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Export: अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर देश में अच्छी तस्वीर, निर्यात 6% बढ़ 447 अरब डॉलर हुआ, आयात में 16.5% इजाफा
Fri, 14 Apr 2023 05:45 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Fri, 14 Apr 2023 05:45 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
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दुनियाभर में उच्च महंगाई, ज्यादा ब्याज दरें और भू-राजनीतिक तनाव के बीच वित्त वर्ष 2022-23 में भारतीय अर्थव्यवस्था की अच्छी तस्वीर दिखी है। इस दौरान रिकॉर्ड 447 अरब डॉलर का निर्यात हुआ। 2021-22 में 422 अरब डॉलर के मुकाबले यह छह फीसदी ज्यादा है। मुख्य रूप से पेट्रोलियम, फार्मा, रसायन तथा समुद्री उत्पादों के क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन से निर्यात अच्छा रहा है। देश का आयात भी 2022-23 में 16.5 प्रतिशत बढ़कर 714 अरब डॉलर हो गया जो 2021-22 में 613 अरब डॉलर था।
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केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रोम में कहा कि ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में वस्तुओं और सेवाओं का निर्यात 2022-23 में 14 प्रतिशत या करीब 100 अरब डॉलर बढ़कर 770 अरब डॉलर की नई ऊंचाई पर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष की तुलना में यह 14 प्रतिशत अधिक है। एक साल पहले 676 अरब डॉलर था। 2020 में यह 500 अरब डॉलर रहा था।
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इसी दौरान देश का सेवा निर्यात भी 2022-23 में 27.16 प्रतिशत बढ़कर 323 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 254 अरब डॉलर था। उन्होंने कहा, ‘‘यह वास्तव में भारत के अंतरराष्ट्रीय बाजार में विस्तार का संकेत है।’’
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वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, जब विकसित देशों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार में नरमी और मंदी एवं कई देशों में अभूतपूर्व उच्च महंगाई दिख रही है, ऐसे में हमारे निर्यात का प्रदर्शन शानदार रहा है। निर्यात में वृद्धि से चालू खाते के घाटे को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। यह वास्तव में भारत के अंतरराष्ट्रीय बाजार में विस्तार का संकेत है।
प्रत्यक्ष कर 173 फीसदी बढ़कर 19.68 लाख करोड़
देश का कुल प्रत्यक्ष कर संग्रह पिछले दस साल में 173 फीसदी बढ़कर 19.68 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने बताया कि वित्त वर्ष 2013-14 से लेकर 2022-23 के बीच करदाताओं को रिफंड करने के बाद शुद्ध कर संग्रह 16.61 लाख करोड़ रुपये रहा है। जीडीपी के अनुपात में प्रत्यक्ष कर 5.62 फीसदी से बढ़कर 5.97 फीसदी पर पहुंच गया है।
भारत के आयात में चीन की हिस्सेदारी घटी
भारत के आयात में चीन की हिस्सेदारी एक साल पहले के 15.43% से घटकर 2022-23 में 13.79% हो गई है। इसमें उर्वरक और इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसी सामग्री प्रमुख रूप से शामिल हैं। चीन को निर्यात 28% घटकर 15.32 अरब डॉलर रहा है। एक साल पहले यह 21.26 अरब डॉलर था।
आयात में 16.5% की वृद्धि से व्यापार घाटा बढ़ा
देश का आयात 2022-23 में 16.5 फीसदी बढ़कर 714 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। 2021-22 में यह 613 अरब डॉलर था। व्यापार घाटा भी एक साल पहले के 191 अरब डॉलर से बढ़कर 267 अरब डॉलर हो गया है। वस्तुओं और सेवाओं का कुल आयात 892 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। यह दर्शाता है कि देश की आर्थिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। इससे निर्यात को समर्थन मिला है।
सेवा क्षेत्र में इनका बेहतर योगदान
आईटी, लेखा और बिजनेस प्रोसेसिंग क्षेत्रों में अच्छा विकास।
वस्तु क्षेत्र में इनका अच्छा प्रदर्शन
तेल खली, इलेक्ट्रॉनिक सामान, तंबाकू, तिलहन, चावल, कॉफी, फल और सब्जियां, चमड़े का सामान, फार्मा, समुद्री उत्पाद, रसायन और तैयार वस्त्र।