियों की सूची
- जय चौधरी – 17.9 बिलियन डॉलर – सुरक्षा सॉफ्टवेयर
- विनोद खोसला – 9.2 बिलियन डॉलर – सन माइक्रोसिस्टम्स, उद्यम पूंजी
- राकेश गंगवाल – 6.6 बिलियन डॉलर – एयरलाइन
- रोमेश टी. वाधवानी -5.0 बिलियन डॉलर - सॉफ्टवेयर
- राजीव जैन – 4.8 बिलियन डॉलर – वित्त
- कवितार्क राम श्रीराम – 3.0 बिलियन डॉलर – गूगल, वेंचर कैपिटल
- राज सरदाना - 2.0 बिलियन डॉलर - प्रौद्योगिकी सेवाएं
- डेविड पॉल – 1.5 बिलियन डॉलर – चिकित्सा उपकरण
- निकेश अरोड़ा - 1.4 बिलियन डॉलर - साइबर सुरक्षा, सॉफ्टबैंक, गूगल
- सुंदर पिचाई - 1.1 बिलियन डॉलर- अल्फाबेट (गूगल)
- सत्या नडेला– 1.1 बिलियन डॉलर – माइक्रोसॉफ्ट
- नीरजा सेठी– 1.0 बिलियन डॉलर – आईटी परामर्श
अमेरिका के शीर्ष 3 सबसे अमीर आप्रवासी
संयुक्त राज्य अमेरिका के सबसे अमीर आप्रवासी एलन मस्क हैं, जिनका जन्म दक्षिण अफ्रीका में हुआ था और वे कॉलेज के छात्र के रूप में कनाडा फिर अमेरिका पहुंचे। अब उनकी अनुमानित संपत्ति 393.1 अरब डॉलर है। गूगल के सह-संस्थापक सर्गेई ब्रिन, 51, दूसरे सबसे अमीर आप्रवासी हैं, जिनकी अनुमानित संपत्ति 139.7 अरब डॉलर है। ब्रिन का परिवार रूस से अमेरिका तब आया था जब वे छह साल के थे। अमेरिका के तीसरे सबसे अमीर आप्रवासी, एनवीडिया के सह-संस्थापक और सीईओ जेन्सेन हुआंग, 62, ताइवान में पैदा हुए थे और बचपन में ही अपने परिवार के साथ थाईलैंड चले गए थे। जब हुआंग नौ साल के थे, तब उनके माता-पिता ने उन्हें और उनके बड़े भाई को थाईलैंड में व्यापक सामाजिक अशांति से बचने के लिए अमेरिका भेज दिया था।