GDP: भारत की जीडीपी दूसरी तिमाही में 8.2 प्रतिशत बढ़ी, पिछली छह तिमाहियों में सबसे मजबूत ताजा आंकड़े
GDP: सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था ने जुलाई-सितंबर तिमाही में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल की। यह छह तिमाहियों का उच्चतम स्तर है। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
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भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर दूसरी तिमाही में 8.2 प्रतिशत बढ़ी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 5.6 प्रतिशत थी। सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था ने जुलाई-सितंबर तिमाही में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल की। यह छह तिमाहियों का उच्चतम स्तर है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि जीएसटी दर में कटौती से उपभोग बढ़ने की उम्मीद में कारखानों ने अधिक उत्पाद तैयार किए।
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लोगों की कड़ी मेहनत और उद्यम का परिणाम जीडीपी के आंकड़े: पीएम
जीडीपी के मजबूत आंकड़ों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। पीएम मोदी ने शुक्रवार को कहा कि 2025-26 की दूसरी तिमाही में 8.2 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि दर लोगों की कड़ी मेहनत और उद्यम को दर्शाती है। मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "2025-26 की दूसरी तिमाही में 8.2 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि दर बहुत उत्साहजनक है। यह हमारी विकास-समर्थक नीतियों और सुधारों के प्रभाव को दर्शाती है। यह हमारे लोगों की कड़ी मेहनत और उद्यमशीलता को भी दर्शाती है।" प्रधानमंत्री ने कहा, "हमारी सरकार सुधारों को आगे बढ़ाती रहेगी और प्रत्येक नागरिक के लिए जीवन की सुगमता को मजबूत करेगी।"
दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर पिछले तीन महीनों के 7.8 प्रतिशत और एक वर्ष पूर्व की समान अवधि के 5.6 प्रतिशत से बेहतर रही। विनिर्माण, जो देश के सकल घरेलू उत्पाद का 14 प्रतिशत है, दूसरी तिमाही में 9.1 प्रतिशत बढ़ा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 2.2 प्रतिशत था।
चालू वित्त वर्ष में वृद्धि दर जा सकती है 7% फीसदी के पार: सीईए नागेश्वरन
जीडीपी के आंकड़ों से उत्साहित मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंत नागेश्वरन ने शुक्रवार को विश्वास जताया कि चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक विकास दर 7% के आंकड़े को पार कर जाएगी और भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार 4 ट्रिलियन डॉलर के ऐतिहासिक स्तर को छू लेगा। संसद में जनवरी में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण में वित्त वर्ष 2026 के लिए वास्तविक आर्थिक विकास दर 6.3 से 6.8 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था। हालांकि, दूसरी तिमाही के आंकड़ों ने इन अनुमानों को पीछे छोड़ दिया है।
जीडीपी आंकड़े जारी होने के बाद सीईए नागेश्वरन ने कहा, "वित्तीय वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 8% रही है। अब हम विश्वास के साथ कह सकते हैं कि पूरे वर्ष की वृद्धि दर 7% या उससे अधिक रहेगी। मंदी या गिरावट की आशंकाओं को खारिज करते हुए, हम कम से कम 7% की वृद्धि देख रहे हैं।"
उन्होंने बताया कि इस साल मार्च के अंत तक भारत की जीडीपी का आकार 3.9 ट्रिलियन डॉलर था, और मौजूदा रफ्तार को देखते हुए इस वित्त वर्ष में इसके 4 ट्रिलियन डॉलर के पार जाने की पूरी संभावना है।
राजकोषीय घाटा 8.25 लाख करोड़ रुपये हुआ
वहीं, अप्रैल से अक्तूबर के बीच यानी इस वित्तीय वर्ष के पहले सात महीनों में भारत का राजकोषीय घाटा 8.25 लाख करोड़ रुपये रहा। यह वार्षिक अनुमानों का 52.6% है। इस बार राजकोषीय घाटा पिछले वर्ष के 46.5% से अधिक है। सरकार का लक्ष्य इस वित्तीय वर्ष में राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.4% तक कम करना है, यह एक साल पहले 4.8% था।
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1 दिसंबर को जारी होंगे औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े
सरकार की ओर से यह भी बताया गया है कि भारत का अक्तूबर 2025 का औद्योगिक उत्पादन आंकड़ा एक दिसंबर को जारी होगा। अखिल भारतीय औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के आंकड़े आमतौर पर हर महीने की 28 तारीख को या यदि 28 तारीख को अवकाश हो तो अगले कार्यदिवस को जारी किए जाते हैं।
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सरकार ने एक आधिकारिक बयान में कहा, "अक्तूबर 2025 के लिए आईआईपी 28 नवंबर 2025 को जारी किया जाना था। चूंकि 2025-26 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के लिए सकल घरेलू उत्पाद के त्रैमासिक अनुमानों का प्रकाशन आईआईपी रिलीज के साथ होना है, इसलिए अक्तूबर 2025 के लिए आईआईपी के प्रकाशन की तारीख बदली गई है।" अब ये आंकड़ा 1 दिसंबर 2025 को शाम 4:00 बजे जारी किया जाएगा।