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Subsidy: तेल व गैस के क्षेत्र की सब्सिडी में दर्ज की गई भारी गिरावट, 10 साल में 85 फीसदी की हुई कमी
Tue, 05 Nov 2024 06:51 AM IST
शुभम कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शुभम कुमार
Updated Tue, 05 Nov 2024 06:51 AM IST
सार
तेल व गैस के क्षेत्र की सब्सिडी में दर्ज की गई भारी गिरावट दर्ज की गई है। बीते 10 सालों की बात करें तो 2013 में 25 अरब डॉलर की सब्सिडी मिलती थी जो कि 2023 तक घटकर 3.5 अरब डॉलर रह गई।
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तेल (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
तेल और गैस क्षेत्र की सब्सिडी 10 साल में 85 फीसदी घटी है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) के मुताबिक, इस क्षेत्र को 2013 में 25 अरब डॉलर की सब्सिडी मिलती थी, जो 2023 तक घटकर 3.5 अरब डॉलर रह गई।
एमएनआरई ने जारी किया बयान
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने एशियाई विकास बैंक (एडीबी) की रिपोर्ट के आधार पर कहा, 2010 के बाद से भारत ने हटाओ, लक्ष्य और बदलाव दृष्टिकोण अपनाते हुए जीवाश्म ईंधन सब्सिडी में सुधार किया है। चुनिंदा पेट्रोलियम उत्पादों पर खुदरा कीमतों, कर दरों और सब्सिडी को समायोजित करने से तेल-गैस क्षेत्र में सब्सिडी कम हुई है।
बता दें कि इसका उद्देश्य पेट्रोल-डीजल सब्सिडी को धीरे-धीरे खत्म करना और करों में वृद्धि करना था। इससे नवीकरणीय ऊर्जा पहल, ई-वाहनों व बिजली इन्फ्रास्ट्रक्चर में अधिक सरकारी समर्थन के लिए राजकोषीय गुंजाइश बनी।
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एमएनआरई ने जारी किया बयान
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने एशियाई विकास बैंक (एडीबी) की रिपोर्ट के आधार पर कहा, 2010 के बाद से भारत ने हटाओ, लक्ष्य और बदलाव दृष्टिकोण अपनाते हुए जीवाश्म ईंधन सब्सिडी में सुधार किया है। चुनिंदा पेट्रोलियम उत्पादों पर खुदरा कीमतों, कर दरों और सब्सिडी को समायोजित करने से तेल-गैस क्षेत्र में सब्सिडी कम हुई है।
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बता दें कि इसका उद्देश्य पेट्रोल-डीजल सब्सिडी को धीरे-धीरे खत्म करना और करों में वृद्धि करना था। इससे नवीकरणीय ऊर्जा पहल, ई-वाहनों व बिजली इन्फ्रास्ट्रक्चर में अधिक सरकारी समर्थन के लिए राजकोषीय गुंजाइश बनी।
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