अर्थव्यवस्था में सुधार: कोविड पूर्व स्तर से 8 फीसदी बढ़ा निर्यात, व्यापार घाटे में 62 फीसदी कमी
- पिछले साल से निर्यात 67 फीसदी ज्यादा, आयात घटने से व्यापार घाटे में 62 फीसदी गिरावट
- मई में 32.21 अरब डॉलर का निर्यात हुआ, आयात 38.53 अरब डॉलर
विस्तार
लॉकडाउन के बावजूद मई में निर्यात के मोर्चे पर वास्तविक वृद्धि हुई है। वाणिज्य मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि मई में कुल 32.21 अरब डॉलर का निर्यात हुआ, जो कोविड पूर्व स्तर से 7.9 फीसदी और पिछले साल मई से 67.39 फीसदी ज्यादा है। मई 2019 के मुकाबले आयात घटने से व्यापार घाटे में 62 फीसदी गिरावट आई है।
मंत्रालय के मुताबिक, मई 2019 (कोविड पूर्व) में कुल 29.85 अरब डॉलर का निर्यात हुआ था और मई 2020 में यह 19.24 अरब डॉलर रहा। इस तरह, निर्यात के मोर्चे पर वास्वत में तेजी आई है। बीती मई में आयात 38.53 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल के 22.86 अरब डॉलर के मुकाबले 68.56 फीसदी ज्यादा है। वहीं कोविड पूर्व मई 2019 के 46.68 अरब डॉलर से 17.54 फीसदी कम है। इस तरह व्यापार घाटे में भी 62 फीसदी की बड़ी गिरावट आई, जो 6.32 अरब डॉलर रहा। 2019 में व्यापार घाटा 16.84 अरब डॉलर था। हालांकि, पिछले साल के 3.62 अरब डॉलर के मुकाबले व्यापार घाटा 74.69 फीसदी बढ़ा है।
आत्मनिर्भर अभियान ने घटाया आयात
भारतीय व्यापार संवर्द्धन परिषद (टीपीसीआई) के चेयरमैन मोहित सिंगला ने कहा, आत्मनिर्भर भारत अभियान के जरिए न्यूजप्रिंट, यातायात उपकरण, लौह-इस्पात क्षेत्र के आयात में कमी आई है। दूसरी ओर, इंजीनियरिंग और पेट्रोलियम उत्पाद, रत्न एवं आभूषण क्षेत्र के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। इंजीनियरिंग उत्पादों में 16 फीसदी तेजी आई है। सबसे ज्यादा 3.56 अरब डॉलर का निर्यात पेट्रोलियम उत्पादों का रहा। अमेरिका और यूरोप के बाजार खुलने से चालू वित्त वर्ष में निर्यात के मोर्चे पर तेजी बरकरार रहने का अनुमान है।
हीरा निर्यात में 20 फीसदी तेजी का अनुमान : क्रिसिल
अमेरिका और चीन के बाजार में सुधार आने से भारतीय हीरा उद्योग में इस साल 20 फीसदी निर्यात बढ़ने का अनुमान है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने बताया कि भारत से निर्यात होने वाले तराशे हीरे का 75 फीसदी हिस्सा अमेरिका और चीन में जाता है। महामारी के दबाव से उबरने की कोशिश कर रहा भारतीय हीरा उद्योग दूसरी छमाही से तेजी पकड़ सकता है और 2021 में निर्यात 20 अरब डॉलर रह सकता है। बीते साल 16.4 अरब डॉलर का निर्यात हुआ था, जो 2019 के मुकाबले 12 फीसदी कम था। कोविड संक्रमण की दूसरी लहर बीतने पर हीरा उद्योग में काम करने वाले श्रमिकों की वापसी होगी, जिससे उत्पादन में भी तेजी आएगी।
सोना 116 रुपये सस्ता, चांदी 1291 रुपये फिसली
वैश्विक बाजार में कीमतों में नरमी से बुधवार को दिल्ली सराफा बाजार में सोना 116 रुपये सस्ता होकर 48,772 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। पिछले कारोबारी सत्र में सोना 48,888 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा था। चांदी भी 1,291 रुपये सस्ती होकर 70,836 रुपये प्रति किलोग्राम रही। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) तपन पटेल ने कहा कि बुधवार को कॉमेक्स (न्यूयॉर्क आधारित कमोडिटी एक्सचेंज) पर सोना 1,898 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जिससे पीली धातु में गिरावट रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 1,898 डॉलर प्रति औंस रहा, जबकि चांदी 27.74 डॉलर प्रति औंस रही।
रुपये में तीसरे दिन भी गिरावट, 19 पैसे टूटा
डॉलर के मुकाबले रुपया बुधवार को 19 पैसे टूटकर 73.09 पर बंद हुआ। यह रुपये में लगातार तीसरे दिन गिरावट रही है। इस दौरान घरेलू मुद्रा में 64 पैसे की गिरावट रही। अंतरबैंक मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 73.13 पर खुला। कारोबार के दौरान यह 73.04 से 73.30 के दायरे में रहा। बीएनपी पारिबास के रिसर्च विश्लेषक सैफ मुकादम का कहना है कि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और वहां के आर्थिक आंकड़ों में सुधार से डॉलर को मजबूती मिली। डॉलर सूचकांक 0.35 फीसदी बढ़कर 90.14 पर पहुंच गया। इसके साथ ही घरेलू शेयर बाजार में कमजोरी से भी रुपये में गिरावट रही।