FTA: भारत-ब्रिटेन के बीच जुलाई के अंत तक व्यापार समझौता होने की संभावना, कानूनी प्रक्रिया अंतिम चरण में
भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच मुक्त व्यापार समझौते को कानूनी रूप देने के लिए वाणिज्य सचिव सुनिल बर्थवाल लंदन में हैं। जुलाई के अंत तक इस समझौते पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। इस समझौते के तहत दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच 2030 तक व्यापार दोगुना होकर 120 बिलियन डॉलर हो जाएगा।
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भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को कानूनी रूप देने की प्रक्रिया तेज गति से आगे बढ़ रही है। इस पर जुलाई के अंत तक हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। मंगलवार को एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
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वाणिज्य सचिव हैं लंदन के दौरे पर
इस प्रक्रिया को गति देने के लिए वाणिज्य सचिव सुनिल बर्थवाल अपनी आधिकारिक टीम के साथ लंदन में हैं। बर्थवाल अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान ब्रिटेन के बिजनेस एंड ट्रेड सेक्रेटरी जोनाथन रेनॉल्ड्स और अन्य वरिष्ठ ब्रिटिश अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।
2030 तक 120 बिलियन डॉलर के व्यापार का लक्ष्य
भारत और यूके ने 6 मई को एफटीए वार्ताओं को औपचारिक रूप से पूरा करने की घोषणा की । इस समझौते के तहत भारत से चमड़ा, जूते और वस्त्र जैसे श्रम-प्रधान उत्पादों के निर्यात पर शुल्क समाप्त हो जाएगा। वहीं ब्रिटेन से व्हिस्की और कारों का आयात सस्ता होगा। दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच 2030 तक व्यापार दोगुना होकर 120 बिलियन डॉलर हो जाएगा। विश्व की पांचवीं और छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं ने तीन वर्षों की वार्ता के बाद इस समझौते को संपन्न किया।
हस्ताक्षर के बाद इसे किया जाएगा सार्वजनिक
एफटीए पर हस्ताक्षर के बाद, इसे लागू करने से पहले ब्रिटिश संसद और भारत की केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी लेनी होगी। इसके बाद इसे लागू होने में लगभग एक वर्ष का समय लग सकता है। अधिकारी ने बताया कि एफटीए के कानूनी मसौदे की समीक्षा के लिए भारत की कानूनी टीम भी लंदन में है। समझौते पर हस्ताक्षर के बाद इसका पूरा पाठ सार्वजनिक किया जाएगा। इससे पहले इसी महीने केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भी लंदन में थे और उन्होंने एफटीए के कार्यान्वयन से जुड़े मुद्दों पर जोनाथन रेनॉल्ड्स से चर्चा की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर को भारत आने का निमंत्रण दिया है।