{"_id":"6595ff34b92339ba0c003865","slug":"home-loan-can-become-cheaper-by-1-25-percent-get-relief-due-to-low-inflation-rates-may-be-reduced-from-june-2024-01-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Home Loan: 1.25 फीसदी तक सस्ता हो सकता है कर्ज, मिलेगी राहत, महंगाई कम होने से जून से हो सकती है दरों में कमी","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
Home Loan: 1.25 फीसदी तक सस्ता हो सकता है कर्ज, मिलेगी राहत, महंगाई कम होने से जून से हो सकती है दरों में कमी
Thu, 04 Jan 2024 06:13 AM IST
यशोधन शर्मा
अजीत सिंह, नई दिल्ली
अजीत सिंह, नई दिल्ली
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Thu, 04 Jan 2024 06:13 AM IST
सार
बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एमडी आरए राजीव कहते हैं कि दरों में कमी शुरू हो चुकी है। केनरा बैंक के कार्यकारी निदेशक भावेंद्र कुमार कहते हैं कि दरों में कटौती शुरू हो चुकी है व कुछ बैंकों ने शुरुआत कर दी है। विश्लेषकों का मानना है कि जब दरों में लगातार वृद्धि हो रही थी, तब से खुदरा महंगाई दर में कमी आई है।
विज्ञापन
होम लोन
- फोटो : istock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
होम लोन लेने वालों के लिए इस साल अच्छी खबर हो सकती है। ब्याज दरों में 0.50 से 1.25 फीसदी तक की कटौती की उम्मीद है। इससे वर्तमान और नए कर्ज लेने वाले ग्राहकों को फायदा होगा। 2022-23 में ग्राहकों की किस्त में करीब 20 फीसदी वृद्धि हुई थी।
बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एमडी आरए राजीव कहते हैं कि दरों में कमी शुरू हो चुकी है। केनरा बैंक के कार्यकारी निदेशक भावेंद्र कुमार कहते हैं कि दरों में कटौती शुरू हो चुकी है व कुछ बैंकों ने शुरुआत कर दी है। विश्लेषकों का मानना है कि जब दरों में लगातार वृद्धि हो रही थी, तब से खुदरा महंगाई दर में कमी आई है। ऐसे में आरबीआई दूसरी तिमाही या जून या जुलाई में रेपो दर में कटौती शुरू कर देगा। हालांकि, महंगाई आरबीआई के 4 फीसदी के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है, लेकिन आने वाले महीनों में कम होने की उम्मीद है।
2024 में वैश्विक जीडीपी के धीमी रहने की आशंका है। ऐसे में भारत की तेज विकास दर को समर्थन देने को आरबीआई को मौद्रिक नीति आसान बनाने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। दरों में पहली कटौती जून के बाद हो सकती है। 2024 के मध्य तक रेपो दर 6.50 फीसदी पर बनी रहेगी, जिसके बाद इसे 6.25 फीसदी पर लाया जा सकता है।
विज्ञापन
बैंक कुछ समय बाद ही देंगे फायदा
रेपो दर में कटौती भले ही जून या जुलाई में हो, लेकिन बैंक इसका फायदा दो तीन महीने बाद ही देंगे। कुछ बैंक जरूर तुरंत इसका लाभ देंगे, पर ज्यादातर समय लगा देते हैं। कुछ बैंक रेपो दर में कटौती का कुछ हिस्से का ही ग्राहकों को फायदा देते हैं। अन्य बैंक नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए प्रतिस्पर्धी दरों की पेशकश कर सकते हैं।
क्या करें ग्राहक
दर में गिरावट का अधिकतम लाभ पाने के लिए बेहतर होगा कि एक्सटर्नल बेंचमार्क लिंक्ड लेंडिंग रेट (ईबीएलआर) में कर्ज को बदल लें। जिन कर्जदारों ने ईबीएलआर के तहत होम लोन है लिया है उन्हें दर में कमी का सबसे तेज लाभ मिलेगा। ईबीएलआर सीधे रेपो रेट से जुड़ा रहता है इसलिए तुरंत इसका फायदा मिलता है। ईबीएलआर में होम लोन दरें अभी कुछ बैंकों की लगभग 9 फीसदी है, जबकि बेस दर 10.25 फीसदी है।
बैंक ऑफ महाराष्ट्र का कर्ज 0.15 फीसदी सस्ता
बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने खुदरा कर्ज की दरों में 0.15 फीसदी की कटौती की है। नई दर 8.35 फीसदी होगी। इसका फायदा होम लोन, कार लोन और सोने के एवज में कर्ज लेने वालों को होगा। साथ ही प्रक्रिया शुल्क भी शून्य कर दी गई है। बैंक का दावा है कि बैंकिंग उद्योग में उसकी दर सबसे कम है।
एसबीआई एमडी अश्विनी कुमार तिवारी ने कहा कि अगर महंगाई कम रहती है और तरलता में सुधार होता है तो दरों में इस साल कटौती होगी। इसकी शुरुआत 0.25 फीसदी से हो सकती है। वहीं, सेंट्रल बैंक ईडी विवेक वाही ने कहा, 'हमें उम्मीद है कि जून के बाद होम लोन की ब्याज दरों में कटौती शुरू हो सकती है'।
रेपो दर में कई बार होगी कटौती
रेपो दर केवल एक कटौती तक ही सीमित नहीं रहेगी। इस साल कई बार में 0.50 फीसदी से 1.25 फीसदी तक कटौती की उम्मीद है।
विज्ञापन
बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एमडी आरए राजीव कहते हैं कि दरों में कमी शुरू हो चुकी है। केनरा बैंक के कार्यकारी निदेशक भावेंद्र कुमार कहते हैं कि दरों में कटौती शुरू हो चुकी है व कुछ बैंकों ने शुरुआत कर दी है। विश्लेषकों का मानना है कि जब दरों में लगातार वृद्धि हो रही थी, तब से खुदरा महंगाई दर में कमी आई है। ऐसे में आरबीआई दूसरी तिमाही या जून या जुलाई में रेपो दर में कटौती शुरू कर देगा। हालांकि, महंगाई आरबीआई के 4 फीसदी के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है, लेकिन आने वाले महीनों में कम होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
2024 में वैश्विक जीडीपी के धीमी रहने की आशंका है। ऐसे में भारत की तेज विकास दर को समर्थन देने को आरबीआई को मौद्रिक नीति आसान बनाने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। दरों में पहली कटौती जून के बाद हो सकती है। 2024 के मध्य तक रेपो दर 6.50 फीसदी पर बनी रहेगी, जिसके बाद इसे 6.25 फीसदी पर लाया जा सकता है।
विज्ञापन
बैंक कुछ समय बाद ही देंगे फायदा
रेपो दर में कटौती भले ही जून या जुलाई में हो, लेकिन बैंक इसका फायदा दो तीन महीने बाद ही देंगे। कुछ बैंक जरूर तुरंत इसका लाभ देंगे, पर ज्यादातर समय लगा देते हैं। कुछ बैंक रेपो दर में कटौती का कुछ हिस्से का ही ग्राहकों को फायदा देते हैं। अन्य बैंक नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए प्रतिस्पर्धी दरों की पेशकश कर सकते हैं।
क्या करें ग्राहक
दर में गिरावट का अधिकतम लाभ पाने के लिए बेहतर होगा कि एक्सटर्नल बेंचमार्क लिंक्ड लेंडिंग रेट (ईबीएलआर) में कर्ज को बदल लें। जिन कर्जदारों ने ईबीएलआर के तहत होम लोन है लिया है उन्हें दर में कमी का सबसे तेज लाभ मिलेगा। ईबीएलआर सीधे रेपो रेट से जुड़ा रहता है इसलिए तुरंत इसका फायदा मिलता है। ईबीएलआर में होम लोन दरें अभी कुछ बैंकों की लगभग 9 फीसदी है, जबकि बेस दर 10.25 फीसदी है।
बैंक ऑफ महाराष्ट्र का कर्ज 0.15 फीसदी सस्ता
बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने खुदरा कर्ज की दरों में 0.15 फीसदी की कटौती की है। नई दर 8.35 फीसदी होगी। इसका फायदा होम लोन, कार लोन और सोने के एवज में कर्ज लेने वालों को होगा। साथ ही प्रक्रिया शुल्क भी शून्य कर दी गई है। बैंक का दावा है कि बैंकिंग उद्योग में उसकी दर सबसे कम है।
एसबीआई एमडी अश्विनी कुमार तिवारी ने कहा कि अगर महंगाई कम रहती है और तरलता में सुधार होता है तो दरों में इस साल कटौती होगी। इसकी शुरुआत 0.25 फीसदी से हो सकती है। वहीं, सेंट्रल बैंक ईडी विवेक वाही ने कहा, 'हमें उम्मीद है कि जून के बाद होम लोन की ब्याज दरों में कटौती शुरू हो सकती है'।
रेपो दर में कई बार होगी कटौती
रेपो दर केवल एक कटौती तक ही सीमित नहीं रहेगी। इस साल कई बार में 0.50 फीसदी से 1.25 फीसदी तक कटौती की उम्मीद है।