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RBI: खुदरा महंगाई घटने से रेपो दर में तीसरी बार कटौती की बढ़ी उम्मीद, जून की MPC बैठक पर टिकी निगाहें
Wed, 16 Apr 2025 06:15 AM IST
निर्मल कांत
ब्यूरो, नई दिल्ली।
ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 16 Apr 2025 06:15 AM IST
सार
RBI: खुदरा महंगाई घटने से रेपो दर में तीसरी बार कटौती की बढ़ी उम्मीद, जून की MPC बैठक पर टिकी निगाहें
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भारतीय रिजर्व बैंक
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
खुदरा महंगाई के मार्च, 2025 में घटकर करीब छह साल के निचले स्तर पर आने से रेपो दर में लगातार तीसरी बार कटौती की उम्मीद बढ़ी है। आरबीआई फरवरी, 2025 से अब तक रेपो दर दो बार में 0.50 फीसदी घटा चुका है। इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतें घटने से मार्च में खुदरा महंगाई में क्रमिक आधार पर तेज गिरावट आई है। दूसरे अग्रिम अनुमान के तहत 2024-25 में रिकॉर्ड कृषि उत्पादन होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, हमारा मानना है कि आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की होने वाली अगली तीन बैठकों में प्रमुख नीतिगत दर में 0.50 फीसदी की और कटौती हो सकती है। वहीं, मार्च के महंगाई के आंकड़ों ने जून में एमपीसी की होने वाली अगली बैठक में रेपो दर में 0.25 फीसदी की कटौती की उम्मीद बढ़ाई है।
तेलंगाना में दर सबसे कम, यूपी में 3.01 फीसदी
राज्यों के लिहाज से तेलंगाना में खुदरा महंगाई की दर सबसे कम 1.06 फीसदी और केरल में सबसे अधिक 6.59 फीसदी रही। दिल्ली में यह 1.48 फीसदी, उत्तर प्रदेश में 3.01 फीसदी, हिमाचल प्रदेश में 3.20 फीसदी, पंजाब में 3.65 फीसदी, उत्तराखंड में 3.78 फीसदी, हरियाणा में 3.81 फीसदी और जम्मू-कश्मीर में 4 फीसदी रही।
ये भी पढ़ें: रिपोर्ट: भारत में 2047 तक तीन-चार गुना बढ़ जाएगी फलों-सब्जियों और पशु उत्पादों की मांग, खेती की जमीन घटेगी
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इन उत्पादों की घटी कीमत
फल और ईंधन समेत इन वस्तुओं की बढ़ी महंगाई: फल, तेल-वसा, चीनी, मसाले, तैयार खाना, ईंधन-बिजली, हाउसिंग, स्वास्थ्य, शिक्षा, यातायात और पान-तंबाकू के दाम फरवरी की तुलना में बढ़े हैं।
ये भी पढ़ें: सियाम के आंकड़े: यात्री वाहनों की बिक्री रिकॉर्ड 43 लाख पार, ईवी पंजीकरण 16.9 फीसदी बढ़ा
अदरक और टमाटर के दाम सबसे ज्यादा घटे
राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय के मुताबिक, सालाना आधार पर अदरक समेत पांच वस्तुओं की कीमतों में सबसे अधिक गिरावट आई है। अदरक की महंगाई सबसे ज्यादा 38.11 फीसदी घटी है। टमाटर की कीमतों में 34.96 फीसदी, गोभी में 25.99 फीसदी, जीरा में 25.86 फीसदी और लहसुन में 25.22 फीसदी गिरावट।
खाद्य तेल की कीमतें अब भी चिंता का विषय
केयरएज रेटिंग्स की मुख्य अर्थशास्त्री रजनी सिन्हा ने कहा, खाद्य तेल की कीमतें अब भी चिंता का कारण बनी हुई है। इसके बावजूद आगामी महीनों में खाद्य महंगाई दायरे में रहेगी।
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तेलंगाना में दर सबसे कम, यूपी में 3.01 फीसदी
राज्यों के लिहाज से तेलंगाना में खुदरा महंगाई की दर सबसे कम 1.06 फीसदी और केरल में सबसे अधिक 6.59 फीसदी रही। दिल्ली में यह 1.48 फीसदी, उत्तर प्रदेश में 3.01 फीसदी, हिमाचल प्रदेश में 3.20 फीसदी, पंजाब में 3.65 फीसदी, उत्तराखंड में 3.78 फीसदी, हरियाणा में 3.81 फीसदी और जम्मू-कश्मीर में 4 फीसदी रही।
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इन उत्पादों की घटी कीमत
फल और ईंधन समेत इन वस्तुओं की बढ़ी महंगाई: फल, तेल-वसा, चीनी, मसाले, तैयार खाना, ईंधन-बिजली, हाउसिंग, स्वास्थ्य, शिक्षा, यातायात और पान-तंबाकू के दाम फरवरी की तुलना में बढ़े हैं।
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अदरक और टमाटर के दाम सबसे ज्यादा घटे
राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय के मुताबिक, सालाना आधार पर अदरक समेत पांच वस्तुओं की कीमतों में सबसे अधिक गिरावट आई है। अदरक की महंगाई सबसे ज्यादा 38.11 फीसदी घटी है। टमाटर की कीमतों में 34.96 फीसदी, गोभी में 25.99 फीसदी, जीरा में 25.86 फीसदी और लहसुन में 25.22 फीसदी गिरावट।
खाद्य तेल की कीमतें अब भी चिंता का विषय
केयरएज रेटिंग्स की मुख्य अर्थशास्त्री रजनी सिन्हा ने कहा, खाद्य तेल की कीमतें अब भी चिंता का कारण बनी हुई है। इसके बावजूद आगामी महीनों में खाद्य महंगाई दायरे में रहेगी।