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India GDP: 'भारत की जीडीपी 2024-26 के दौरान 6 से 7.1% के बीच बनी रहेगी', S&P ने कहा- विकास की संभावनाएं मजबूत
Thu, 16 Nov 2023 04:37 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Thu, 16 Nov 2023 04:37 PM IST
सार
India GDP: एसएंडपी ने 'ग्लोबल बैंक्स कंट्री-बाय-कंट्री आउटलुक 2024' शीर्षक वाली एक रिपोर्ट में कहा कि मजबूत कॉरपोरेट बैलेंस शीट, सख्त अंडरराइटिंग मानकों और बेहतर जोखिम-प्रबंधन प्रथाओं सहित संरचनात्मक सुधार के कारण बैंकिंग क्षेत्र का कमजोर ऋण 31 मार्च, 2025 तक घटकर सकल अग्रिम का 3-3.5 प्रतिशत रह जाएगा।
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S&P Global
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने गुरुवार को भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर पर सकारात्मक टिप्पणी की है। एजेंसी ने कहा है कि वित्त वर्ष 2024-2026 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 6 से 7.1 प्रतिशत सालाना रह सकती है। इस दौरान मध्यम अवधि में भारत की आर्थिक वृद्धि की संभावनाएं मजबूत बनी रहेंगी।
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एसएंडपी ने 'ग्लोबल बैंक्स कंट्री-बाय-कंट्री आउटलुक 2024' शीर्षक वाली एक रिपोर्ट में कहा कि मजबूत कॉरपोरेट बैलेंस शीट, सख्त अंडरराइटिंग मानकों और बेहतर जोखिम-प्रबंधन प्रथाओं सहित संरचनात्मक सुधार के कारण बैंकिंग क्षेत्र का कमजोर ऋण 31 मार्च, 2025 तक घटकर सकल अग्रिम का 3-3.5 प्रतिशत रह जाएगा।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना नहीं है और इससे बैंकिंग उद्योग के लिए जोखिम सीमित होना चाहिए।
एसएंडपी की प्राथमिक ऋण विश्लेषक दीपाली सेठ छाबड़िया ने कहा, "असुरक्षित पर्सनल लोन तेजी से बढ़ा है और यह एनपीएल में योगदान दे सकता है। हमारा मानना है कि खुदरा ऋण के लिए अंडरराइटिंग मानक आम तौर पर स्वस्थ रहते हैं और इस उत्पाद श्रेणी के लिए चूक का समग्र स्तर स्वीकार्य सीमा के भीतर रहता है।"
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रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक अनिश्चितताओं का भारतीय अर्थव्यवस्था पर कम असर होगा। धीमी वैश्विक वृद्धि और बाहरी मांग से आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ेगा और इससे मुद्रास्फीति और बढ़ सकती है। हालांकि, यह देखते हुए कि भारत घरेलू रूप से उन्मुख है, एजेंसी को उम्मीद है कि आर्थिक विकास कम प्रभावित होगा।