Rice Export: भारत ने पांच और देशों को गैर बासमती चावल के निर्यात की अनुमति दी, आधिकारिक अधिसूचना जारी
Rice Export: घरेलू कीमतों पर अंकुश लगाने और घरेलू खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने 20 जुलाई को गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात पर रोक लगा दी गई थी। इससे पहले, भारत ने नेपाल, कैमरून, कोटे डी आइवर, गिनी गणराज्य, मलेशिया, फिलीपींस, सेशेल्स, संयुक्त अरब अमीरात और सिंगापुर को चावल की ऐसी किस्म के निर्यात की अनुमति दी थी।
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एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर भारत ने कोमोरोस, मेडागास्कर, इक्वेटोरियल गिनी, मिस्र और केन्या को अलग-अलग मात्रा में गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात की अनुमति दी है।
बता दें कि घरेलू कीमतों पर अंकुश लगाने और घरेलू खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने 20 जुलाई को गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात पर रोक लगा दी गई थी। इससे पहले, भारत ने नेपाल, कैमरून, कोटे डी आइवर, गिनी गणराज्य, मलेशिया, फिलीपींस, सेशेल्स, संयुक्त अरब अमीरात और सिंगापुर को चावल की ऐसी किस्म के निर्यात की अनुमति दी थी।
विदेश व्यापार महानिदेशालय ने गुरुवार देर शाम अपनी अधिसूचना में कहा कि इन देशों को निर्यात की अनुमति राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड के माध्यम से दी जाती है। चावल निर्यात नीति में शुरू में संशोधन करते हुए डीजीएफटी ने कहा कि निर्यात की अनुमति सरकार द्वारा अन्य देशों को उनकी खाद्य सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए दी गई अनुमति के आधार पर और उनकी सरकार के अनुरोध के आधार पर दी जाएगी।
पश्चिम अफ्रीकी देश बेनिन भारत से गैर-बासमती चावल के प्रमुख आयातकों में से एक है। अन्य गंतव्य देश संयुक्त अरब अमीरात, नेपाल, बांग्लादेश, चीन, कोटे डी आइवर, टोगो, सेनेगल, गिनी, वियतनाम, जिबूती, मेडागास्कर, कैमरून सोमालिया, मलेशिया और लाइबेरिया हैं।
अगस्त के अंत में, भारत ने बासमती चावल के निर्यात पर न्यूनतम मूल्य लागू करके अतिरिक्त सुरक्षा उपाय भी पेश किए ताकि गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात को रोका जा सके, जो जुलाई से पहले से ही निषिद्ध श्रेणी में था।
मार्च 2024 तक पीली मटर के ड्यूटी फ्री आयात की अनुमति
एक आधिकारिक गजट अधिसूचना में कहा गया है कि भारत ने मार्च 2024 तक पीली मटर के ड्यूटी फ्री आयात की अनुमति दी है। यह समग्र दाल बास्केट की कीमतों को कम करने के लिए नई दिल्ली के हस्तक्षेप का हिस्सा है। कथित तौर पर, पीली मटर पर शुल्क पहली बार नवंबर 2017 में 50 प्रतिशत पर लागू किया गया था। भारत बड़े पैमाने पर कनाडा और रूस से पीली मटर का आयात करता है। गुरुवार शाम को जारी गजट अधिसूचना में कहा गया है, ''यह अधिसूचना आठ दिसंबर, 2023 से प्रभावी होगी और 2023 मार्च, 2024 तक प्रभावी रहेगी।