India: एक महान शक्ति के रूप में भारत का उभरना रहेगा जारी, विशेषज्ञ बोले- पश्चिमी देश सोच-समझकर लगा रहे दांव
Indian Economy: वुल्फ ने कहा कि आने वाले दशकों में देश की आबादी और अर्थव्यवस्था दोनों के तेजी से बढ़ने का अनुमान है, जो चीन को टक्कर देता है। उन्होंने कहा, 'बाइडन का वाशिंगटन में और एमैनुएल मैक्रों का पेरिस में नरेंद्र मोदी से गर्मजोशी से मिलना एक ऐसे देश के साथ करीबी संबंध स्थापित करने की कोशिश है जो चीन का मुकाबला कर सकता है।
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जाने-माने आर्थिक टिप्पणीकार मार्टिन वुल्फ का मानना है कि भारत वास्तव में एक उभरती हुई 'महान शक्ति' बन सकता है और 2050 तक उसकी अर्थव्यवस्था का आकार अमेरिका के बराबर हो जाएगा। उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि भारत 2050 तक प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर को पांच प्रतिशत सालाना पर बनाए रखने में सक्षम होगा। वुल्फ ने फाइनेंशियल टाइम्स में लिखे एक कॉलम में कहा, "भारत में बेहतर नीतियों के साथ विकास थोड़ा अधिक हो सकता है, हालांकि यह कम भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि भविष्य को देखते हुए पश्चिम के देश सोच-समझकर भारत पर दांव लगा रहे हैं।
चीन प्लस वन की नीति पर चलने वालों के लिए भारत ब्राइट स्पॉट
उन्होंने यह भी कहा कि 'चीन प्लस वन' रणनीति का पालन करने वाली कंपनियों के लिए भारत एक ब्राइट स्पाॅट है और बड़े घरेलू बाजार के स्पष्ट प्रतिस्पर्धियों की तुलना में इसे बढ़त हासिल है। भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और क्रय शक्ति के मामले में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। संयुक्त राष्ट्र ने 2050 तक देश की आबादी 1.67 अरब तक पहुंचने का अनुमान लगाया है और वर्तमान में यह 1.43 अरब है। वुल्फ ने कहा कि देश की बैंक बैलेंस शीट की मरम्मत की गई है और कुल मिलाकर, "क्रेडिट इंजन (देश के बैंक) एक बार फिर काफी अच्छी स्थिति में हैं"।
भारत की आबादी और अर्थव्यवस्था दोनों के तेजी से बढ़ने का अनुमान
वुल्फ ने कहा कि आने वाले दशकों में देश की आबादी और अर्थव्यवस्था दोनों के तेजी से बढ़ने का अनुमान है, जो चीन को टक्कर देता है। उन्होंने कहा, 'जो बाइडन का कभी प्रतिबंधित रहे नरेंद्र मोदी को वाशिंगटन में गर्मजोशी से गले लगाना और पेरिस में एमैनुएल मैक्रों की ओर से भारतीय नेता को गर्मजोशी से गले लगाना एक ऐसे देश के साथ करीबी संबंध स्थापित करने जैसा है जिसके चीन का मुकाबला करने के लिए एक शक्तिशाली देश होने की उम्मीद है।' क्या यह पश्चिमी शक्तियों के लिए एक अच्छा दांव है? हाँ। भारत के वास्तव में एक उभरती हुई महान शक्ति बनने की संभावना है।
आने वाले पांच वर्षों में छह प्रतिशत से अधिक की दर से बढ़ सकती है भारतीय अर्थव्यवस्था
उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने 2023 से 2028 तक वार्षिक आर्थिक वृद्धि दर छह प्रतिशत से कुछ अधिक रहने का अनुमान जताया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की वृद्धि पिछले तीन दशों की औसत वृद्धि के काफी करीब होगी, बशर्ते देश किसी बड़े वैश्विक या घरेलू झटकों से प्रभावित ना हो। उन्होंने कहा कि यह एक युवा देश भी है, जिसमें अत्यधिक अल्प-नियोजित श्रम शक्ति, उस श्रम शक्ति की गुणवत्ता में सुधार करने की क्षमता, यथोचित उच्च बचत दर और अधिक समृद्धि की व्यापक उम्मीदें हैं।