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US Tariffs News: भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर मुहर लगते ही 600 अंक उछला गिफ्ट निफ्टी, जानें इस तेजी का क्या मतलब
Mon, 02 Feb 2026 11:41 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Mon, 02 Feb 2026 11:41 PM IST
सार
India-US Trade Deal Impact:ट्रंप और मोदी के बीच ट्रेड डील पर सहमति के बाद गिफ्ट निफ्टी में 600 अंकों की तेजी। जानिए अमेरिका की ओर से भारत के उत्पादों पर टैरिफ 18% होने से किन भारतीय सेक्टर्स को होगा फायदा।
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भारत-अमेरिका डील का बाजार पर असर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों के लिए मंगलवार की सुबह शानदार साबित हो सकती है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत के साथ बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौते का एलान करते ही बाजार का मूड पूरी तरह बदल गया है। इस खबर के आते ही गिफ्ट निफ्टी में जोरदार तेजी देखी गई और यह करीब 600 अंकों यानी 2.4% की छलांग लगाकर 25,374 के स्तर पर पहुंच गया। गिफ्ट निफ्टी में यह तेजी दलाल स्ट्रीट पर मंगलवार को भारी खरीदारी और बड़े उछाल का कारण बन सकता है।
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क्या है ट्रंप और मोदी की नई डील?
इस तेजी की असली वजह वह समझौता है, जिसकी जानकारी डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर दी। ट्रंप ने बताया कि उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात हुई है और दोनों देश व्यापार को सुगम बनाने पर सहमत हो गए हैं। नए समझौते के तहत, अमेरिका भारतीय सामानों पर लगने वाले 'रिसिप्रोकल टैरिफ' को 25% से घटाकर 18% कर देगा। इसके बदले में, भारत भी अमेरिकी उत्पादों पर लगने वाले टैरिफ और नॉन-टैरिफ बाधाओं को हटाकर 'शून्य' करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
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क्यों झूमा बाजार?
बाजार के लिए यह खबर संजीवनी बूटी की तरह है। पिछले कुछ समय से ट्रेड डील को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण बाजार दबाव में था और जनवरी महीने में निफ्टी 1,000 अंक तक टूट चुका था। विदेशी निवेशक लगातार पैसा निकाल रहे थे। बाजार के जानकारों ने इस डील को दोनों देशों के लिए फायदेमंद बताया है। उनका कहना है कि भले ही समझौते की बारीकियां अभी सामने आनी बाकी हैं, लेकिन इसने रुपये और इक्विटी मार्केट पर लटक रही अनिश्चितता की तलवार को हटा दिया है।
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किन सेक्टर्स को होगा सबसे ज्यादा फायदा?
विश्लेषकों का मानना है कि टैरिफ कम होने से निर्यात पर निर्भर रहने वाले सेक्टर्स की चांदी होने वाली है। टेक्सटाइल (कपड़ा उद्योग) और फिशरी (मत्स्य पालन) से जुड़े स्टॉक्स, जो अब तक ऊंचे अमेरिकी टैरिफ के कारण दबाव में थे, इस समझौते के सबसे बड़े लाभार्थी बनकर उभरेंगे। साथ ही, रुपये में आई कमजोरी को भी अब थामने में मदद मिलेगी, जिससे बाजार का सेंटिमेंट और मजबूत होगा।