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लॉकडाउन में ढील के बावजूद जून में इतना कम हुआ मॉल्स का कारोबार: रिपोर्ट
Sun, 21 Jun 2020 03:20 PM IST
डिंपल अलवधी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Sun, 21 Jun 2020 03:20 PM IST
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शॉपिंग मॉल्स
- फोटो : PTI
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कोरोना वायरस से प्रभावित वातावरण में इस माह पहले पखवाड़े में मॉल्स के अंदर की दुकानों के कारोबार में एक साल पहले की तुलना में 77 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं बाजारों की दुकानों का कारोबार 61 फीसदी गिर गया है।
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रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आरएआई) की एक ताजा रिपोर्ट में यह जानकारी दी गयी है। रिपोर्ट के अनुसार कोरोना वायरस के चलते मार्च में लागू पाबंदियों में ढील दिए जाने के बावजूद बाजार की छोटी-बड़ी दुकानों तथा स्टोरों के कारोबार में अभी सुधार नहीं हुआ है।
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यह एसोसिएशन संगठित क्षेत्र की खुदरा कंपनियों का मंच है। आरएआई के सर्वे में छोटी-बड़ी 100 से अधिक खुदरा दुकानदारों की राय शामिल की गई है। पाबंदियों में जून के शुरू में ढील दी गई और 70 दिन से अधिक समय के बाद बाजार खुलने लगे हैं। आरएआई ने बयान में कहा है कि 'उपभोक्ताओं का उत्साह अब भी गिरा हुआ है।
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इतनी कम हुई उत्पादों की बिक्री
उसने अपने हाल के सर्वे का उल्लेख करते हुए कहा है कि देश में हर पांच में से चार उपभोक्ता मानता है कि पाबंदियां हटने के बाद भी उसके उपभोग खर्च में पहले की तुलना में कमी ही रहेगी। बयान में कहा गया है कि शीघ्र सेवा रेस्टोरेंट की बिक्री 70 फीसदी गिर गई है।
कपड़े और परिधान की खुदरा बिक्री 69 फीसदी और घड़ी और अन्य व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुओं का कारोबार 65 फीसदी नीचे है। संगठन का कहना है कि बाजार धीरे-धीरे खुलने जरूर लगे है। केंद्र सरकार ने अर्थव्यस्था को पुन: चालू करने के लिए पाबंदी हटाने का अच्छा फैसला किया है पर राज्यों को अपनी जिम्मेदारी पूरी करनी होगी। उन्हें यह देखना होगा कि सभी प्रकार की खुदरा दुकानें नियमित रूप से चल सकें।
आरएआई के मुख्य कार्यपालक कुमार राजगोपालन ने कहा, 'हम अर्थव्यवस्था को फिर चालू करने की केंद्र की मंशा और इसके लिए प्रथम चरण के विस्तृत दिशानिर्देशों की सराहना करते हैं। इस मामले में यह महत्वपूर्ण है कि राज्य अपनी जिम्मेदारी लें और यह सुनिश्चित करें कि सभी प्रकार की खुदरा दुकानें नियमित रूप से चल सकें।'