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Share Market: 'बढ़ते कर्ज से वैश्विक बाजारों में आएगी बड़ी गिरावट', जिम रोजर्स ने कहा- ज्यादा नकदी के साथ हूं
Wed, 07 Aug 2024 06:39 AM IST
विशांत श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विशांत श्रीवास्तव
Updated Wed, 07 Aug 2024 06:39 AM IST
सार
दिग्गज अमेरिकी निवेशक जिम रोजर्स ने कहा है कि बढ़ते कर्ज के कारण वैश्विक बाजारों में बड़ी गिरावट आने वाली है। इस कारण मैं ज्यादा नकदी के साथ इंतजार कर रहा हूं।
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- फोटो : i-stock
विस्तार
दुनियाभर के शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट आने वाली है। यह ऐसी गिरावट होगी, जो कई दशकों का रिकॉर्ड तोड़ देगी। इसका कारण देशों के बीच तनाव और भारत सहित सभी प्रमुख देशों पर भारी-भरकम कर्ज है। दिग्गज अमेरिकी निवेशक जिम रोजर्स ने कहा, मैं बहुत ज्यादा नकदी लेकर बाजार की भारी गिरावट का इंतजार कर रहा हूं। जिम रोजर्स ने मंगलवार को कहा, अमेरिका सहित दुनिया में लंबे समय से समस्या बनी हुई है। मुझे उम्मीद है कि अगली बिकवाली मेरे जीवनकाल की सबसे खराब होगी। मैं इस पतन के आने का इंतजार कर रहा हूं, क्योंकि मैं जानता हूं कि यह बहुत बुरा होने वाला है। ऐसे में निवेशकों को इस समय अपने पास नकदी रखने की जरूरत है। ब्यूरो
वित्तीय पतन की आशंका
जिम रोजर्स को गंभीर वित्तीय पतन की आशंका है। इसी कारण बफे की बर्कशायर हैथवे ने भी शेयरों को बेचकर 277 अरब डॉलर की नकदी रखी है। बफे के साथ भारतीय म्यूचुअल फंड सहित शीर्ष निवेशकों ने भी बाजार में उथल-पुथल की आशंका को देखते हुए शेयरों की बिक्री कर नकदी रख लिया है।
रोजर्स ने सुझाव दिया कि छोटे निवेशकों को यह देखना चाहिए कि बड़े निवेशक कैसे पहले ही शेयरों को बेचकर नकदी जुटा रहे हैं।
बफे ने मुश्किलों को पहले ही भांप लिया
बफे ने बाजार में आने वाली मुश्किलों को पहले ही भांप लिया। यही कारण है कि उन्होंने अमेरिका में मंदी की आशंका और मध्य पूर्व देशों के बीच तनाव जैसी खबरों से पहले ही शेयरों की बिकवाली शुरू कर दी थी।
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म्यूचुअल फंडों के पास 1.52 लाख करोड़ की नकदी
भारतीय म्यूचुअल फंडों के पास जून तक 1.52 लाख करोड़ रुपये की नकदी थी। विशेषज्ञों का मानना है कि संभावित गिरावट को देखते हुए इस समय सतर्क रहें।
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वित्तीय पतन की आशंका
जिम रोजर्स को गंभीर वित्तीय पतन की आशंका है। इसी कारण बफे की बर्कशायर हैथवे ने भी शेयरों को बेचकर 277 अरब डॉलर की नकदी रखी है। बफे के साथ भारतीय म्यूचुअल फंड सहित शीर्ष निवेशकों ने भी बाजार में उथल-पुथल की आशंका को देखते हुए शेयरों की बिक्री कर नकदी रख लिया है।
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रोजर्स ने सुझाव दिया कि छोटे निवेशकों को यह देखना चाहिए कि बड़े निवेशक कैसे पहले ही शेयरों को बेचकर नकदी जुटा रहे हैं।
बफे ने मुश्किलों को पहले ही भांप लिया
बफे ने बाजार में आने वाली मुश्किलों को पहले ही भांप लिया। यही कारण है कि उन्होंने अमेरिका में मंदी की आशंका और मध्य पूर्व देशों के बीच तनाव जैसी खबरों से पहले ही शेयरों की बिकवाली शुरू कर दी थी।
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म्यूचुअल फंडों के पास 1.52 लाख करोड़ की नकदी
भारतीय म्यूचुअल फंडों के पास जून तक 1.52 लाख करोड़ रुपये की नकदी थी। विशेषज्ञों का मानना है कि संभावित गिरावट को देखते हुए इस समय सतर्क रहें।