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इस साल 9.13 लाख करोड़ घट जाएगा अर्थव्यवस्था का आकार
Tue, 07 Jul 2020 02:29 PM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Tue, 07 Jul 2020 02:29 PM IST
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अर्थव्यवस्था
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सरकार ने भी माना है कि कोविड-19 और लॉकडाउन की वजह से अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा व जीडीपी का आकार चालू वित्त वर्ष में 4.5 फीसदी घट जाएगा। वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलात विभाग (डीईए) की ओर से सोमवार को जारी रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।
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वर्तमान में देश की जीडीपी का आकार करीब 203 लाख करोड़ रुपये है। इस तरह 4.5 फीसदी की गिरावट का मतलब है कि इसमें 9.13 लाख करोड़ रुपये कमी आएगी। अप्रैल में सरकार ने विकास दर 1.9 फीसदी रहने का अनुमान जताया था लेकिन ताजा अनुमान में 6.4 फीसदी की और कमी आई है। डीएनए ने जून महीने के आकलन पर जारी रिपोर्ट में कहा है कि कोरोना की प्रभावी वैक्सीन मिलने में आ रही देरी अर्थव्यवस्था पर बेहद गंभीर असर डाल सकती है। हालांकि, सरकार और आरबीआई के कदमों से काफी राहत मिली है। लेकिन उद्योगों को हम महामारी से पहले की स्थिति तक पहुंचने में काफी समय लगेगा।
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बाजार और कारोबारी माहौल में अनिश्चितता
डीपीए के अनुसार, बाजार और कारोबारी माहौल पर अनिश्चितता के गहरे बादल छाए हैं। राजस्व वसूली भी सालाना औसत के मुकाबले आधी रह गई है। सस्ते क्रूड ने आयात के मोर्चे पर राहत दी है लेकिन निर्यात बढ़ाना बड़ी चुनौती होगी। हालांकि, इन सबके बीच व्यापार घाटा 11 साल के निचले स्तर पर आ गया है।
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लॉकडाउन में बिजली पानी के ऑनलाइन भुगतान में बढ़ोतरी
लॉकडाउन के दौरान बिजली पानी के बिल ऑनलाइन भरने में 163 फीसदी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वित्तीय सेवा कंपनी रेजर पे के अनुसार इस दौरान पर्सनल काउंसलिंग, डेटिंग और मैट्रिमोनी वेबसाइट्स को किए गए भुगतान में भी 32 फीसदी बढ़ोतरी देखी गई। रिपोर्ट में पाया गया कि पिछले 30 दिनों में डिजिटल भुगतान में 23 फीसदी का उछाल आया है। जबकि 101 दिनों में के लॉकडाउन (24 मार्च से 2 जुलाई तक) में डिजिटल ट्रांजैक्शन में 12 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।