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Purchasing Manager Index: विनिर्माण गतिविधियां जून में नौ महीने के निचले स्तर पर, पीएमआई मई में 54.6 से गिरकर जून में 53.8 पर
Sat, 02 Jul 2022 06:30 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Sat, 02 Jul 2022 06:30 AM IST
सार
जानकारों के मुताबिक, भू-राजनीतिक तनाव से बढ़ती महंगाई से लेकर रुपये में कमजोरी जैसे कई कारण हैं जो अर्थव्यवस्था पर दबाव बना रहे हैं। इसकी वजह से पीएमआई में कमी देखने को मिली है।
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मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर। (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : PTI
विस्तार
देश की विनिर्माण गतिविधियां जून में 9 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गईं। हालांकि इसमें लगातार 12 महीने से बढ़त हो रही थी। मासिक सर्वे में पर्चेजिंग मैनेजर इंडेक्स (पीएमआई) मई में 54.6 से गिरकर जून में 53.8 पर पहुंच गया। पिछले सितंबर से अब तक यह सबसे कमजोर वृद्धि रही। हालांकि लगातार 12वें महीने यह 50 से ऊपर रहा है। इसके 50 से ऊपर होने का मतलब विस्तार और नीचे होने का मतलब गिरावट से होता है।
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जानकारों के मुताबिक, भू-राजनीतिक तनाव से बढ़ती महंगाई से लेकर रुपये में कमजोरी जैसे कई कारण हैं जो अर्थव्यवस्था पर दबाव बना रहे हैं। इसकी वजह से पीएमआई में कमी देखने को मिली है।
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एसएंडपी ने पीएमआई आंकड़े जारी करने के साथ ये भी कहा कि चुनौतीपूर्ण वातावरण में विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में बढ़त काफी उत्साहजनक है, भले ही इसमें थोड़ा धीमापन रहा है। सर्वे के मुताबिक, बढ़ती महंगाई कारोबारी भरोसे पर लगातार हावी हो रही है। इससे सेंटीमेंट्स 27 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि नौकरियों के मोर्चे पर लगातार चौथे महीने बढ़त दिखी है।
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ऊर्जा खपत 17.2 फीसदी बढ़कर 134 अरब यूनिट
तेज गर्मी और आर्थिक गतिविधियों में तेजी से जून महीने में ऊर्जा की खपत 17.2 फीसदी बढ़कर 134.13 अरब यूनिट पर पहु्ंच गई। एक साल पहले इसी महीने में 114.48 अरब यूनिट की खपत हुई थी। 2020 में यह 105.08 अरब यूनिट थी। ऊर्जा मंत्रालय ने कहा कि 8 जून को सबसे ज्यादा खपत 209.8 गीगावाट थी। जून, 2021 में यह 191.24 और 2020 में 164.98 अरब यूनिट का रिकॉर्ड था। करोड़ का कारोबार हुआ था। तब 5.58 अरब लेनदेन हुए थे।
स्टार्टअप की रैंकिंग चार जुलाई को
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय सोमवार को स्टार्टअप के तीसरे संस्करण की रैंकिंग जारी करेगा। इसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश शामिल होंगे। पहला संस्करण 2018 में और दूसरा सितंबर, 2020 में जारी किया गया था। पिछली बार की रैंकिंग में गुजरात पहले स्थान पर था।
भारत को 13834 करोड़ का कर्ज मिलेगा
विश्व बैंक ने भारत की प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने निजी निवेश के लिए13,834 करोड़ रुपये का कर्ज देने की मंजूरी दी है। इसमें से एक अरब डॉलर की रकम स्वास्थ्य क्षेत्र और बाकी 75 करोड़ डॉलर डेवलपमेंट पॉलिसी लोन में जाएगा।
एसबीआई गोल्ड लोन एक लाख करोड़
देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने पहली बार सोने के एवज में कुल एक लाख करोड़ रुपये का कर्ज दिया है। चेयरमैन दिनेश खारा ने कहा, इस क्षेत्र में इसकी हिस्सेदारी 24 फीसदी है। बैंक का खुदरा कर्ज 15 फीसदी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि खुदरा कारोबार आगे भी तेजी से बढ़ेगा।