फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   India is among the global leaders in solar and wind power said pm in g20 energy ministers metting

G20: 2030 तक 50% गैर जीवाश्म आधारित ईंधन का उत्पादन लक्ष्य, जी-20 ऊर्जा मंत्रियों की बैठक में बोले पीएम मोदी

Sat, 22 Jul 2023 05:29 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Sat, 22 Jul 2023 05:29 PM IST
सार

G-20: पीएम ने कहा, "हमने इस साल 20% इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल का रोलआउट शुरू किया है, हमारा लक्ष्य 2025 तक पूरे देश को कवर करना है। हमें प्रौद्योगिकी अंतराल को पाटने, ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देने और आपूर्ति शृंखलाओं में विविधता लाने के तरीकों को खोजने की जरूरत है।"

विज्ञापन
India is among the global leaders in solar and wind power said pm in g20 energy ministers metting
PM Modi - फोटो : ANI

विस्तार

गोवा में जी 20 ऊर्जा मंत्रियों की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की ओर से हरित विकास और एनर्जी ट्रांजिशन के क्षेत्र में भारत की ओर से किए जाने वाले बड़े प्रयासों की चर्चा की। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत सबसे अधिक आबादी वाला राष्ट्र है और दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है, फिर भी हम अपनी जलवायु प्रतिबद्धताओं पर दृढ़ता से आगे बढ़ रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने कहा, "हमने 9 साल पहले अपने गैर-जीवाश्म, स्थापित विद्युत क्षमता लक्ष्य को हासिल कर लिया। हमने अब एक उच्च लक्ष्य निर्धारित किया है, हम 2030 तक 50% गैर-जीवाश्म स्थापित क्षमता प्राप्त करने की योजना बना रहे हैं। भारत सौर और पवन ऊर्जा के मामले में वैश्विक लीडर्स में से एक है।"
विज्ञापन
विज्ञापन


पीएम ने कहा, "हमने इस साल 20% इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल का रोलआउट शुरू किया है, हमारा लक्ष्य 2025 तक पूरे देश को कवर करना है। हमें प्रौद्योगिकी अंतराल को पाटने, ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देने और आपूर्ति शृंखलाओं में विविधता लाने के तरीकों को खोजने की जरूरत है।"




एशिया और अफ्रीका के मंत्रियों ने गरीबी खत्म करने के लिए लिया संकल्प
शनिवार को गोवा में आयोजित जी20 की बैठक में एशिया, अफ्रीका के मंत्रियों ने अपनी बढ़ती आबादी के लिए किफायती ऊर्जा तक पहुंच बढ़ाने के लिए सहयोग के अवसर तलाशने का संकल्प लिया है। मंत्रियों ने बैठक के बाद एक बयान जारी किया गया जिसमें बताया गया कि ‘दक्षिण-दक्षिण ज्ञान-साझाकरण नेटवर्क’ बनाकर वे अपने देशों में उचित ऊर्जा रूपांतरण एजेंडे को आगे बढ़ाएंगे। मंत्रियों ने जी20 ऊर्जा संक्रमण मंत्रिस्तरीय बैठक (ईटीएमएम) के मौके पर यह बात कही।

बैठक के दौरान, मंत्रियों ने नीति और नियामक डिजाइन, प्रौद्योगिकी सह-विकास और हस्तांतरण, नवीकरणीय ऊर्जा के पैमाने और तैनाती और ऊर्जा बुनियादी ढांचे में निजी क्षेत्र के निवेश में सर्वोत्तम प्रथाओं और सीखों को साझा किया। साथ ही उपस्थित देशों ने घरेलू पहलों को आकार देने और अधिक टिकाऊ और न्यायसंगत आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।  

इसके अलावा भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री और आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि ग्लोबल साउथ को ऊर्जा उपलब्धता, सामर्थ्य और स्थिरता की त्रिमूर्ति को संबोधित करने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। जैव ईंधन, बायोगैस और ग्रीन हाइड्रोजन में ऊर्जा स्थिरता के लिए काफी संभावनाएं हैं और ग्लोबल साउथ में अनुभव साझा करने की गुंजाइश बहुत अधिक है।

जी20 ऊर्जा सम्मेलन में भाग लेने वाले मंत्रियों ने दोहराया कि विकासशील क्षेत्रों के देश विश्व अर्थव्यवस्था में लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, और निकट सहयोग उन्हें वैश्विक नीति बहस में बेहतर ढंग से शामिल होने और अंतरराष्ट्रीय एजेंडे को आकार देने में सक्षम बनाएगा। कार्यक्रम के दौरान, थिंक20 इंडिया सचिवालय के अध्यक्ष और ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) के अध्यक्ष समीर सरन ने कहा, "भारत और अफ्रीका समान चुनौतियों, अवसरों और विकासात्मक आकांक्षाओं को साझा करते हैं, जो उन्हें प्राकृतिक भागीदार बनाते हैं।

जी20 की चौथी ऊर्जा रूपांतरण मंत्रिस्तरीय बैठक (ईटीएमएम) गोवा में हो रही है, जिसका उद्देश्य जी20 के भीतर और अन्य देशों में स्वच्छ ऊर्जा रूपांतरण को बढ़ावा देना है। गौरतलब है कि इस समय जी20 की अध्यक्षता भारत के पास है।

गोवा की जी20 मीटिंग में  यूक्रेन में युद्ध की निंदा की
बैठक के अध्यक्ष ने कहा कि शनिवार को गोवा में आयोजित जी20 एनर्जी ट्रांजिशन मंत्रिस्तरीय बैठक में अधिकांश सदस्यों ने यूक्रेन युद्ध की कड़ी निंदा की और इस बात पर जोर दिया कि इससे भारी मानवीय पीड़ा हो रही है। बैठक के बाद जारी एक परिणाम दस्तावेज में, अध्यक्ष ने कहा कि अधिकांश सदस्यों ने व्यक्त किया कि युद्ध वैश्विक अर्थव्यवस्था में मौजूदा कमजोरियों को बढ़ा रहा है, विकास को बाधित कर रहा है, मुद्रास्फीति बढ़ा रहा है, आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित कर रहा है, ऊर्जा और खाद्य असुरक्षा बढ़ा रहा है, और वित्तीय स्थिरता जोखिम बढ़ा रहा है।

केंद्रीय बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह बैठक के अध्यक्ष थे। इस वर्ष जी20 की अध्यक्षता भारत के पास है। दस्तावेज में कहा गया है कि यूक्रेन में युद्ध ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed