{"_id":"6541f81a6148d0f50e0f1e84","slug":"india-s-manufacturing-sector-activity-falls-to-8-month-low-in-oct-on-softer-rise-in-new-orders-pmi-2023-11-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"PMI: अक्तूबर में विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधि आठ महीने के निचले स्तर पर, पीएमआई 55.5 पर पहुंचा","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
PMI: अक्तूबर में विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधि आठ महीने के निचले स्तर पर, पीएमआई 55.5 पर पहुंचा
Wed, 01 Nov 2023 12:32 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Wed, 01 Nov 2023 12:32 PM IST
सार
PMI: सर्वेक्षण के अनुसार कुल नए ऑर्डर, उत्पादन, निर्यात, खरीदारी के स्तर तथा खरीद में धीमी ही सही, पर्याप्त बढ़ोतरी हुई। नियुक्ति गतिविधि फीकी पड़ गई और कारोबारी विश्वास पांच महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई।
विज्ञापन
pmi
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत में विनिर्माण गतिविधियां अक्तूबर महीने में आठ महीने के निचले स्तर पर रहीं। बुधवार को जारी एक मासिक सर्वेक्षण के अनुसार नए ऑर्डर में नरमी से उत्पादन वृद्धि में कमी दर्ज की गई। मौसमी रूप से समायोजित एसएंडपी ग्लोबल इंडिया विनिर्माण खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) अक्टूबर में गिरकर 55.5 पर आ गया, जो सितंबर में 57.5 था। अक्तूब में यह आठ महीने के निचले स्तर पर रहा।
अक्तूबर महीने के पीएमआई आंकड़ों में हालांकि लगातार 28वें महीने समग्र परिचालन स्थितियों में सुधार के संकेत मिले हैं। पीएमआई की भाषा में सूचकांक का 50 से ऊपर होने का मतलब विस्तार है जबकि इसका 50 से नीचे होना संकुचन को दर्शाता है।
एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस में अर्थशास्त्र एसोसिएट निदेशक पॉलियाना डी लीमा ने कहा, ‘‘ नया ऑर्डर सूचकांक एक साल के निचले स्तर पर फिसल गया। कुछ कंपनियों ने अपने उत्पादों की मौजूदा मांग को लेकर चिंता जाहिर की है।’’ सर्वेक्षण के अनुसार कुल नए ऑर्डर, उत्पादन, निर्यात, खरीदारी के स्तर तथा खरीद में धीमी ही सही, पर्याप्त बढ़ोतरी हुई। नियुक्ति गतिविधि फीकी पड़ गई और कारोबारी विश्वास पांच महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई।
विज्ञापन
सर्वेक्षण के अनुसार, ‘‘ अक्टूबर के आंकड़ों ने सितंबर के बाद से वृद्धि में गिरावट का संकेत है। वास्तविक सबूतों से पता चलता है कि कुछ उत्पादों की धीमी मांग और भयंकर प्रतिस्पर्धा ने तेजी को रोक दिया है।’’ नौकरियों की बात की जाए तो चार प्रतिशत से भी कम कंपनियों ने अतिरिक्त कर्मचारियों को काम पर रखा और 95 प्रतिशत ने कार्यबल संख्या अपरिवर्तित रही। रोजगार सृजन की दर मामूली और अप्रैल के बाद से सबसे धीमी है। कीमतों की बात करें तो लागत दबाव बढ़ा है, जबकि ‘आउटपुट’ मूल्य मुद्रास्फीति कम हो गई।
विज्ञापन
अक्तूबर महीने के पीएमआई आंकड़ों में हालांकि लगातार 28वें महीने समग्र परिचालन स्थितियों में सुधार के संकेत मिले हैं। पीएमआई की भाषा में सूचकांक का 50 से ऊपर होने का मतलब विस्तार है जबकि इसका 50 से नीचे होना संकुचन को दर्शाता है।
विज्ञापन
एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस में अर्थशास्त्र एसोसिएट निदेशक पॉलियाना डी लीमा ने कहा, ‘‘ नया ऑर्डर सूचकांक एक साल के निचले स्तर पर फिसल गया। कुछ कंपनियों ने अपने उत्पादों की मौजूदा मांग को लेकर चिंता जाहिर की है।’’ सर्वेक्षण के अनुसार कुल नए ऑर्डर, उत्पादन, निर्यात, खरीदारी के स्तर तथा खरीद में धीमी ही सही, पर्याप्त बढ़ोतरी हुई। नियुक्ति गतिविधि फीकी पड़ गई और कारोबारी विश्वास पांच महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई।
विज्ञापन
सर्वेक्षण के अनुसार, ‘‘ अक्टूबर के आंकड़ों ने सितंबर के बाद से वृद्धि में गिरावट का संकेत है। वास्तविक सबूतों से पता चलता है कि कुछ उत्पादों की धीमी मांग और भयंकर प्रतिस्पर्धा ने तेजी को रोक दिया है।’’ नौकरियों की बात की जाए तो चार प्रतिशत से भी कम कंपनियों ने अतिरिक्त कर्मचारियों को काम पर रखा और 95 प्रतिशत ने कार्यबल संख्या अपरिवर्तित रही। रोजगार सृजन की दर मामूली और अप्रैल के बाद से सबसे धीमी है। कीमतों की बात करें तो लागत दबाव बढ़ा है, जबकि ‘आउटपुट’ मूल्य मुद्रास्फीति कम हो गई।