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Income Tax: आपको भी मिला है आयकर विभाग से नोटिस तो जरूर करें ये काम, उच्च मूल्य वाले लेनदेन पर रखें नजर

Mon, 21 Jul 2025 08:48 AM IST
ज्योति भास्कर कालीचरण, अमर उजाला, नई दिल्ली।
कालीचरण, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: ज्योति भास्कर Updated Mon, 21 Jul 2025 08:48 AM IST
सार

आयकर विभाग से अगर आपको भी नोटिस मिला है तो कुछ अहम काम जरूर करें। उच्च मूल्य वाले लेनदेन पर नजर रखना जरूरी है। उच्च मूल्य वाले लेनदेन व क्रेडिट कार्ड से किए गए बड़े खर्च पर भी आयकर विभाग आपको नोटिस भेज सकता है।

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टैक्स प्रणाली - फोटो : amar ujala graphics

विस्तार

आयकर विभाग ने हाल ही में कई करदाताओं को नोटिस भेजा है। आयकर नोटिस मिलना चिंताजनक हो सकता है, लेकिन अक्सर इसका मतलब बड़ी मुसीबत नहीं होता। कई नोटिस तो बस सामान्य संदेश होते हैं या उसमें विभाग की ओर से मांगी गई जानकारियां होती हैं। खासकर जब ज्यादातर चीजें ऑनलाइन हो गई हैं। ऐसा तब होता है, जब आपकी ओर से घोषित आय फॉर्म 26एएस या एआईएस (वार्षिक सूचना विवरण) में उपलब्ध आंकड़ों से मेल नहीं खाती।
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इनमें सामान्य कारणों से दस्तावेज गुम होना, पर्याप्त सबूत के बिना कटौती का दावा करना या कुछ ब्याज आय की सूचना नहीं देना शामिल है। इसके अलावा, उच्च मूल्य वाले लेनदेन और क्रेडिट कार्ड से किए गए बड़े खर्च भी नोटिस मिलने की वजह हो सकते हैं। आपको भी आयकर नोटिस मिला है, तो चिंता की कोई बात नहीं है। आप नोटिस में पूछे गए सवालों का सटीक जवाब दें और इसे समय पर भेजें।
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अलग-अलग मकसद: आयकर कानून की विभिन्न धाराओं के तहत नोटिस जारी किए जाते हैं। हर नोटिस का अलग उद्देश्य होता है।  
  • धारा-143(1): आयकर विभाग आपके भरे गए आईटीआर की जानकारियों की तुलना अपने पास पहले से मौजूद डाटा से करता है, जिसमें टीडीएस विवरण, बैंक ब्याज या अन्य स्रोतों से आय शामिल है। इसमें कोई गड़बड़ी पाए जाने पर विभाग नोटिस भेज सकता है।
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  • धारा-139(9): इसके तहत गलत जानकारी देने या सूचनाओं के अभाव में आयकर विभाग आपको नोटिस भेज सकता है।
  • धारा-143(2): इसके तहत नोटिस मिलने का अर्थ है कि एक आयकर अधिकारी आपकी कमाई, कटौतियों और दावों की पुष्टि के लिए रिटर्न फॉर्म में दी गई जानकारियों की जांच करेगा।
रिटर्न से करें फॉर्म 26एएस और एआईएस का मिलान
आपके आयकर रिटर्न में दर्ज कमाई और फॉर्म 26एएस या एआईएस में दिखाई गई आय में कोई अंतर है, तो नोटिस मिल सकता है। सिस्टम उन मामलों को चिह्नित करेगा, जहां आप बैंक ब्याज या लाभांश जैसे स्रोतों से आय की सूचना देना भूल गए हैं।

नोटिस की तारीख देखें, समय पर दें जवाब
हर नोटिस में जारी करने की तारीख और आपके जवाब दाखिल करने की समय सीमा होती है,जो आमतौर पर 15 से 30 दिनों तक होती है। इस समय सीमा का पालन नहीं करने पर विभाग आपकी जानकारी के बिना ही रिटर्न प्रॉसेस कर सकता है या जुर्माना भी लगा सकता है।


जरूरत पड़ने पर वित्तीय पेशेवर की लें मदद

कर नोटिस को अनावश्यक तनाव का कारण न बनने दें। सबसे अच्छा तरीका है कि इसकी बारीकी से जांच करें। धारा-143(2)के तहत जांच नोटिस या धारा-148 के तहत पुनर्मूल्यांकन जैसी अधिक जटिल स्थितियों के लिए किसी पेशेवर की विशेषज्ञता की जरूरत हो सकती है। ऐसे में आप उनकी मदद ले सकते हैं। सबसे जरूरी है कि तुरंत कार्रवाई करें।                  
-आदिल शेट्टी, सीईओ, बैंक बाजा

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