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एक साल में बदतर हुई रोजगार की हालत, खपत में हुई मंदीः आरबीआई सर्वे

Fri, 07 Jun 2019 06:04 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Fri, 07 Jun 2019 06:04 PM IST
सार

  • आरबीआई के सर्वे में आधे से अधिक लोगों को जल्द हालात सुधरने की उम्मीद
  • 44 फीसदी का मानना है कि एक साल में रोजगार की हालत हुई बदतर
  • 06 साल के निचले स्तर पर पहुंच गई उपभोक्ता खर्च की वृद्धि दर 

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in last one year unemployment risen to a new high, consumption at its lowest, says rbi survey

विस्तार

रिजर्व बैंक ने एक सर्वे में बताया है कि जीडीपी वृद्धि दर में नरमी और बेरोजगारी का आंकड़ा बढ़ने से देश के उपभोक्ताओं का रुख निराशावादी हो गया है। मई में 13 से अधिक शहरों में कराए गए उपभोक्ता भरोसा सर्वे में ज्यादातर लोगों ने अर्थव्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंता जताई। हालांकि, आधे से अधिक लोगों ने जल्द सुधार की भी उम्मीद लगाई है।

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आरबीआई के अनुसार, मई में सरकार और अर्थव्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं का भरोसा कम हुआ है। मार्च में जहां वर्तमान स्थिति सूचकांक 104.6 था, वहीं मई में यह घटकर 97.3 पर आ गया है। यह सूचकांक 100 से नीचे जाने पर निराशावादी रुख और 100 से ऊपर जाने पर आशावादी रुख को दर्शाता है। इसी तरह, भविष्य में उम्मीद का सूचकांक भी 133.4 के रिकॉर्ड स्तर से गिरकर 128.4 हो गया है। 
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केंद्रीय बैंक ने कहा कि उपभोक्ताओं का कमजोर आत्मविश्वास रोजगार और आर्थिक स्थिति को लेकर उनकी भावनाओं में गिरावट दिखाता है। वे अर्थव्यवस्था के मुश्किल दौर से गुजरने को लेकर सजग हैं और आय कम होने व बेरोजगारी बढ़ने का भी उन्हें अनुमान है। बावजूद इसके अधिकतर लोगों का मानना है कि अगले एक साल में स्थितियां काफी बदल सकती हैं। 

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रोजगार के मोर्चे पर निराशावादी रुख

पिछले पांच वर्षों में रोजगार के मोर्चे पर मोदी सरकार को लेकर लोगों का रुख निराशावादी हुआ है। जून 2014 में जहां 65.1 फीसदी लोगों का कहना था कि रोजगार की स्थितियां अगले एक साल में सुधरेंगी। वहीं, मई 2019 में यह आंकड़ा कम होकर 59.3 फीसदी पहुंच गया है।


सर्वे में शामिल 44.2 फीसदी लोगों का मानना है कि एक साल पहले के मुकाबले रोजगार की वर्तमान स्थितियां बदतर हो गई हैं। हालांकि, 33.7 फीसदी ने इसमें जल्द सुधार की उम्मीद जताई, जबकि 22.1 फीसदी ने कहा कि कोई बदलाव नहीं आएगा।

आय में इजाफे की उम्मीद

सर्वे में शामिल 58.9 फीसदी उपभोक्ताओं का मानना है कि उनकी आय में एक अगले साल में इजाफा होने की संभावना है, जबकि 29 फीसदी ने कहा कि उनकी आय पिछले एक साल में बढ़ी है। आधे से ज्यादा लोगों का कहना था कि अगले एक साल में रोजगार को लेकर ज्यादा बदलाव नहीं दिखेगा। वहीं, 20 फीसदी लोगों को लगता है कि उनकी आय पांच साल पहले के मुकाबले कम हो गई है। 

उपभोक्ता खर्च में बड़ी गिरावट

सर्वे के अनुसार, देश में उपभोक्ता खर्च की वृद्धि दर छह साल के निचले स्तर पर चली गई है। मई में 68.6 फीसदी लोगों ने ही कहा कि उनका खर्च एक साल के मुकाबले बढ़ा है। यह सितंबर 2013 के बाद सबसे निचला स्तर है।



देश को आर्थिक मोर्चे पर बेहतर बताते हुए 61.4 फीसदी लोगों ने कहा कि अगले एक साल में अर्थव्यवस्था की स्थिति और मजबूत होगी, जबकि 20.9 फीसदी ने कहा कि हालात और खराब हो जाएंगे। सर्वे में शामिल 38.8 फीसदी लोगों का मानना था कि एक साल के मुकाबले जीडीपी की वर्तमान स्थिति बेहतर हुई है, जबकि 37.7 फीसदी ने इसमें गिरावट बताई है।  

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