{"_id":"611332778ebc3e7abe362374","slug":"if-retrospective-tax-ending-central-government-will-have-to-return-rs-8000-crore-to-four-companies","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स: खत्म होने पर केंद्र सरकार को चार कंपनियों को लौटाने होंगे 8000 करोड़ रुपये","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स: खत्म होने पर केंद्र सरकार को चार कंपनियों को लौटाने होंगे 8000 करोड़ रुपये
Wed, 11 Aug 2021 07:44 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 11 Aug 2021 07:44 AM IST
सार
- केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन जेबी महापात्रा ने राज्यसभा में कराधान विधि (संशोधन) विधेयक-2021 पास होने के बाद यह बात कही
विज्ञापन
सीबीडीटी
- फोटो : twitter
विस्तार
पूर्ववर्ती कर (रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स) वसूली खत्म करने के लिए कर कानून में हुए संशोधन लागू होने के बाद सरकार चार कंपनियों को 8,000 करोड़ रुपये वापस करेगी। इनमें केयर्न एनर्जी, वोडाफोन, डब्ल्यूएनएस कैपिटल और एक अन्य शामिल है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन जेबी महापात्रा ने राज्यसभा में कराधान विधि (संशोधन) विधेयक-2021 पास होने के बाद यह बात कही है।
विज्ञापन
महापात्रा ने कहा, ‘जहां तक मुझे पता है, चार मामले हैं। केयर्न एनर्जी के अलावा तीन अन्य मामले डब्ल्यूएनएस कैपिटल, वोडाफोन और एक अन्य कंपनी के हैं। इन कंपनियों को कुल 8,000 करोड़ चुकाए जाएंगे। यह रिफंड बिना किसी ब्याज के होगा।’ कराधान विधि (संशोधन) विधेयक-2021 में रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स को खत्म करने का प्रावधान किया गया है। इसमें 28 मई, 2021 से पहले भारतीय संपत्तियों के अप्रत्यक्ष हस्तांतरण पर लगाए गए सभी टैक्स खत्म हो जाएंगे। एजेंसी
विज्ञापन
13 मामलों में भुगतान बाकी
सीबीडीटी चेयरपर्सन ने कहा, ‘वित्त मंत्री की ओर से करीब 17 मामलों का जिक्र किया गया है। इसमें चार मामलों में मांग की एवज में कुछ भुगतान किया गया है। 13 मामले ऐसे हैं, जहां मांगें उठाई गई। अभी तक उनमें भुगतान नहीं हुआ है।’
विज्ञापन
अगले सप्ताह लागू होगा कानून, खत्म होगी मुकदमेबाजी
महापात्रा ने कहा कि हम मुकदमेबाजी खत्म करना चाहते हैं। बिल राज्यसभा में पारित हो गया है। मंजूरी के लिए दोबारा लोकसभा में लाया जाएगा। फिर कानून मंत्रालय के पास जाएगा और फिर इसे अधिसूचित किया जाएगा। अगले सप्ताह की शुरुआत से नया कानून लागू हो जाएगा।
दबाव में नहीं फैसला
कानून में संशोधन का फैसला किसी दबाव में नहीं लिया गया है। यह संशोधन क्यों लाया गया, इस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बयान दे चुकी हैं। संशोधन किसी केस विशेष को लेकर नहीं है।
केयर्न-वोडाफोन से चर्चा
राजस्व सचिव तरुण बजाज ने बताया कि सरकार लंबे समय से चल रहे कर विवादों को निपटाने के लिए वोडाफोन ग्रुप पीएलसी और केयर्न एनर्जी पीएलसी के साथ बातचीत कर रही है।