Biz Updates: भारत की डिजिटल पूंजी ने उद्यमशीलता और आय बढ़ाई, रिलायंस ने अधिग्रहण पर खर्च किए 13 अरब डॉलर
Biz Updates: विश्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा हक् कि भारत की बढ़ती डिजिटल पूंजी उद्यमिता, व्यावसायिक आय और सामाजिक गतिशीलता को बढ़ाने वाला एक महत्वपूर्ण चालक है। इससे विशेष रूप से छोटे पैमाने के विक्रेताओं और आर्थिक रूप से पिछड़े जिलों को लाभ हो रहा है।
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भारत की बढ़ती डिजिटल पूंजी उद्यमिता, व्यावसायिक आय और सामाजिक गतिशीलता को बढ़ाने वाला एक महत्वपूर्ण चालक है। इससे विशेष रूप से छोटे पैमाने के विक्रेताओं और आर्थिक रूप से पिछड़े जिलों को लाभ हो रहा है। विश्व बैंक ने अपनी एक रिपोर्ट में यह बात कही है। हाल ही प्रकाशित रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे डिजिटल प्रौद्योगिकियां- जैसे कि इंटरनेट, मोबाइल फोन और सोशल मीडिया- देश में सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को बदल रही हैं।
विश्व बैंक ने कहा, "डिजिटल पूंजी ने भारत में उद्यमिता और व्यावसायिक आय में वृद्धि की है और छोटे पैमाने के विक्रेताओं और आर्थिक रूप से पिछड़े जिलों की मदद की है।" रिपोर्ट में कहा गया है कि डिजिटल प्रौद्योगिकियां वंचित पृष्ठभूमि के छात्रों को शिक्षण सामग्री तक पहुंच प्रदान करती हैं, जिससे प्रतिभा विकास और सामाजिक गतिशीलता को बढ़ावा मिलता है।"
रिपोर्ट के अनुसार ऑनलाइन गतिविधि और भुगतान के रिकॉर्ड वित्तीय विश्वसनीयता स्थापित करने में मदद करते हैं, क्योंकि भुगतान, प्राप्तियां, कर और ऋण चुकौती के डेटा का उपयोग अब ऋणदाताओं की ओर से ऋण योग्यता का आकलन करने के लिए किया जा सकता है। रिपोर्ट में भारत के अग्रणी तकनीकी उद्यमियों में से एक नंदन नीलेकणी को 2009 में आधार प्रणाली की शुरुआत करने का श्रेय दिया गया है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने पांच वर्षों में अधिग्रहण पर 13 अरब डॉलर खर्च किएः रिपोर्ट
मुकेश अंबानी की नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने बीते पांच वर्षों में नवीकरणीय ऊर्जा, दूरसंचार, खुदरा और मीडिया कारोबार में किए गए अधिग्रहणों पर करीब 13 अरब डॉलर खर्च किए हैं। मॉर्गन स्टेनली ने अपनी एक रिपोर्ट में यह दावा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, रिलायंस इंडस्ट्रीज की अधिग्रहण योजनाओं का लक्ष्य तेल और पेट्रोकेमिकल कारोबार का दायरा बढ़ाकर नवीकरणीय ऊर्जा और उपभोक्ता केंद्रित खंड पर करना है। पिछले हफ्ते ही रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने 375 करोड़ रुपये में कार्किनोस हेल्थकेयर खरीदा जो उसके डायग्नोस्टिक व डिजिटल स्वास्थ्य देखभाल ढांचे एक बड़ा नाम है।
अमेरिकी वित्तीय सेवा कंपनी ने अपनी रिपोर्ट में कहा, "पिछले पांच वर्षों में आरआईएल ने 13 अरब डॉलर के अधिग्रहण की घोषणाएं की हैं। इनमें से 14 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा, 48 प्रतिशत प्रौद्योगिकी, मीडिया एवं दूरसंचार (टीएमटी), नौ प्रतिशत खुदरा और इससे भी अधिक अधिग्रहण स्वास्थ्य सेवा में रहे हैं।" इसमें से छह अरब डॉलर मीडिया और शिक्षा व्यवसाय में कंपनियों और परिसंपत्तियों के अधिग्रहण में और 2.6 अरब डॉलर दूरसंचार और इंटरनेट खंड में लगाए गए।
मॉर्गन स्टेनली के मुताबिक, आरआईएल ने नवीकरणीय ऊर्जा में अधिग्रहण पर 1.7 अरब डॉलर और खुदरा क्षेत्र में 1.14 अरब डॉलर खर्च किए। पिछले पांच वर्षों में आरआईएल का सबसे बड़ा अधिग्रहण स्थानीय केबल टीवी और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं हैथवे केबल और डेटाकॉम लिमिटेड का 98.1 करोड़ डॉलर में खरीदना रहा है।