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Business News: जी20 देशों को 500 अरब डॉलर का निर्यात कर सकता है भारत, बिक सकती है ग्लैंड फार्मा
Wed, 14 Dec 2022 05:35 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 14 Dec 2022 05:35 AM IST
सार
पीएचडीसीसीआई के अध्यक्ष साकेत डालमिया ने कहा कि जी20 की अध्यक्षता भारत के पास आना भू-राजनीतिक तनाव, उच्च महंगाई और सुस्त होती आर्थिक वृद्धि के दौर में स्थिरता लाने के लिहाज से असरदार साबित होगा।
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जी20 (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
भारत का 2030 तक जी20 देशों को वस्तुओं का निर्यात दोगुना से ज्यादा बढ़कर 500 अरब डॉलर पहुंच सकता है। 2021-22 में यह 212 अरब डॉलर रहा था। पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) के अध्यक्ष साकेत डालमिया ने मंगलवार को कहा कि जी20 देशों के साथ कारोबारी गतिविधियों में विस्तार से भारत का इन देशों के साथ व्यापार घाटा 50 फीसदी तक कम करने में मदद मिलेगी।
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अभी इन देशों के साथ भारत का व्यापार घाटा 107 अरब डॉलर है। उन्होंने कहा कि जी20 देशों में से सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था के रूप में भारत अनिश्चितताओं को अवसरों में बदलने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। डालमिया ने कहा कि जी20 की अध्यक्षता भारत के पास आना भू-राजनीतिक तनाव, उच्च महंगाई और सुस्त होती आर्थिक वृद्धि के दौर में स्थिरता लाने के लिहाज से असरदार साबित होगा।
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दवा क्षेत्र में सबसे बड़ा सौदा, बिक सकती है ग्लैंड फार्मा
देश की सबसे बड़ी फार्मा डील होने वाली है। ग्लैंड फार्मा बिक सकती है। बैरिंग प्राइवेट इक्विटी एशिया (पीई), एडवेंट इंटरनेशनल, ब्लैकस्टोन, बैन कैपिटल, कार्लाइल और केकेआर खरीदने की दौड़ में हैं।चीनी अरबपति गुओ गुआंगचांग की शंघाई फोसुन फार्मास्युटिकल का ग्लैंड फार्मा में सर्वाधिक 57.86 फीसदी हिस्सा है। जो भी कंपनी इसे खरीदेगी, उसे 26 फीसदी अतिरिक्त हिस्सा खरीदने के लिए ओपन ऑफर भी लाना होगा। ग्लैंड फार्मा 60 देशों में मौजूद है। फोसुन फार्मा ने केकेआर एंड कंपनी सहित एक निवेशक समूह से 2017 में 1.1 अरब डॉलर में ग्लैंड फार्मा में 74 फीसदी हिस्सेदारी ली थी। कंपनी नवंबर, 2020 में 6,479 करोड़ का आईपीओ लाई थी।
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फोसुन को पूंजी की जरूरत
ब्लूमबर्ग के मुताबिक, फोसुन अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए ग्लैंड फार्मा में अपनी हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है। कंपनी चीन के प्रॉपर्टी क्षेत्र में मंदी के कारण वित्तीय दबाव में आ गई है। साथ ही यह नई पूंजी भी जुटाने में अब सक्षम नहीं है।
बिक सकती है बिरला की बीमा ब्रोकर्स कंपनी
वित्तीय सेवा कारोबार का पुनर्गठन करने की रणनीति के तहत कुमार मंगलम बिरला समूह बीमा ब्रोकरेज इकाई आदित्य बिड़ला इंश्योरेंस ब्रोकर्स को बेचने पर विचार कर रहा है। सूत्रों ने कहा कि सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली कंपनी ने आदित्य बिरला इंश्योरेंस ब्रोकर्स की बिक्री के बारे में संभावित खरीदारों के साथ बातचीत की है।
- कंपनी 19 साल पुराने कारोबार को बढ़ाने में विफल रही। यह भारत के सबसे बड़े समग्र बीमाकर्ताओं में से एक है। 31 मार्च, 2021 तक इसका राजस्व 600 करोड़ रहा है।
- यह बिक्री आदित्य बिड़ला कैपिटल की मुख्य कार्यकारी अधिकारी विशाखा मुलये के कंपनी के कारोबारों के पुनर्गठन के प्रयासों का हिस्सा है। इसकी 11 शहरों में ऑफिस हैं।