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IT: एक लाख करदाताओं को भेजा आयकर नोटिस, निर्मला सीतारमण ने कहा- मार्च, 2024 तक नोटिस का हो जाएगा निपटान

Tue, 25 Jul 2023 06:31 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Tue, 25 Jul 2023 06:31 AM IST
सार

वित्त मंत्री ने कहा कि सीबीडीटी ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर भेजे गए 55,000 नोटिस की समीक्षा का काम मई, 2023 में पूरा कर लिया था। उन्होंने कहा, आज के समय में सीबीडीटी भेजे गए नोटिस पर बैठा हुआ नहीं है। यह विवेकाधिकार वाली जगह नहीं है, जहां व्यवस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है।

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Income tax notice sent to one lakh taxpayers Nirmala Sitharaman said- notice will be settled by March 2024
निर्मला सीतारमण। - फोटो : amarujala.com

विस्तार

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि आयकर विभाग के पास उपलब्ध सूचना और व्यक्तिगत करदाताओं की ओर से दाखिल आयकर रिटर्न (आईटीआर) में घोषित आय में तालमेल नहीं होने के आधार पर भेजे गए एक लाख नोटिस का निपटान मार्च, 2024 तक पूरा कर लिया जाएगा।

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ये नोटिस 50 लाख रुपये से अधिक आय वाले लोगों को विभाग के पास उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर जारी किए गए हैं। इसके अलावा, आईटीआर नहीं भरने वालों को भी नोटिस भेजे गए हैं। सीतारमण ने 164वें आयकर दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कहा, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने मुझे आश्वस्त किया है कि मार्च, 2024 तक सभी एक लाख नोटिस का निपटान कर लिया जाएगा।

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आयकर कानून के तहत विभाग 6 साल तक के कर विवरणों का दोबारा आकलन कर सकता है...इस पर वित्त मंत्री ने कहा, अब छह साल के बाद किसी भी व्यक्ति के कर आकलन को दोबारा नहीं खोला जाएगा। चौथे, 5वें और छठे साल में भी दोबारा आकलन सिर्फ कुछ खास परिस्थितियों में ही किया जा सकता है। प्रमुख मुख्य आयुक्त स्तर के अधिकारी की मंजूरी के बाद ही ये मामले दोबारा खोले गए हैं।

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दरें नहीं बढ़ने के बाद भी राजस्व में वृद्धि
वित्त मंत्री ने कहा कि सीबीडीटी ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर भेजे गए 55,000 नोटिस की समीक्षा का काम मई, 2023 में पूरा कर लिया था। उन्होंने कहा, आज के समय में सीबीडीटी भेजे गए नोटिस पर बैठा हुआ नहीं है। यह विवेकाधिकार वाली जगह नहीं है, जहां व्यवस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है। यह एकदम स्पष्ट नजरिया है। उन्होंने कहा कि आयकर की दरों में बढ़ोतरी नहीं करने के बावजूद आयकर विभाग के सक्षम होने से कर राजस्व बढ़ रहा है। सरकार कराधान और इसकी दरें लोगों के अनुकूल बनाने की सोच रखती है।



चार करोड़ से अधिक आईटीआर दाखिल 80 लाख को रिफंड जारी
वित्त वर्ष 2022-23 के लिए अब तक चार करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न दाखिल किए जा चुके हैं। इनमें से 80 लाख को रिफंड जारी हो चुके हैं। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) अध्यक्ष नितिन गुप्ता ने सोमवार को यह जानकारी दी। गुप्ता ने कहा, विभाग ने 2022-23 में 16.61 लाख करोड़ रुपये से अधिक कर एकत्र किया है। यह गत वर्ष से 17.67% अधिक है। यह संग्रह प्रत्यक्ष कर श्रेणी के तहत राजस्व संग्रह के लिए सरकार के निर्धारित बजट व संशोधित अनुमान को पार कर गया है।

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