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PMI Services: मांग में नरमी के कारण मार्च में सेवा क्षेत्र का विस्तार धीमा पड़ा, पीएमआई के आंकड़े जारी
Fri, 04 Apr 2025 11:40 AM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Fri, 04 Apr 2025 11:40 AM IST
सार
PMI Services: सेवा क्षेत्र के पीएमआई में मार्च में नरमी दिखी। एचएसबीसी फाइनल भारत सेवा क्रय प्रबंधक सूचकांक फरवरी के 59.0 से गिरकर मार्च में 58.5 पर आ गया। हालांकि यह बाजार के अनुमानों से अधिक रहा। अनुमानों में सूचकांक के 57.7 तक पहुंचने की आशंका जताई गई थी। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
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सेवा क्षेत्र की पीएमआई
- फोटो : i stock
विस्तार
मांग में नरमी के कारण सेवा क्षेत्र का विस्तार मार्च में धीमा रहा। इस दौरान कंपनियों ने साढ़े तीन साल में सबसे कम दर से कीमतें बढ़ाईं। शुक्रवार को एक सर्वेक्षण में यह बात कही गई। सर्वे से यह भी पता चला कि रोजगार सृजन में भी कमी आई है।
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एचएसबीसी फाइनल भारत सेवा क्रय प्रबंधक सूचकांक फरवरी के 59.0 से गिरकर मार्च में 58.5 पर आ गया। हालांकि यह बाजार के अनुमानों से अधिक रहा। अनुमानों में सूचकांक के 57.7 तक पहुंचने की आशंका जताई गई थी। पीएमआई की भाषा में 50 अंक से ऊपर का स्तर विस्तार तो 50 से नीचे का स्तर गिरावट को दर्शाता है।
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एचएसबीसी के भारत के मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा, "घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय मांग काफी अच्छी रही, हालांकि पिछले महीने की तुलना में यह क्रमिक रूप से थोड़ी कम रही।" सर्वे के अनुसार घरेलू मांग अर्थव्यवस्था में मुख्य चालक बनी रही।
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नए कारोबार में ठोस वृद्धि देखी गई, हालांकि, फरवरी की तुलना में इसकी गति धीमी रही। दूसरी ओर, विदेशी मांग में नरमी देखी गई और अंतरराष्ट्रीय ऑर्डरों में 15 महीनों में सबसे धीमी वृद्धि दर्ज की गई। इससे वैश्विक बाजार में संभावित कमजोरियों का संकेत मिलता है। इसका एक बड़ा कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से हाल ही में घोषित जवाबी टैरिफ के एलान भी हैं।
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