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IFFCO: कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ड्रोन, नैनो और एआई तकनीक का होगा इस्तेमाल, जानें प्लान

Sun, 07 May 2023 10:40 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Sun, 07 May 2023 10:40 PM IST
सार

IFFCO: भारतीय किसान उर्वरक सहकारी (इफको) कृषि विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों के तकनीकी सहयोग से अखिल भारतीय स्तर पर ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके नैनो यूरिया व नैनो डीएपी जैसे नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने की योजना बना रहा है। किसान अपने मोबाइल ऐप के माध्यम से इन उन्नत तकनीकों का उपयोग कर सकते हैं।

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IFFCO Integrating drone, Nano and AI technologies for smart farming to make Aatmanirbhar Krishi
इफको - फोटो : ANI

विस्तार

भारतीय किसान उर्वरक सहकारी (इफको) कृषि विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों के तकनीकी सहयोग से अखिल भारतीय स्तर पर ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके नैनो यूरिया व नैनो डीएपी जैसे नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने की योजना बना रहा है। ड्रोनएआई एक एकीकृत कार्यक्रम है जो ड्रोन, नैनो, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मोबाइल प्रौद्योगिकियों के संयोजन से नैनो उर्वरकों व अन्य कृषि रसायनों चरणबद्ध अनुप्रयोग को बढ़ावा देता है।

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खेती में किसान ड्रोन और एआई आधारित तकनीक का कर सकेंगे इस्तेमाल

किसान अपने मोबाइल ऐप के माध्यम से इन उन्नत तकनीकों का उपयोग कर सकते हैं। यह तकनीक छिड़काव को कुशल, लागत प्रभावी और सुरक्षित बना देगा। इसके इस्तेमाल से किसान छिड़काव करते समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित सॉफ्टवेयर फसल की वृद्धि और स्वास्थ्य का पता लगा सकता है। इससे किसानों को स्मार्ट खेती की ओर बढ़ने में मदद मिलेगी। इस कार्यक्रम का मुख्य फोकस एक सफल ड्रोन छिड़काव प्रणाली का निर्माण करना, ग्रामीण युवाओं व किसानों के साथ समन्वय से प्रणाली को संचालित करना और उन्हें उन्नत प्रौद्योगिकियों में प्रशिक्षित करना है। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा मिल सके।

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नई तकनीक के प्रयोग से स्मार्ट खेती की ओर बढ़ेंगे किसान

ड्रोन, उनके परिवहन वाहन और सुरक्षित उड़ान से संबंधित सभी अनिवार्य प्रोटोकॉल इस प्रक्रिया में अंतर्निहित हैं और किसान अनुकूल मोबाइल ऐप की मदद से इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। इस अत्याधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से कृषि क्षेत्र में एकीकृत ड्रोन तकनीक को बढ़ावा दिया जा सकता है। यह किसानों को स्मार्ट खेती की ओर बढ़ने में मदद करेगा। ड्रोनएआई खेती में ड्रोन प्रौद्योगिकी की प्रभावी ढंग से निगरानी और मार्गदर्शन करने में मदद करेगा और किसानों को कम लागत पर बड़े क्षेत्रों में सुरक्षित रूप से नैनो उर्वरक और कृषि रसायन का स्प्रे करने को बढ़ावा देगा। 

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ड्रोनआई का परीक्षण 2 मई को कोयम्बटूर में शुरू किया गया

ड्रोनआई का परीक्षण मॉड्यूल इफको की ओर से टीएनएयू के साथ तकनीकी सहयोग से 2 मई को कोयम्बटूर के तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय (टीएनएयू) स्थित कृषि अनुसंधान स्टेशन में शुरू किया गया। इसका उद्घाटन इफको के प्रबंध निदेशक डॉ यूएस अवस्थी व टीएनएयू के कुलपति डॉ वी गीतालक्ष्मी की मौजूदगी में किया गया। कृषि में ड्रोन, नैनो और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजीज के बारे में अधिक समझने के लिए विभिन्न जिलों के लगभग 450 किसानों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।

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